दुबई में मध्यप्रदेश के निवेश एजेंडे को मिली नई दिशा
(ब्यूरो कार्यालय)
नई दिल्ली (साई)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई प्रवास के दूसरे दिन मध्यप्रदेश में वैश्विक निवेश को आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 के दौरान मुख्यमंत्री ने रूसी गणराज्य तातारस्तान के प्रमुख महामहिम रुस्तम मिन्निखानोव के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी, यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री तथा विश्व बैंक के डिजिटल एवं एआई मामलों के वाइस प्रेसिडेंट सांगबु किम के साथ भी महत्वपूर्ण संवाद किया।
इन बैठकों का व्यापक फोकस मध्यप्रदेश में निवेश, औद्योगिक साझेदारी, तकनीकी सहयोग, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर रहा।
तातारस्तान के प्रमुख से हुई अहम द्विपक्षीय बैठक
एआईएम कांग्रेस-2026 के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तातारस्तान के प्रमुख रुस्तम मिन्निखानोव के साथ मुलाकात की। बैठक का उद्देश्य मध्यप्रदेश और तातारस्तान के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और मजबूत करना तथा ऐसे क्षेत्रों की पहचान करना रहा, जहां दोनों पक्ष दीर्घकालिक साझेदारी विकसित कर सकें।
मुख्यमंत्री ने तातारस्तान के प्रमुख को मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश संभावनाओं और उद्योगों के लिए उपलब्ध वातावरण की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्हें आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया गया।
तातारस्तान की ओर से इस निमंत्रण का स्वागत किया गया और एक सशक्त निवेशक प्रतिनिधिमंडल के साथ समिट में भाग लेने तथा मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही गई।
यह पहल मध्यप्रदेश और रूस के तातारस्तान क्षेत्र के बीच आर्थिक संबंधों को संस्थागत रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग से पेट्रोकेमिकल्स तक सहयोग पर चर्चा
तातारस्तान के साथ बैठक में कई सेक्टरों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने ऐसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया, जिनमें व्यापारिक सहयोग के साथ संयुक्त निवेश की संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं।
प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं—
- एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग
- पेट्रोकेमिकल्स
- फूड प्रोसेसिंग
- इंजीनियरिंग
- लॉजिस्टिक्स
- कौशल विकास
- कृषि
- इनोवेशन और आधुनिक तकनीक
बैठक में B2B यानी बिजनेस-टू-बिजनेस और G2G यानी गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट स्तर पर दीर्घकालिक सहयोग विकसित करने पर जोर दिया गया।
दोनों पक्षों के बीच बिजनेस मिशन आयोजित करने, संभावित संयुक्त परियोजनाओं की पहचान करने और समन्वय को तेज करने के लिए अधिकृत नोडल अधिकारियों की नियुक्ति पर भी सहमति बनी।
टाइम: रूस-भारत फोरम के लिए मध्यप्रदेश को निमंत्रण
तातारस्तान की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों और मध्यप्रदेश के व्यापारिक प्रतिनिधियों को “टाइम: रूस–भारत” फोरम तथा संबंधित प्रदर्शनी में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया।
यह निमंत्रण मध्यप्रदेश के लिए रूस के साथ आर्थिक और औद्योगिक संबंधों को और आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान कर सकता है। फोरम के माध्यम से प्रदेश के उद्योगों और रूसी क्षेत्र के निवेशकों के बीच संवाद के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री के स्तर पर हुई इस बातचीत में निवेश प्रस्तावों को केवल चर्चा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यावहारिक परियोजनाओं में बदलने पर जोर दिया गया।
यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री से वन-टू-वन बैठक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद ज़ैयौदी के साथ भी उच्चस्तरीय वन-टू-वन बैठक की।
बैठक में भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी India-UAE CEPA के तहत गैर-तेल व्यापार को बढ़ावा देने, उन्नत तकनीक, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और सीमा-पार निवेश के अवसरों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने यूएई के निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश को निवेश के लिए संभावनाशील गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रदेश की रणनीतिक केंद्रीय स्थिति, औद्योगिक भूमि, उपलब्ध बुनियादी ढांचे और प्रतिस्पर्धी लागत जैसे पहलुओं को रेखांकित किया।
निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश की खूबियां बताईं
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख बाजारों तक पहुंच के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थिति रखता है। राज्य में उपलब्ध औद्योगिक आधारभूत संरचना और निवेश संबंधी नीतियों को भी चर्चा का हिस्सा बनाया गया।
