(ब्यूरो कार्यालय)
मुंबई (साई)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का समर्थन किया है। भागवत ने जेन जेड और जेन अल्फा के साथ बातचीत में कहा था कि युवा पीढ़ी अधिक प्रश्न पूछने और तर्कसंगत उत्तर चाहने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को विरोध प्रदर्शन करने वाले को ‘राष्ट्र विरोधी’ नहीं कहा जाना चाहिए और उनकी शिकायतें वास्तविक हैं। फडणवीस ने कहा कि भागवत का बयान पूरे देश के हित में है और सभी को इस पर ध्यान देना चाहिए।
मोहन भागवत के बयान पर फडणवीस का समर्थन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भागवत का बयान पूरे देश के हित में है और सभी को इस पर ध्यान देना चाहिए।
फडणवीस ने कहा कि भागवत का बयान किसी एक पार्टी, समूह या संगठन के लिए नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए है। उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख का बयान सभी को ध्यान देना चाहिए और इसका समर्थन करना चाहिए।
जेन जेड और जेन अल्फा पर भागवत के बयान
मोहन भागवत ने जेन जेड और जेन अल्फा के साथ बातचीत में कहा था कि युवा पीढ़ी अधिक प्रश्न पूछने और तर्कसंगत उत्तर चाहने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को विरोध प्रदर्शन करने वाले को ‘राष्ट्र विरोधी’ नहीं कहा जाना चाहिए और उनकी शिकायतें वास्तविक हैं।
भागवत ने कहा कि युवा पीढ़ी को तर्कसंगत उत्तर चाहिए और वे अधिक प्रश्न पूछने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है और उनकी शिकायतें सुननी चाहिए।
भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया
भागवत के बयान पर विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। कुछ ने उनके बयान का समर्थन किया है, जबकि अन्य ने इसकी आलोचना की है।
भाजपा नेता मयनक नायक ने भागवत के बयान का समर्थन किया है और कहा है कि जेन जेड और जेन अल्फा देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- मोहन भागवत ने जेन जेड और जेन अल्फा के साथ बातचीत में कहा कि युवा पीढ़ी अधिक प्रश्न पूछने और तर्कसंगत उत्तर चाहने वाली है।
- उन्होंने कहा कि छात्रों को विरोध प्रदर्शन करने वाले को ‘राष्ट्र विरोधी’ नहीं कहा जाना चाहिए और उनकी शिकायतें वास्तविक हैं।
- भागवत ने कहा कि युवा पीढ़ी को तर्कसंगत उत्तर चाहिए और वे अधिक प्रश्न पूछने वाले हैं।
मोहन भागवत के बयान पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ ने उनके बयान का समर्थन किया है, जबकि अन्य ने इसकी आलोचना की है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि भागवत के बयान का देश के भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा। राजनीतिक समाचार और देश की खबरें के लिए हमारी वेबसाइट पर बने रहें।

कर्नाटक की राजधानी बंग्लुरू में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो के रूप में कार्यरत श्वेता यादव ने नई दिल्ली के एक ख्यातिलब्ध मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट से पोस्ट ग्रेजुएशन की उपाधि लेने के बाद वे पिछले लगभग 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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