राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, खनिज संशोधन विधेयक पारित; सत्र में जमकर हुआ हंगामा

संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य हुए, लेकिन इसके साथ ही विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस तथा लगातार व्यवधान भी देखने को मिला।

राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही के दौरान हुए व्यवधान पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि सत्र में सदन कुल 37 घंटे 49 मिनट तक चला। सभापति ने सांसदों से सदन की कार्यवाही को सुचारु बनाए रखने और अपने-अपने क्षेत्रों की जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने की अपील की।

अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई राज्यसभा

मानसून सत्र के समापन के साथ राज्यसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र के दौरान कई विधेयकों पर चर्चा हुई और कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी भी मिली।

हालांकि, अलग-अलग मुद्दों को लेकर विपक्ष के विरोध और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार प्रभावित हुई। सभापति ने सांसदों से संसदीय मर्यादा बनाए रखने और सदन की उत्पादकता बढ़ाने की अपील की।

खनिज संशोधन विधेयक, 2026 पारित

मानसून सत्र में खनिज और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 भी राज्यसभा से पारित हुआ। सरकार की ओर से इसे खनिज क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों में बदलाव और क्षेत्र में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

विधेयक पर चर्चा के दौरान खनिज संसाधनों के इस्तेमाल, क्षेत्र के विकास और नियमन से जुड़े विषयों पर सदस्यों ने अपनी राय रखी। विधेयक के पारित होने के बाद खनिज क्षेत्र से संबंधित व्यवस्था में बदलाव का रास्ता साफ हुआ है।

37 घंटे 49 मिनट चली सदन की कार्यवाही

सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सत्र की कार्यवाही का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यसभा ने कुल 37 घंटे 49 मिनट काम किया। उन्होंने लगातार व्यवधान पर चिंता व्यक्त की और सांसदों से सदन की कार्यवाही को गंभीरता से लेने की अपील की।

सभापति ने सदस्यों से कहा कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाएं। उन्होंने सांसदों से संसदीय व्यवहार और कार्यवाही के प्रति जिम्मेदारी दिखाने का भी आग्रह किया।

खड़गे ने हल्द्वानी का मुद्दा उठाया

सत्र के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में सामने आए एक कथित ‘शुद्धिकरण समारोह’ का मुद्दा उठाया। खड़गे ने इसे अस्पृश्यता से जोड़ते हुए इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और मामला दर्ज करने की मांग की।

उन्होंने इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए सामाजिक भेदभाव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत बताई। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस भी देखने को मिली।

भाजपा ने आरोपों का किया खंडन

खड़गे के आरोपों के बाद भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी गई। भाजपा ने ऐसी गतिविधियों का समर्थन करने से इनकार किया और विपक्ष से मामले का राजनीतिकरण नहीं करने की अपील की।

इस मुद्दे ने मानसून सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई अन्य विषयों पर भी तीखी बहस हुई।

सत्र की प्रमुख बातें

  • राज्यसभा को मानसून सत्र के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया।
  • सदन की कुल कार्यवाही 37 घंटे 49 मिनट चली।
  • खनिज और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पारित हुआ।
  • सत्र के दौरान कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस हुई।
  • मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के कथित शुद्धिकरण समारोह का मुद्दा उठाया।
  • सभापति ने सांसदों से संसदीय मर्यादा और सुचारु कार्यवाही बनाए रखने की अपील की।

राज्यसभा का मानसून सत्र विधायी कामकाज के साथ-साथ राजनीतिक टकराव और व्यवधानों के लिए भी चर्चा में रहा। खनिज संशोधन विधेयक जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए, वहीं हल्द्वानी के कथित शुद्धिकरण समारोह सहित कई मुद्दों पर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने रहे।

सत्र के समापन पर सभापति की ओर से सदन की कार्यवाही को अधिक प्रभावी बनाने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया।