एक ही एग से बनीं चार एक जैसी बच्चियां, बिना IVF हुआ दुनिया का बेहद दुर्लभ जन्म; डॉक्टर भी हैरान

ऑस्ट्रेलिया में एक 34 वर्षीय महिला ने बिना IVF या किसी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के एक ही निषेचित अंडे से बने चार एक जैसे दिखने वाले बच्चियों को जन्म दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, मोनोजाइगोटिक क्वाड्रुपलेट्स का जन्म करीब 1.5 करोड़ गर्भधारण में एक बार होने वाली बेहद दुर्लभ घटना है। चारों बच्चियों ने एक ही प्लेसेंटा साझा किया और 28 सप्ताह 4 दिन की गर्भावस्था के बाद सिजेरियन डिलीवरी से जन्म लिया। यह मामला मेडिकल विशेषज्ञों के लिए इसलिए भी असाधारण है क्योंकि ऐसी गर्भावस्था में मां और बच्चों दोनों के लिए गंभीर जोखिम बेहद अधिक होता है।

(ब्यूरो कार्यालय)

नई दिल्ली (साई)।ऑस्ट्रेलिया में एक ऐसी दुर्लभ घटना सामने आई है, जिसने मेडिकल विशेषज्ञों और आम लोगों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यहां 34 वर्षीय महिला जेनिटर साउ ना’आमोआना ने बिना IVF या किसी अन्य फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के चार एक जैसी दिखने वाली बच्चियों को जन्म दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, ये चारों बच्चियां मोनोजाइगोटिक क्वाड्रुपलेट्स हैं, यानी एक ही निषेचित अंडे से विकसित हुईं।

चारों बच्चियों का जन्म 14 जुलाई 2026 को ऑस्ट्रेलिया के रॉयल ब्रिस्बेन एंड विमेंस हॉस्पिटल में सिजेरियन सेक्शन के जरिए हुआ। डिलीवरी के समय गर्भावस्था 28 सप्ताह और 4 दिन की थी। समय से पहले जन्म के बावजूद अस्पताल के अनुसार चारों बच्चियां अच्छा कर रही हैं और नवजात गहन चिकित्सा इकाई यानी NICU में विशेषज्ञों की निगरानी में हैं।

एक ही निषेचित अंडे से चार भ्रूण कैसे बने?

आम तौर पर गर्भधारण के दौरान एक अंडाणु और एक शुक्राणु के मिलन से एक निषेचित अंडा बनता है। कई बार यह निषेचित अंडा दो हिस्सों में विभाजित होकर समान जुड़वां बच्चों का रूप ले सकता है। लेकिन इस मामले में यही प्रक्रिया असाधारण रूप से आगे बढ़ी और एक ही निषेचित अंडा चार भ्रूणों में विभाजित हो गया।

इसी कारण चारों बच्चियां आनुवंशिक रूप से एक जैसी हैं और उनके चेहरे-मोहरे भी एक-दूसरे से बेहद मिलते-जुलते हैं। चिकित्सा विज्ञान में ऐसे बच्चों को मोनोजाइगोटिक क्वाड्रुपलेट्स कहा जाता है।

यह सामान्य चार बच्चों वाली गर्भावस्था से अलग स्थिति है। आम क्वाड्रुपलेट्स में अलग-अलग अंडाणु और शुक्राणु के संयोजन से चार भ्रूण बन सकते हैं। लेकिन यहां चारों भ्रूणों की शुरुआत एक ही निषेचित अंडे से हुई।

1.5करोड़ गर्भधारण में एक बार होने वाली घटना

गर्भावस्था की देखभाल करने वाली मातृ-भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञ और ऑब्सटेट्रिशियन डॉ. एलेक्सा बेंडॉल के अनुसार, मोनोजाइगोटिक क्वाड्रुपलेट्स की संभावना लगभग 1.5करोड़ गर्भधारण में एक मानी जाती है।

इस मामले की दुर्लभता केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि चारों बच्चियां एक जैसे हैं। अस्पताल के अनुसार, चारों बच्चियों ने एक ही प्लेसेंटा साझा किया। विशेषज्ञों ने इसे बेहद असाधारण स्थिति बताया है।

प्लेसेंटा गर्भावस्था के दौरान भ्रूणों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब कई भ्रूण एक ही प्लेसेंटा साझा करते हैं, तो उनके बीच रक्त प्रवाह और पोषण को लेकर गंभीर जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।

यही कारण है कि ऐसी गर्भावस्था में सामान्य गर्भावस्था की तुलना में कहीं अधिक सतर्क निगरानी की आवश्यकता होती है।

पहले से चार बच्चों की मां हैं जेनिटर

जेनिटर ना’आमोआना और उनके पति जोर्थम पहले से ही चार बच्चों के माता-पिता हैं। उनके पहले बच्चों की उम्र लगभग एक से दस वर्ष के बीच है। दंपती ने इस गर्भावस्था की योजना नहीं बनाई थी और जब डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि वे एक साथ चार बच्चों के माता-पिता बनने वाले हैं, तो दोनों के लिए यह खबर बेहद चौंकाने वाली थी।

एक ही गर्भावस्था में चार बच्चों का होना अपने आप में चुनौतीपूर्ण होता है। लेकिन जब चारों भ्रूण एक ही निषेचित अंडे से विकसित हों और एक ही प्लेसेंटा साझा कर रहे हों, तो मेडिकल जोखिम और भी बढ़ जाता है।

डॉक्टरों ने गर्भावस्था की शुरुआत से ही जेनिटर की लगातार निगरानी की। डॉ. बेंडॉल ने उन्हें गर्भावस्था के लगभग 10वें सप्ताह से देखना शुरू किया था। सोनोग्राफी और अन्य चिकित्सकीय जांच नियमित रूप से की जाती रहीं ताकि बच्चों के विकास और प्लेसेंटा की स्थिति पर नजर रखी जा सके।

25वें सप्ताह में अस्पताल में भर्ती किया गया

डॉक्टरों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान जेनिटर को 25वें सप्ताह में अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, उनका गर्भाशय ग्रीवा यानी सर्विक्स छोटा हो गया था, जिससे समय से पहले प्रसव का खतरा बढ़ गया था।

मोनोजाइगोटिक क्वाड्रुपलेट गर्भावस्था में पहले से ही कई जोखिम मौजूद होते हैं। ऐसे में समय से पहले प्रसव की आशंका स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना सकती है।

डॉक्टरों की टीम का मुख्य लक्ष्य गर्भावस्था को अधिक से अधिक समय तक सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाना था, ताकि बच्चियों को गर्भ में विकास के लिए अतिरिक्त समय मिल सके। डॉ. बेंडॉल ने कहा कि टीम के लिए 28 सप्ताह तक गर्भावस्था को पहुंचाना एक महत्वपूर्ण लक्ष्य था।

28सप्ताह और4दिन पर हुआ सिजेरियन

14 जुलाई 2026 को 28 सप्ताह और 4 दिन की गर्भावस्था के बाद चारों बच्चियों का सिजेरियन सेक्शन से जन्म हुआ।

समय से पहले जन्म लेने के कारण बच्चियों को विशेष नवजात देखभाल की आवश्यकता है। उन्हें अस्पताल की नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ उनकी सांस, वजन, पोषण और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

अस्पताल के अनुसार, चारों बच्चियां फिलहाल अच्छा कर रही हैं और उन्हें धीरे-धीरे पूर्ण अवधि के नवजात शिशुओं के स्तर तक विकसित होने के लिए विशेषज्ञ देखभाल दी जा रही है।

एक ही प्लेसेंटा साझा करना क्यों है इतना जोखिम भरा?