मुख्यमंत्री ने राज्य की उद्योग-हितैषी नीतियों तथा सिंगल विंडो व्यवस्था का उल्लेख करते हुए यूएई के निवेशकों को समयबद्ध राज्य स्तरीय सहयोग का भरोसा दिया।
उनके अनुसार मध्यप्रदेश में निवेश के लिए कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां यूएई की कंपनियां और निवेशक दीर्घकालिक परियोजनाओं पर काम कर सकते हैं।
फूड प्रोसेसिंग से EV तक कई क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं
यूएई के साथ बातचीत में निवेश के लिए कई प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को सामने रखा गया। इनमें खासतौर पर फूड प्रोसेसिंग, मत्स्य पालन, एक्वाकल्चर, नवकरणीय ऊर्जा, भंडारण, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने फूड पार्क, कोल्ड चेन, मत्स्य पालन एवं एक्वाकल्चर, हरित ऊर्जा और निर्यात प्लेटफॉर्म विकसित करने में यूएई की भागीदारी का आह्वान किया।
इन क्षेत्रों में निवेश से उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण, भंडारण, लॉजिस्टिक्स और निर्यात से जुड़ी पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने की संभावनाएं बन सकती हैं।
GIS-2027 में यूएई की भागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री को मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाले आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
यूएई की ओर से इस निमंत्रण को स्वीकार करते हुए प्रमुख निवेशकों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सहभागिता का भरोसा दिया गया।
मध्यप्रदेश के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को राज्य में निवेशकों, उद्योग समूहों और सरकार के बीच संवाद के बड़े मंच के रूप में देखा जा रहा है।
तीन महीने में परियोजनाओं की समीक्षा का रोडमैप
यूएई के साथ बैठक में निवेश संबंधी चर्चाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए एक कार्ययोजना पर भी सहमति बनी।
इसके तहत 5 से 10 क्रियान्वयन-तैयार परियोजनाओं की पहचान करने और उनके लिए संयुक्त समीक्षा व्यवस्था विकसित करने की बात कही गई है।
इसके अलावा मध्यप्रदेश-यूएई इन्वेस्टमेंट राउंड टेबल आयोजित करने तथा चयनित परियोजनाओं के लिए समर्पित नोडल अधिकारी नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया।
इन परियोजनाओं की पहली प्रगति समीक्षा तीन महीने के भीतर किए जाने की व्यवस्था पर भी सहमति बनी है।
यह कदम निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है।
विश्व बैंक के साथ AI और डिजिटल परियोजनाओं पर चर्चा
एआईएम कांग्रेस-2026 के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व बैंक के डिजिटल एवं एआई मामलों के वाइस प्रेसिडेंट सांगबु किम और उनकी टीम के साथ भी बैठक की।
बैठक में मध्यप्रदेश में डिजिटल तकनीक के विस्तार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित परियोजनाओं को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
विश्व बैंक की ओर से राज्य सरकार की नीतियों के तहत संचालित AI और डिजिटल गवर्नेंस परियोजनाओं में फंडिंग और वित्तीय सहयोग की संभावनाओं में रुचि व्यक्त की गई।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में उभरती तकनीकों, नवाचार और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण की जानकारी साझा की।
डिजिटल गवर्नेंस को मिल सकती है नई गति
मध्यप्रदेश में प्रशासनिक प्रक्रियाओं, नागरिक सेवाओं और सरकारी योजनाओं में डिजिटल तकनीक के उपयोग की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान के साथ AI और डिजिटल परियोजनाओं पर चर्चा भविष्य की तकनीकी परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
हालांकि, किसी भी परियोजना की वास्तविक प्रगति उसके विस्तृत प्रस्ताव, वित्तीय स्वीकृति और क्रियान्वयन व्यवस्था पर निर्भर करेगी। फिलहाल हुई बातचीत को सहयोग की संभावनाओं के स्तर पर देखा जाना चाहिए।
यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री से भी निवेश पर मंथन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूएई के कैबिनेट सदस्य एवं अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री के साथ भी बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने उन्हें आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया। यूएई के मंत्री ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए होटल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए दुबई से विशेष निवेश प्रतिनिधिमंडल के मध्यप्रदेश दौरे का भरोसा दिया।
यह संभावित दौरा प्रदेश के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
माइनिंग, टेक्सटाइल और पर्यटन पर भी चर्चा
बैठक में माइनिंग, टेक्सटाइल, फॉरेस्ट और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की निवेश संबंधी नीतियों, भूमि स्वामित्व नियमों, श्रम सुधारों और विदेशी निवेशकों के लिए उपलब्ध सुरक्षा तंत्र की जानकारी दी।
