(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज शुक्रवार 24 जुलाई 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, शुक्रवार 24 जुलाई 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| समय | अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | |
| सुबह | 24.2 | 23.4 | 93 | |
| शाम | 28.4 | 24.6 | 77 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
सिवनी जिले में लगातार हो रही वर्षा के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शुक्रवार 24जुलाई 2026 को शाम तक दर्ज किए गए पिछले 24 घंटे के मौसम आंकड़ों के अनुसार बारिश का दौर थमते ही तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। अधिकतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस बढ़कर 28.4डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 23.4डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम में आए इस बदलाव के कारण दिन के समय उमस में बढ़ोतरी महसूस की गई और लोगों को गर्मी का एहसास भी पहले की तुलना में अधिक हुआ।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के दौरान वर्षा रुकने के बाद बादलों के बीच धूप निकलने से तापमान में इस प्रकार की बढ़ोतरी सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है। हालांकि वातावरण में नमी अधिक होने के कारण लोगों को वास्तविक तापमान की तुलना में अधिक गर्मी महसूस होती है।
चार डिग्री की बढ़ोतरी ने बदला मौसम का मिजाज
पिछले कुछ दिनों से जिले में लगातार बारिश होने के कारण तापमान अपेक्षाकृत कम बना हुआ था। बादलों की घनी मौजूदगी और बारिश ने मौसम को सुहावना बनाए रखा था, लेकिन शुक्रवार को बारिश का सिलसिला थमने के बाद सूर्य की किरणें निकलने लगीं, जिससे अधिकतम तापमान में अचानक चार डिग्री सेल्सियस का उछाल दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार शाम तक दर्ज आंकड़े इस प्रकार रहे—
- अधिकतम तापमान: 28.4°C
- न्यूनतम तापमान: 23.4°C
- अधिकतम तापमान में वृद्धि: लगभग 4°C
- मौसम की स्थिति: वर्षा में कमी, बादलों के बीच धूप और उमस
तापमान में आई इस वृद्धि का असर पूरे जिले में महसूस किया गया।
बारिश थमने के बाद क्यों बढ़ता है तापमान?
मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि मानसून के दौरान जब लगातार बारिश होती है, तब बादल सूर्य की गर्मी को धरती तक पहुंचने से रोकते हैं, जिससे तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है। लेकिन जैसे ही बारिश रुकती है और बादलों की मात्रा कम होती है, सूर्य की किरणें सीधे धरातल तक पहुंचती हैं।
इसके परिणामस्वरूप—
- जमीन तेजी से गर्म होती है।
- वातावरण में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ जाती है।
- दिन का तापमान अचानक बढ़ सकता है।
- रात का तापमान अपेक्षाकृत स्थिर बना रहता है।
सिवनी में शुक्रवार को भी कुछ इसी प्रकार की स्थिति देखने को मिली।
दिन में गर्मी, शाम को राहत
हालांकि अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन शाम होते-होते हल्की हवा चलने और बादलों की आवाजाही के कारण लोगों को कुछ राहत महसूस हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह और देर शाम का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहा, जबकि दोपहर के समय उमस अधिक रही।
विशेषकर बाजारों, कार्यालयों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को मौसम में आए इस बदलाव का सीधा असर महसूस हुआ।
किसानों की नजर अब अगले बारिश के दौर पर
सिवनी एक कृषि प्रधान जिला है और यहां की अर्थव्यवस्था काफी हद तक मानसूनी वर्षा पर निर्भर करती है। जुलाई का महीना खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
किसानों का कहना है कि—
- अब तक हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है।
- यदि अगले कुछ दिनों में फिर अच्छी बारिश होती है तो फसलों की बढ़वार बेहतर होगी।
- लंबे समय तक बारिश नहीं होने पर ऊपरी सतह की नमी कम हो सकती है।
- धान, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों के लिए नियमित वर्षा आवश्यक है।
फिलहाल किसान मौसम के अगले दौर पर नजर बनाए हुए हैं।
शहर में बढ़ी उमस, लोगों को हुई परेशानी
बारिश रुकने के बाद तापमान बढ़ने के साथ वातावरण में नमी भी बनी रही। इसके कारण उमस का स्तर बढ़ गया, जिससे लोगों को सामान्य से अधिक गर्मी महसूस हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार अधिक आर्द्रता होने पर शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे गर्मी का एहसास और बढ़ जाता है। यही कारण रहा कि शुक्रवार को वास्तविक तापमान 28.4 डिग्री होने के बावजूद लोगों को मौसम अधिक गर्म महसूस हुआ।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सामान्य सलाह
मौसम में अचानक बदलाव के दौरान स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार—
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
- धूप में निकलते समय आवश्यक सावधानी बरतें।
- छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- मौसम के अनुरूप हल्के और आरामदायक वस्त्र पहनें।
- अत्यधिक उमस होने पर लंबे समय तक धूप में रहने से बचें।
मौसम में लगातार बदलाव के दौरान सामान्य सावधानियां अपनाना लाभदायक माना जाता है।
मौसम के आंकड़े क्या बताते हैं?