गर्भावस्था में प्लेसेंटा मां और भ्रूण के बीच जीवनदायी कड़ी का काम करता है। इसके जरिए भ्रूणों को ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं।

जब एक ही प्लेसेंटा को कई भ्रूण साझा करते हैं, तो रक्त प्रवाह के वितरण में असंतुलन पैदा हो सकता है। ऐसी स्थिति में किसी एक या अधिक भ्रूण के विकास पर असर पड़ सकता है।

चार भ्रूणों द्वारा एक ही प्लेसेंटा साझा करना अत्यंत जटिल स्थिति है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में:

  • भ्रूणों के विकास में असमानता हो सकती है।
  • प्लेसेंटा में रक्त वाहिकाओं के बीच असामान्य संबंध बन सकते हैं।
  • रक्त प्रवाह में असंतुलन का खतरा बढ़ सकता है।
  • समय से पहले प्रसव की संभावना अधिक हो सकती है।
  • मां के लिए भी गर्भावस्था और प्रसव से जुड़े जोखिम बढ़ सकते हैं।

डॉ. बेंडॉल के अनुसार, इस तरह की गर्भावस्था में मां और बच्चों दोनों के लिए गंभीर जटिलताओं का खतरा रहता है। इसीलिए 28 सप्ताह और 4 दिन तक गर्भावस्था को सुरक्षित रूप से पहुंचाना मेडिकल टीम के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

डॉक्टरों ने इसे बेहद दुर्लभ मेडिकल घटना बताया

डॉ. एलेक्सा बेंडॉल ने इस गर्भावस्था को बेहद असाधारण बताया है। अस्पताल के अनुसार, यह स्वतः गर्भधारण से बनी इस तरह की क्वाड्रुपलेट गर्भावस्था का उसके लिए एक अभूतपूर्व मामला है।

मेडिकल टीम के लिए चुनौती केवल चार बच्चों की देखभाल करना नहीं थी, बल्कि चार ऐसे भ्रूणों की निगरानी करना था जो एक ही निषेचित अंडे से बने थे और एक ही प्लेसेंटा साझा कर रहे थे।

इस तरह के मामलों में गर्भावस्था की प्रत्येक जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। भ्रूणों का विकास, रक्त प्रवाह, प्लेसेंटा की स्थिति और मां के स्वास्थ्य की लगातार समीक्षा करनी पड़ती है।

यह मामलाIVFसे जुड़ा क्यों नहीं है?

आजकल कई लोगों को लगता है कि चार या उससे अधिक बच्चों वाली गर्भावस्था सामान्य रूप से केवल फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के बाद ही संभव होती है। हालांकि, इस मामले में जेनिटर ने किसी IVF या अन्य फर्टिलिटी उपचार का इस्तेमाल नहीं किया था।

यह गर्भावस्था स्वाभाविक रूप से हुई। इसके बाद एक ही निषेचित अंडा चार भ्रूणों में विभाजित हो गया। यही वजह है कि मेडिकल विशेषज्ञ इस घटना को इतना दुर्लभ मान रहे हैं।

यह घटना यह भी दिखाती है कि मानव प्रजनन की जैविक प्रक्रियाओं में कभी-कभी ऐसी असाधारण घटनाएं हो सकती हैं, जिनकी संभावना बेहद कम होती है।

परिवार के लिए बदली जिंदगी की पूरी तस्वीर

चार नए बच्चों के जन्म के साथ जेनिटर और जोर्थम का परिवार अब आठ बच्चों का हो गया है। हालांकि, बच्चियों के जन्म के बाद परिवार के सामने कई व्यावहारिक चुनौतियां भी हैं।

चार नवजातों की देखभाल, अस्पताल में लंबा समय, चिकित्सा जरूरतें और घर लौटने के बाद की व्यवस्थाएं परिवार के लिए बड़ी जिम्मेदारी होंगी। खासतौर पर समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों को अस्पताल से छुट्टी मिलने तक विशेष देखभाल की आवश्यकता हो सकती है।

