ओबीसी आरक्षण: कांग्रेस-सपा का 20 जुलाई को विधानसभा घेराव

ओबीसी महासभा ने 20 जुलाई को विधानसभा के बाहर घेराव का आह्वान किया है, जिसमें कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने समर्थन दिया है। यह घेराव 27% ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह लागू करने और 13% आरक्षण पर लगे होल्ड को हटाने की मांग के लिए है।

(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)।
ओबीसी महासभा ने 20 जुलाई को विधानसभा के बाहर घेराव का आह्वान किया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने समर्थन दिया है। यह घेराव 27% ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह लागू करने और 13% आरक्षण पर लगे होल्ड को हटाने की मांग के लिए है। ओबीसी वर्ग के लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है। यह आंदोलन एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

ओबीसी आरक्षण की मांग

ओबीसी महासभा ने 20 जुलाई को विधानसभा के बाहर घेराव का आह्वान किया है। यह घेराव 27% ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह लागू करने और 13% आरक्षण पर लगे होल्ड को हटाने की मांग के लिए है।

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने समर्थन दिया है। ओबीसी वर्ग के लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है। यह आंदोलन एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

ओबीसी आरक्षण का इतिहास

मार्च 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने ओबीसी आरक्षण बढ़ाया। सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण 14 से 27 प्रतिशत किया गया।

सरकार ने ओबीसी आबादी को इसका आधार बताया था। सरकार के अनुसार प्रदेश में ओबीसी आबादी 48 प्रतिशत से अधिक है।

ओबीसी आरक्षण की मांग और आंदोलन

ओबीसी महासभा का यह घेराव भोपाल में विधानसभा के बाहर होगा। महासभा ने प्रदेशभर के ओबीसी समाज से इसमें शामिल होने की अपील की है।

आयोजकों का लक्ष्य बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ना है। इस आंदोलन के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। ओबीसी समाचार के अनुसार, यह आंदोलन एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है।

  • ओबीसी महासभा ने 20 जुलाई को विधानसभा के बाहर घेराव का आह्वान किया है।
  • कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने समर्थन दिया है।
  • यह घेराव 27% ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह लागू करने और 13% आरक्षण पर लगे होल्ड को हटाने की मांग के लिए है।

ओबीसी आरक्षण का भविष्य

ओबीसी आरक्षण की मांग और आंदोलन के बीच, सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। ओबीसी समाचार के अनुसार, यह आंदोलन एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है।

अब देखना होगा कि सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है। ओबीसी आरक्षण समाचार और मध्य प्रदेश समाचार के अनुसार, यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।