मध्य प्रदेश में हनी ट्रैप की पटकथा

मध्य प्रदेश में राजनीति और अफसरशाही में बहुत कुछ होता है, लेकिन इस बार हनी ट्रैप की पटकथा चर्चा में आ गई है। मंत्री महोदया ने अपनी बात रखने के लिए जो तरीके अपनाए हैं, उनकी खूब चर्चा हो रही है। उधर, मंत्रालय में फिर एक धाकड़ ठेकेदार की धमक महसूस की जा रही है। सबसे खास तो यह है कि विकास-मिकास की बातें छोड़िए…सूबे में फिर हनी-ट्रैप की चर्चा है। पर्दे के पीछे पूरी पटकथा लिखी जा रही है।

(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)।
मध्य प्रदेश में हनी ट्रैप की पटकथा चर्चा में आ गई है। मंत्री महोदया ने अपनी बात रखने के लिए जो तरीके अपनाए हैं, उनकी खूब चर्चा हो रही है। उधर, मंत्रालय में फिर एक धाकड़ ठेकेदार की धमक महसूस की जा रही है। सबसे खास तो यह है कि विकास-मिकास की बातें छोड़िए…सूबे में फिर हनी-ट्रैप की चर्चा है। पर्दे के पीछे पूरी पटकथा लिखी जा रही है। इसके अलावा, सड़क बनाने वाले विभाग के प्रमुख सचिव अपने ही मातहतों के भरोसे ऐसी चूक कर बैठे हैं कि बड़े साहब के सामने किरकिरी हो गई। दरअसल, सरकार के प्रमोशन अभियान के तहत विभागीय पदोन्न्ति समिति की बैठक में चीफ इंजीनियरों के प्रमोशन का मामला पहुंचा था।

मंत्री महोदया की प्रयोगशाला

मंत्री महोदया ने अपनी बात रखने के लिए जो तरीके अपनाए हैं, उनकी खूब चर्चा हो रही है। उधर, मंत्रालय में फिर एक धाकड़ ठेकेदार की धमक महसूस की जा रही है। सबसे खास तो यह है कि विकास-मिकास की बातें छोड़िए…सूबे में फिर हनी-ट्रैप की चर्चा है।

पर्दे के पीछे पूरी पटकथा लिखी जा रही है। इसके अलावा, सड़क बनाने वाले विभाग के प्रमुख सचिव अपने ही मातहतों के भरोसे ऐसी चूक कर बैठे हैं कि बड़े साहब के सामने किरकिरी हो गई।

धाकड़ ठेकेदार की धमक

मंत्रालय में फिर एक धाकड़ ठेकेदार की धमक महसूस की जा रही है। खबर है कि मंत्री और अफसरों की मेहरबानी से करीब 250 करोड़ रुपए का टेंडर नियमों को धता बताते हुए उसकी झोली में डाल दिया गया है।

इस टेंडर फाइल में इतने छेद हैं कि पहली नजर में दिखाई दे जाएं, पर शिकायतें बड़े साहब से लेकर जांच एजेंसियों तक पहुंचने के बावजूद किसी ने फाइल पलटकर देखने की जहमत नहीं उठाई है।

हनी ट्रैप की पटकथा

प्रदेश में जल्द ही हनी ट्रैप-3 की पटकथा चर्चा में आ सकती है। पहला अध्याय कमलनाथ सरकार के दौर में भोपाल और सागर की हसीनाओं ने लिखा था। दूसरा अध्याय डॉक्टर साहब की सरकार में दिल्ली की रेशु के नाम रहा है।

अब तीसरी किस्त की हीरोइन मुंबई से ताल्लुक रखती है। उसकी अदाओं पर मंत्रालय, पीएचक्यू और मैदान में तैनात कई आईएएस-आईपीएस अफसर फिदा हैं।

  • पहला अध्याय कमलनाथ सरकार के दौर में भोपाल और सागर की हसीनाओं ने लिखा था।
  • दूसरा अध्याय डॉक्टर साहब की सरकार में दिल्ली की रेशु के नाम रहा है।
  • अब तीसरी किस्त की हीरोइन मुंबई से ताल्लुक रखती है।

मध्य प्रदेश में हनी ट्रैप की पटकथा चर्चा में आ गई है। मंत्री महोदया ने अपनी बात रखने के लिए जो तरीके अपनाए हैं, उनकी खूब चर्चा हो रही है।

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