(ब्यूरो कार्यालय)
सागर (साई)। एमपी के सागर जिले के देवरी इलाके में बंजर जमीन से रत्न निकलने की खबर से ग्रामीणों में खुशी है, ग्रामीणों का दावा है कि ये रत्न 500 साल पुराने हो सकते हैं, इतिहासकारों का मानना है कि इस जगह पर कभी पुरानी बस्ती रही होगी, जिसके अवशेष अब जमीन से बाहर आ रहे हैं, ग्रामीणों को उम्मीद है कि वे इन रत्नों को बेचकर अच्छी कमाई कर सकते हैं
रत्नों की खोज
ग्रामीणों ने बताया कि वे सुबह से ही इस जमीन पर पहुंच जाते हैं और मिट्टी खंगालते हैं, उन्हें उम्मीद है कि वे रत्न निकाल सकेंगे
ग्रामीणों का दावा है कि एक रत्न की कीमत 25 हजार रुपये तक बताई जा रही है, यही वजह है कि वे इस जमीन पर पहुंचकर मिट्टी खंगाल रहे हैं
इतिहासकारों की राय
इतिहासकारों का मानना है कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है, उन्होंने बताया कि यहां करीब 500 साल पहले कोई बस्ती रही होगी
उनका कहना है कि वैज्ञानिक भाषा में रत्नों को ‘मनका’ कहा जाता है, इनका इस्तेमाल आभूषण बनाने में किया जाता था
रत्नों की कीमत
ग्रामीणों का दावा है कि एक रत्न की कीमत 25 हजार रुपये तक बताई जा रही है, यही वजह है कि वे इस जमीन पर पहुंचकर मिट्टी खंगाल रहे हैं
उनका कहना है कि वे इन रत्नों को बेचकर अच्छी कमाई कर सकते हैं, यही वजह है कि वे इस जमीन पर पहुंचकर मिट्टी खंगाल रहे हैं
- रत्नों की कीमत 25 हजार रुपये तक बताई जा रही है
- ग्रामीणों का दावा है कि वे इन रत्नों को बेचकर अच्छी कमाई कर सकते हैं
- इतिहासकारों का मानना है कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है
निष्कर्ष
ग्रामीणों को उम्मीद है कि वे इन रत्नों को बेचकर अच्छी कमाई कर सकते हैं, यही वजह है कि वे इस जमीन पर पहुंचकर मिट्टी खंगाल रहे हैं
उनका कहना है कि वे इन रत्नों को बेचकर अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं, यही वजह है कि वे इस जमीन पर पहुंचकर मिट्टी खंगाल रहे हैं