(सौरभ वार्ष्णेय) उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की घोषणा के साथ राज्य के प्रमुख क्षेत्रों अयोध्या,…
Category: अपनी बात
सुप्रीम कोर्ट में पटाखा प्रतिबंध पर सुनवाई, प्रदूषण नियंत्रण की अपील
पटाखों पर प्रतिबंध नहीं, प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी (सौरभ वार्ष्णेय) सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली‑एनसीआर में…
आयुष्मान योजना पर NABH की सख्ती: MP के 65 अस्पतालों पर कार्रवाई, इंदौर के 17 और जबलपुर के 7 अस्पताल सूची से बाहर
(ब्यूरो कार्यालय) भोपाल/इंदौर/जबलपुर (साई)। मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत निरामयम् योजना के तहत इलाज कराने वाले…
सिवनी में रेलवे ओवरब्रिज बिना औपचारिक उद्घाटन के हुआ चालू?
पावरग्रिड की तर्ज पर व्यवस्था पर सवाल, जनप्रतिनिधियों से जनता पूछ रही—सुध कब?
सिवनी में रेलवे ओवरब्रिज अभी चालू नहीं, एंबुलेंस-कार की टक्कर से उठे सुरक्षा पर सवाल
सांसद-विधायक से जनता पूछ रही—कब सुधरेंगे हालात?
भौतिक सुविधाओं की दौड़ में मानसिक सुकून से समझौता क्यों? विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026 पर खुद से पूछें यह सवाल
जिंदगी की रफ्तार बढ़ी, लेकिन सुकून कहां चला गया? (डॉ. प्रितम भि. गेडाम) आज का मनुष्य…
नाना पाटेकर नहीं रहे, लेकिन उनका अभिनय हमेशा जिंदा रहेगा; ‘मुझे सच्ची मारो’ से ‘नटसम्राट’ तक ऐसा था उनका सफर
(सुनील सोनी) पणजिम (साई)। भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसकी पहचान…
लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण जनता का विश्वास, चुनाव पर सवालों का जवाब टकराव नहीं पारदर्शिता से होगा
(सौरभ वार्ष्णेय) भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं हैं। यह…
सुप्रीम कोर्ट की फॉर्म‑6 बदलाव पर सख्त टिप्पणी, चुनाव में पारदर्शिता
Form-6 में बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के क्या हैं राजनीतिक मायने? SIR से लेकर…
सीट नहीं, सियासी जीत की लड़ाई: सपा-कांग्रेस गठबंधन में क्यों जरूरी है विश्वास?
(सौरभ वार्ष्णेय) उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस…
एशियन गेम्स में दुनिया ने देखा भारत की नारी शक्ति का दम, 38 पदक जीतकर बेटियों ने रचा नया इतिहास
(सुश्री निर्मला भूरिया) एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को…
एशियन गेम्स में भारत के सितारों ने चमक दिखाई
विश्वास कैलाश सारंग जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा…
राहुल गांधी का ‘सत्याग्रह’ डिजिटल मंच: क्या बिखरी जनआवाजों को एक राजनीतिक शक्ति में बदल पाएगा?
बिखरी आवाजों को जोड़ने की डिजिटल पहल (सौरभ वार्ष्णेय) लोकतंत्र केवल चुनाव, संसद और सरकारों तक…
दस की कच्ची दो का खारा नारे की याद ताजा कर दी, एक कचौरी दो समोसा ने . . .
साढ़े तीन दशक पहले का घटनाक्रम आज जेहन में हो गया है ताजा . . .…
एक कचौरी, दो समोसा ने दिलाई ‘दस की कच्ची, दो का खारा’ की याद, सिवनी के 37 साल पुराने चुनाव की कहानी फिर चर्चा में
दिल्ली में इन दिनों महिला सुरक्षा और महिलाओं की स्वतंत्रता से जुड़े प्रदर्शनों में एक तुकबंदी…