कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक कर दिया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज से वे अपना मोबाइल नंबर +91 81304 09494 उपयोग नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने अपना आधिकारिक एक्स अकाउंट अब निजी इस्तेमाल के बजाय कार्यालय के संचालन के लिए सौंप दिया है।
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भोपाल में सेना भर्ती रैली: 28 जुलाई से शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया
भोपाल में 28 जुलाई से सेना भर्ती रैली शुरू होने जा रही है, जिसमें मध्य प्रदेश के 15 जिलों के युवा हिस्सा ले सकेंगे। यह भर्ती रैली नाथू बरखेड़ा के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित की जाएगी और 8 अगस्त तक चलेगी। भर्ती प्रक्रिया में अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी और अग्निवीर ट्रेड्समैन के पदों पर भर्ती की जाएगी।
बाबा के झांसे में आया पिता, गड़े धन के लिए नाबालिग बेटी की दे दी बलि
पुलिस के मुताबिक पूरी घटना पूर्णिमा की रात हुई थी। आरोपी को एक कथित बाबा ने खेत की मेड़ में गड़ा धन होने का लालच दिया था। इसी लालच में वह अपनी बेटी को लेकर खेत पहुंचा था। खेत में बाबा और उसका एक साथी पहले से ही मौजूद थे। बताया जा रहा है कि अनुष्ठान के नाम पर पहले बच्ची की डंडे से पिटाई की गई थी। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
साइबर ठगी का नया खतरनाक रूप: महिलाओं की आवाज में लोगों को फंसा रहे ठग
ग्वालियर और पूरे मध्यप्रदेश में साइबर ठगों का एक नया और बेहद खतरनाक रूप देखने को मिल रहा है। इसे पुलिस अधिकारी डिजिटल हनी ट्रैप कह रहे हैं। ठग अब लोगों को फंसाने के लिए फर्जी वेबसाइट से आगे बढ़कर महिलाओं की मीठी आवाज का सहारा ले रहे हैं। वे फोन पर बहुत प्यार से बात करते हैं और घर बैठे मोटा मुनाफा कमाने का लालच देते हैं।
मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फैसला, 460 अधिकारियों को पदोन्नति
मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिसमें 460 अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है। यह फैसला राजस्व विभाग द्वारा लिया गया है, जिसमें 381 नायब तहसीलदारों को तहसीलदार बनाया गया है। इसके अलावा, 79 अधीक्षक भू अभिलेख को तहसीलदार पद पर पदोन्नत किया गया है। यह पदोन्नति मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम, 1961 के तहत की गई है और यह माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अधीन होगी।
एमपी में नाबालिगों के घर छोड़ने की घटनाएं बढ़ीं
ग्वालियर में बच्चों के घर छोड़ने की घटनाएं अब आम होने लगी हैं। ज्यादातर मामलों में वजह बहुत छोटी होती है। मां ने मोबाइल चलाने पर डांटा। पिता ने पढ़ाई पर ध्यान न देने की बात कही। बस इतनी सी बात पर बच्चे गुस्से में घर से निकल जाते हैं। पुलिस के आंकड़े इस बढ़ती समस्या को साफ दिखाते हैं। डेढ़ साल में औसतन हर महीने 33 बच्चे घर छोड़ रहे हैं। यह आंकड़ा हर परिवार के लिए चिंता की बात है। मोबाइल और सोशल साइट्स बच्चों को परिवार से दूर ले जा रहे हैं।
एमपी में ई-रिक्शा की मनमानी पर लगेगी लगाम, इंदौर मॉडल होगा लागू
मध्यप्रदेश में ई-रिक्शा बिना परमिट के मनमाने तरीके से चल रहे हैं। सरकार अब इंदौर मॉडल पूरे प्रदेश में लागू करने जा रही है। परिवहन विभाग ने नई नीति का ड्राफ्ट शासन को भेज दिया है। इसके तहत जिला कलेक्टर को रूट और संख्या तय करने का अधिकार मिलेगा। जबलपुर हाईकोर्ट में भी इस मामले पर सरकार को नोटिस जारी हुआ है।

