(ब्यूरो कार्यालय)
जबलपुर (साई)। सोम डिस्टिलरीज को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी जल्द राहत नहीं मिलेगी। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश को रिकॉर्ड पर लिया और मामले की आगे की सुनवाई का रास्ता साफ कर दिया। सोम डिस्टिलरीज ने इसी व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि दोनों विवाद एक ही याचिका से जुड़े हैं। इसके बाद पूरा मामला फिर डिवीजन बेंच के पास आ गया।
सोम डिस्टिलरीज मामले की सुनवाई
सोम डिस्टिलरीज मामले की सुनवाई गुरुवार को जबलपुर हाईकोर्ट में हुई। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की डिवीजन बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश को रिकॉर्ड पर लिया।
इसके साथ ही मामले की आगे की सुनवाई का रास्ता भी साफ कर दिया। सोम डिस्टिलरीज ने इसी व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि दोनों विवाद एक ही याचिका से जुड़े हैं।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने सोम डिस्टिलरीज मामले में अपना आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि दोनों विवाद एक ही याचिका से जुड़े हैं। इसके बाद पूरा मामला फिर डिवीजन बेंच के पास आ गया।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के पुराने आदेश में संशोधन किया। इसके बाद पूरा मामला फिर डिवीजन बेंच के पास आ गया।
निविदा के 9 बिडर्स भी बने पक्षकार
निविदा के 9 सफल बोलीदाताओं को भी पक्षकार बनाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार कर लिया। अब इन सभी सफल बोलीदाताओं को उत्तरवादी क्रमांक 5 से 14 बनाया जाएगा।
अदालत ने उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। नियमित प्रक्रिया और हमदस्त, दोनों माध्यमों से नोटिस की तामील कराई जाएगी। सोम डिस्टिलरीज मामले में आगे की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।
- निविदा के 9 सफल बोलीदाताओं को पक्षकार बनाने की मांग स्वीकार
- इन सभी सफल बोलीदाताओं को उत्तरवादी क्रमांक 5 से 14 बनाया जाएगा
- नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं
आगे की सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का फैसला दो सप्ताह में करने की उम्मीद जताई थी। लेकिन हाईकोर्ट ने माना कि अब यह समय पर्याप्त नहीं है।
अदालत ने दोनों पक्षों से कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट जाकर समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध करें। सोम डिस्टिलरीज मामले में आगे की सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश रिकॉर्ड पर आने तक पांच दिन पहले ही निकल चुके थे।

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