मानसून के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है। लगातार बारिश के दौरान तापमान कम रहता है, जबकि वर्षा रुकने पर कुछ दिनों के लिए तापमान में वृद्धि दर्ज होना सामान्य माना जाता है।
मौसम विज्ञान के अनुसार तापमान को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं—
- वर्षा की मात्रा
- बादलों की उपलब्धता
- हवा की दिशा
- वातावरण में नमी
- सूर्य के प्रकाश की अवधि
इन्हीं कारणों से एक ही सप्ताह के भीतर तापमान में कई डिग्री का अंतर देखने को मिल सकता है।
लोगों की प्रतिक्रिया
शुक्रवार को शहर के बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने मौसम में आए बदलाव को स्पष्ट रूप से महसूस किया। कई लोगों का कहना था कि लगातार बारिश के बाद अचानक धूप निकलने से गर्मी और उमस दोनों बढ़ गई हैं।
हालांकि कुछ लोगों ने इसे सामान्य मानसूनी बदलाव बताते हुए उम्मीद जताई कि अगले कुछ दिनों में फिर बारिश होने पर मौसम सुहावना हो जाएगा।
आने वाले दिनों में कैसा रह सकता है मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है। इसलिए अगले कुछ दिनों में—
- बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है।
- कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी रह सकती है।
- तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
- उमस का स्तर फिलहाल बना रहने की संभावना है।
यदि फिर से अच्छी बारिश होती है तो अधिकतम तापमान में दोबारा गिरावट दर्ज की जा सकती है।
बदलते मौसम का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
मानसून का हर बदलाव केवल तापमान तक सीमित नहीं रहता बल्कि इसका प्रभाव जनजीवन, कृषि, व्यापार और दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ता है।
बारिश रुकने से जहां निर्माण कार्यों और बाजार गतिविधियों में तेजी आती है, वहीं बढ़ती उमस लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करती है। दूसरी ओर किसान वर्षा की निरंतरता को लेकर मौसम पर नजर बनाए रखते हैं क्योंकि खरीफ फसलों की सफलता काफी हद तक नियमित मानसूनी वर्षा पर निर्भर करती है।
शुक्रवार, 24जुलाई 2026 को सिवनी जिले में बारिश थमने के बाद मौसम ने नया रुख अपनाया और पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान चार डिग्री बढ़कर 28.4डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 23.4डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में इस वृद्धि के साथ उमस भी बढ़ी, जिससे लोगों को दिनभर गर्मी का एहसास हुआ। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून अभी सक्रिय है और आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही तथा हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी हुई है। ऐसे में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और जिले के लोगों के साथ-साथ किसानों की नजर भी अब मानसून की अगली गतिविधियों पर टिकी रहेगी।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





