सिवनी जनसुनवाई में 184 आवेदकों ने रखीं समस्याएं, कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में आम नागरिकों की समस्याओं, शिकायतों और मांगों को सुनने के लिए मंगलवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कुल 184 आवेदकों ने अपने आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर सहित उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में पेंशन, नाली की सफाई, मकान से जुड़े दस्तावेज, प्रधानमंत्री आवास योजना, उपचार के लिए आर्थिक सहायता, पशुशेड निर्माण की राशि, अनुकंपा नियुक्ति, शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने और पुलिस में दर्ज प्राथमिकी पर कार्रवाई जैसे विभिन्न विषय सामने आए।
प्रशासन की ओर से अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक आवेदन की प्रकृति के अनुसार उसका परीक्षण किया जाए। आवश्यक होने पर जांच कराई जाए और पात्र आवेदकों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाए। जनसुनवाई का उद्देश्य नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर उपलब्ध कराना है।
मंगलवार को जिला मुख्यालय सहित विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर भी जनसुनवाई
जिले में प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित करने की व्यवस्था के तहत 27 अक्टूबर को जिला मुख्यालय के साथ जिले के सभी विकासखंडों और ग्राम पंचायत स्तर पर भी जनसुनवाई का आयोजन किया गया।
इस व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नागरिक अपनी शिकायतें संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं। जिला स्तरीय जनसुनवाई में कलेक्टर की उपस्थिति के कारण विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों को प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिलता है।
इस बार जिला स्तरीय जनसुनवाई में 184 आवेदकों ने अपनी समस्याएं रखीं। प्राप्त आवेदनों में व्यक्तिगत समस्याओं से लेकर स्थानीय नागरिक सुविधाओं, सरकारी योजनाओं के लाभ, आर्थिक सहायता और प्रशासनिक कार्रवाई से संबंधित मामले शामिल रहे।
कलेक्टर नेहा मीना ने संबंधित अधिकारियों से आवेदनों की प्रकृति के अनुसार कार्रवाई करने और समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब नहीं करने पर जोर दिया।
पेंशन नहीं मिलने और नाली की सफाई का मामला पहुंचा प्रशासन तक
जनसुनवाई में सिवनी निवासी इंदू परते ने सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन प्राप्त नहीं होने की समस्या को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। पेंशन से संबंधित मामलों में समय पर भुगतान और आवश्यक दस्तावेजों की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग को अभिलेखों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी होती है।
वहीं, सिवनी के ऋषिकापुरम निवासी तरुणलता डहेरिया ने अपने क्षेत्र में नाली की सफाई कराने की मांग की। नालियों की नियमित सफाई स्थानीय स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। यदि नालियों की सफाई समय पर नहीं होती, तो जल निकासी में परेशानी हो सकती है।
इन दोनों आवेदनों के माध्यम से जनसुनवाई में व्यक्तिगत प्रशासनिक समस्या और स्थानीय नागरिक सुविधा से संबंधित विषय सामने आए। संबंधित विभागों को इन मामलों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
मकान के दस्तावेज और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग
ग्राम बम्हनी, थाना कान्हीवाड़ा निवासी सफीउर्रहमान ने मकान से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। मकान से जुड़े दस्तावेजों की उपलब्धता कई बार नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उनका उपयोग विभिन्न प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं में किया जा सकता है।
इसी प्रकार ग्राम गोरखपुर निवासी दिनेश भलावी ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग करते हुए आवेदन दिया।
आवास योजना से जुड़े मामलों में पात्रता, संबंधित सूची में नाम, उपलब्ध दस्तावेज और लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षण आवश्यक होता है। जनसुनवाई में इस प्रकार के आवेदन मिलने पर संबंधित विभाग के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होता है कि आवेदक की पात्रता और योजना के अंतर्गत लाभ की स्थिति क्या है।
हालांकि, इन दोनों मामलों में अंतिम निर्णय या लाभ स्वीकृत होने की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है। प्रशासन की ओर से संबंधित आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