इस घटना ने बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। परिवार के लिए सार्वजनिक समर्थन भी सामने आया है, जबकि बच्चियों की स्वास्थ्य स्थिति और आगे की देखभाल पर लगातार नजर रखी जा रही है।

मेडिकल दुनिया के लिए इस घटना का महत्व

ऐसे दुर्लभ मामलों का महत्व केवल इसलिए नहीं होता कि वे लोगों को आश्चर्यचकित करते हैं। ये घटनाएं चिकित्सा विशेषज्ञों को मानव गर्भावस्था, भ्रूण विकास और प्लेसेंटा से जुड़ी जटिलताओं को समझने का अवसर भी देती हैं।

मोनोजाइगोटिक क्वाड्रुपलेट्स का मामला डॉक्टरों के लिए कई सवालों और अध्ययन के अवसर पैदा करता है। एक ही निषेचित अंडे का चार भ्रूणों में विभाजन कैसे हुआ, चारों भ्रूणों का विकास किस तरह हुआ और एक ही प्लेसेंटा ने चारों के लिए किस प्रकार काम किया—ये सभी पहलू चिकित्सा दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

हालांकि, इस एक घटना के आधार पर किसी व्यापक निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिर भी, ऐसे दुर्लभ मामले चिकित्सा ज्ञान और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की निगरानी को बेहतर समझने में योगदान दे सकते हैं।

आगे क्या होगा?

अभी चारों बच्चियां नवजात गहन चिकित्सा इकाई में चिकित्सकीय निगरानी में हैं। समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों को आमतौर पर अस्पताल में तब तक रखा जाता है जब तक वे स्वतंत्र रूप से सांस लेने, पर्याप्त पोषण लेने और शरीर का तापमान बनाए रखने में सक्षम न हो जाएं।

इस परिवार के लिए आने वाले सप्ताह महत्वपूर्ण होंगे। बच्चियों के विकास, वजन बढ़ने और स्वास्थ्य स्थिति की लगातार निगरानी की जाएगी।

मेडिकल टीम के लिए भी यह मामला चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण बना रहेगा, क्योंकि चारों बच्चियों को एक साथ विशेष देखभाल की आवश्यकता है।

ऑस्ट्रेलिया में चार एक जैसी दिखने वाली बच्चियों का प्राकृतिक रूप से जन्म लेना मेडिकल दुनिया की सबसे दुर्लभ घटनाओं में से एक के रूप में सामने आया है। एक ही निषेचित अंडे से विकसित हुईं इन मोनोजाइगोटिक क्वाड्रुपलेट्स ने मानव प्रजनन की जटिलता और दुर्लभ संभावनाओं को फिर से चर्चा में ला दिया है।

सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि चारों बच्चियां एक ही प्लेसेंटा साझा कर रही थीं और गर्भावस्था में गंभीर जोखिम मौजूद थे। इसके बावजूद, विशेषज्ञों की लगातार निगरानी और चिकित्सा देखभाल के बीच 28 सप्ताह और 4 दिन पर चारों बच्चियों का जन्म हुआ और अस्पताल के अनुसार वे अच्छा कर रही हैं।

जेनिटर और जोर्थम ना’आमोआना के लिए यह अनुभव निश्चित रूप से असाधारण है—एक ऐसा परिवार जो पहले से चार बच्चों का पालन-पोषण कर रहा था, अब चार और नवजात बच्चियों के साथ आठ बच्चों का परिवार बन चुका है। यह घटना जहां चिकित्सा विज्ञान के लिए दुर्लभ अध्ययन का विषय है, वहीं परिवार के लिए जीवन बदल देने वाला अनुभव भी है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि चारों बच्चियां विशेषज्ञों की निगरानी में स्वस्थ होकर आगे बढ़ें।