इसके साथ ही प्रदेश में पहले से सक्रिय यूएई कंपनियों के अनुभवों का भी उल्लेख किया गया और नए निवेशकों के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
एविएशन सेक्टर में सहयोग की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की नई एविएशन पॉलिसी के प्रमुख प्रावधानों को भी चर्चा में रखा। चूंकि एचई अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री यूएई की जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी के चेयरमैन भी हैं, इसलिए मध्यप्रदेश और यूएई के बीच एविएशन ऑपरेशन्स के विस्तार की संभावनाओं पर विशेष बातचीत हुई।
एविएशन कनेक्टिविटी का विस्तार होने पर पर्यटन, कार्गो और व्यापारिक आवागमन को बढ़ावा मिलने की संभावना बन सकती है।
मध्यप्रदेश के लिए बेहतर हवाई संपर्क विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और पर्यटन क्षेत्र की पहुंच बढ़ाने में उपयोगी हो सकता है।
दुबई फ्यूचर फाउंडेशन मॉडल पर भी हुआ विमर्श
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यूएई के हट्टा इकोनॉमिक ज़ोन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और विशेष औद्योगिक पार्कों के विकास मॉडल के बारे में जानकारी ली।
मध्यप्रदेश भी आधुनिक औद्योगिक क्लस्टर और विशेष आर्थिक क्षेत्रों के विकास की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में यूएई के अनुभवों से औद्योगिक क्षेत्र के विकास के नए मॉडल पर विचार किया जा सकता है।
इसके अलावा दुबई फ्यूचर फाउंडेशन के मॉडल के अनुरूप मध्यप्रदेश में नवाचार और भविष्य की तकनीकों पर केंद्रित संस्थागत व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
यूएई की ओर से इस दिशा में तकनीकी और रणनीतिक सहयोग का आश्वासन दिया गया।
निवेश के साथ तकनीक और वैश्विक साझेदारी पर जोर
मुख्यमंत्री के दुबई दौरे की बैठकों से एक व्यापक तस्वीर सामने आती है। मध्यप्रदेश की निवेश रणनीति केवल पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखी जा रही है, बल्कि इसमें AI, डिजिटल गवर्नेंस, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, EV, हरित ऊर्जा, एविएशन और आधुनिक लॉजिस्टिक्स जैसे उभरते क्षेत्र भी शामिल हैं।
तातारस्तान के साथ औद्योगिक सहयोग, यूएई के साथ निवेश और व्यापार साझेदारी तथा विश्व बैंक के साथ AI परियोजनाओं पर चर्चा इस रणनीति के अलग-अलग हिस्सों को दर्शाती है।
हालांकि इन बैठकों से संभावनाओं का रास्ता खुलता है, लेकिन वास्तविक निवेश का प्रभाव परियोजनाओं के अंतिम समझौते, वित्तीय प्रतिबद्धता, भूमि, अनुमति और क्रियान्वयन जैसे अगले चरणों पर निर्भर करेगा।
मध्यप्रदेश के लिए आगे की चुनौती
इन उच्चस्तरीय बैठकों के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण अब प्रस्तावों को जमीन पर उतारना होगा। तातारस्तान से संभावित निवेशक प्रतिनिधिमंडल, यूएई का विशेष निवेश प्रतिनिधिमंडल और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में विदेशी भागीदारी आगे की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पड़ाव होंगे।
सरकार के सामने चुनौती यह होगी कि निवेशकों के साथ हुए संवाद को समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं में बदला जाए। इसके लिए नोडल अधिकारियों की भूमिका, नियमित समीक्षा और निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था अहम होगी।
यदि प्रस्तावित परियोजनाएं क्रियान्वयन के चरण तक पहुंचती हैं, तो इससे औद्योगिक निवेश के साथ रोजगार, निर्यात, तकनीकी हस्तांतरण और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को भी बढ़ावा मिलने की संभावना बन सकती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे के दूसरे दिन मध्यप्रदेश के लिए निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिहाज से कई महत्वपूर्ण संवाद हुए। तातारस्तान के प्रमुख रुस्तम मिन्निखानोव के साथ बैठक में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स और तकनीक जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाएं सामने आईं।
यूएई के साथ फूड प्रोसेसिंग, हरित ऊर्जा, EV, पर्यटन, स्वास्थ्य, लॉजिस्टिक्स और एविएशन जैसे क्षेत्रों में निवेश पर चर्चा हुई। वहीं विश्व बैंक के साथ AI और डिजिटल परियोजनाओं के लिए संभावित वित्तीय सहयोग पर संवाद हुआ।
सबसे अहम बात यह रही कि तातारस्तान और यूएई की ओर से आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में प्रतिनिधिमंडल के साथ सहभागिता का भरोसा दिया गया। अब इन अंतरराष्ट्रीय संवादों को ठोस निवेश परियोजनाओं में बदलना मध्यप्रदेश के लिए अगला बड़ा कदम होगा।

समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से मानसेवी तौर पर जुड़े हुए मनोज राव देश के अनेक शहरों में अपनी पहचान बना चुके हैं . . .
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.