पिता के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग
सिवनी निवासी राजकुमार जावरे ने अपने पिता के उपचार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया।
गंभीर बीमारी या उपचार के खर्च से जुड़ी परिस्थितियों में आर्थिक सहायता की मांग परिवारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित योजना, पात्रता, उपचार संबंधी दस्तावेज और लागू नियमों के आधार पर आवेदन का परीक्षण किया जाता है।
जनसुनवाई के दौरान प्रस्तुत इस आवेदन पर भी संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा है। उपलब्ध जानकारी में आर्थिक सहायता स्वीकृत होने या राशि जारी किए जाने का उल्लेख नहीं है।
यह मामला जनसुनवाई में सामने आई उन समस्याओं में शामिल रहा, जिनमें नागरिकों ने अपनी पारिवारिक जरूरतों के समाधान के लिए जिला प्रशासन से सहायता मांगी।
पशुशेड निर्माण की राशि का भुगतान कराने का अनुरोध
लखनादौन विकासखंड के ग्राम खमरिया गूजर निवासी सीताबाई ने पशुशेड निर्माण की राशि का भुगतान कराए जाने की मांग को लेकर आवेदन दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है। पशुओं के लिए सुरक्षित स्थान की उपलब्धता पशुपालकों के दैनिक कार्य और पशुओं की देखभाल से जुड़ी होती है। ऐसे में निर्माण कार्य की राशि का भुगतान लंबित होने की शिकायत आवेदक के लिए महत्वपूर्ण विषय बन जाती है।
इस तरह के मामलों में संबंधित विभाग को निर्माण कार्य की स्थिति, स्वीकृति, सत्यापन और भुगतान से जुड़े अभिलेखों की जांच करनी होती है। इसके बाद ही नियमों के अनुसार भुगतान संबंधी निर्णय लिया जा सकता है।
जनसुनवाई में सीताबाई ने इसी समस्या के निराकरण की मांग की। प्रशासन ने अन्य आवेदनों की तरह इस प्रकरण पर भी नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पति की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति की मांग
छपारा तहसील के ग्राम बिजना निवासी मिथलेश्वरी परिहार ने अपने पति की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति प्रदान किए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया।
अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामलों में संबंधित विभाग के नियम, पात्रता की शर्तें, आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित प्रक्रिया महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे मामलों का निराकरण संबंधित प्रावधानों के अनुरूप परीक्षण के बाद किया जाता है।
आवेदिका ने अपने प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। जनसुनवाई में इस विषय का सामने आना उन प्रशासनिक मामलों की ओर ध्यान दिलाता है, जिनमें आवेदक किसी निर्णय या राहत की अपेक्षा के साथ जिला प्रशासन तक पहुंचते हैं।
हालांकि, उपलब्ध विवरण में नियुक्ति स्वीकृत होने या आवेदन पर अंतिम निर्णय लिए जाने की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई संबंधित विभाग के परीक्षण पर निर्भर करेगी।
शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग
छपारा तहसील के ग्राम रामगढ़ निवासी अनुसुईया एवं अन्य आवेदकों ने गांव की शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया।
शासकीय भूमि से संबंधित शिकायतों में भूमि के अभिलेख, सीमांकन, कब्जे की स्थिति और लागू नियमों के आधार पर कार्रवाई की जाती है। किसी भूमि पर अतिक्रमण होने की शिकायत मिलने पर संबंधित राजस्व अधिकारी और अन्य सक्षम प्राधिकारी तथ्यों का परीक्षण कर सकते हैं।
इस मामले में आवेदकों ने नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। ऐसे प्रकरणों में निष्पक्ष जांच आवश्यक होती है, ताकि अभिलेखों और वास्तविक स्थिति के आधार पर उचित निर्णय लिया जा सके।
उपलब्ध जानकारी में अतिक्रमण हटाए जाने की पुष्टि नहीं की गई है। जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद संबंधित विभाग की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
समाज से बहिष्कार और 50 हजार रुपये जुर्माना मांगने की शिकायत
जनसुनवाई में बरघाट क्षेत्र के ग्राम जुम्माटोला निवासी राजकुमारी मरकाम ने समाज से बहिष्कृत किए जाने और 50 हजार रुपये की जुर्माना राशि मांगे जाने के संबंध में शिकायत प्रस्तुत की।
आवेदिका ने इस मामले में उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। शिकायत की प्रकृति को देखते हुए तथ्यों की जांच और संबंधित पक्षों की जानकारी के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति की ओर से लगाए गए आरोपों को जांच से पहले अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। संबंधित अधिकारियों को शिकायत के तथ्यों का परीक्षण करते हुए लागू कानून और नियमों के अनुसार आगे बढ़ना होता है।
इस प्रकरण में भी जनसुनवाई के दौरान आवेदन प्रस्तुत किया गया। उपलब्ध जानकारी में जांच के निष्कर्ष या किसी पक्ष के विरुद्ध कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।
प्राथमिकी पर कार्रवाई नहीं होने की शिकायत
धनौरा विकासखंड के ग्राम थांवरी निवासी गोमती अडमाचे ने थाना धनौरा और घंसौर में दर्ज प्राथमिकी के संबंध में कार्रवाई नहीं होने की शिकायत प्रस्तुत की। उन्होंने मामले में आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की।
पुलिस में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित शिकायतों में मामले की वर्तमान स्थिति, विवेचना की प्रगति और संबंधित अभिलेखों का परीक्षण महत्वपूर्ण होता है। शिकायतकर्ता यदि कार्रवाई नहीं होने की बात रखता है, तो संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले की स्थिति स्पष्ट करने और नियमानुसार आवश्यक कदम उठाने की जरूरत होती है।
जनसुनवाई नागरिकों को ऐसी शिकायतें प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर देती है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में प्राथमिकी की संख्या, संबंधित आरोपों या जांच की वर्तमान स्थिति का उल्लेख नहीं है। इसलिए इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय संबंधित विभाग की कार्रवाई का इंतजार करना उचित होगा।
कलेक्टर नेहा मीना ने अधिकारियों को दिए शीघ्र निराकरण के निर्देश
जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने समस्याओं के शीघ्र निराकरण पर जोर दिया और कहा कि प्रकरणों के समाधान में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। आवेदनों की प्रकृति के अनुसार आवश्यक जांच और कार्रवाई करते हुए पात्र आवेदकों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी पहल करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में प्राप्त सभी आवेदनों का समाधान एक ही दिन में हो जाना आवश्यक नहीं है, क्योंकि कुछ मामलों में दस्तावेजों का सत्यापन, स्थल निरीक्षण, विभागीय अभिलेखों की जांच या अन्य प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ सकती हैं। ऐसे मामलों में समयबद्ध कार्रवाई और आवेदक को प्रकरण की स्थिति की जानकारी देना महत्वपूर्ण होता है।
जनसुनवाई से नागरिकों को क्या लाभ मिलता है?
जनसुनवाई प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए लोग अपनी समस्याओं और शिकायतों को सीधे संबंधित अधिकारियों के सामने रख सकते हैं।
इस व्यवस्था का प्रभावी उपयोग तभी संभव है, जब प्राप्त आवेदनों पर उचित कार्रवाई हो और शिकायतों के निराकरण की स्थिति स्पष्ट रहे।
जनसुनवाई के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- नागरिकों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना।
- विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों का परीक्षण कराना।
- पात्र आवेदकों को योजनाओं और नियमों के अनुसार राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाना।
- लंबित मामलों में संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करना।
- प्रशासनिक कार्यवाही में जवाबदेही और समयबद्धता को बढ़ावा देना।
सिवनी की जनसुनवाई में आए 184 आवेदनों से स्पष्ट है कि नागरिकों की समस्याएं अलग-अलग प्रकृति की थीं। इनमें व्यक्तिगत जरूरतों से लेकर सार्वजनिक सुविधाओं और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े विषय शामिल रहे।
आवेदनों के निराकरण पर रहेगी नजर
सिवनी में 27 अक्टूबर 2026 को आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में 184 आवेदकों ने अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें प्रस्तुत कीं। कलेक्टर नेहा मीना ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई और शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पेंशन, नाली सफाई, आवास योजना, उपचार के लिए आर्थिक सहायता, पशुशेड निर्माण का भुगतान, अनुकंपा नियुक्ति, शासकीय भूमि से अतिक्रमण, सामाजिक बहिष्कार की शिकायत और प्राथमिकी से संबंधित मामले इस जनसुनवाई में प्रमुख रूप से सामने आए।
अब इन आवेदनों पर संबंधित विभागों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। जनसुनवाई की सफलता केवल शिकायतें सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका उचित परीक्षण, समयबद्ध निराकरण और आवेदकों को परिणाम की जानकारी देना भी उतना ही जरूरी है।