चांदी की बिक्री में उछाल: दिवाली पर मिडिल क्लास की पसंद

(ब्यूरो कार्यालय)
मुंबई (साई)। सूरत में नवरात्रि से शुरू होने वाले फेस्टिव सीजन में चांदी के आभूषण एवं उपहार वस्तुओं की मांग में तेज़ी देखी जा रही है। ज्वेलरी उद्योग के प्रतिनिधि, तीसरी पीढ़ी के डायमंड ज्वेलर नागनेश पच्चीगर ने बताया कि सोने की कीमतें 10 ग्राम 24 कैरेट पर लगभग 1.5 लाख रुपये तक पहुँच गई हैं, जबकि समान राशि में 650 ग्राम तक चांदी खरीदी जा सकती है। इस मूल्य अंतर के कारण मिडिल क्लास ग्राहकों ने सोने के बजाय चांदी को किफायती विकल्प के रूप में अपनाया है, जिससे इस वर्ष की दिवाली में चांदी की बिक्री में 17‑18% तक की वृद्धि की संभावना बनती है।

बाजार प्रवृत्ति और व्यापारिक रणनीति

ज्वेलर्स अब चांदी के आभूषणों के साथ मूर्तियां, गिफ्ट आइटम और फर्नीचर जैसी विविध उत्पाद श्रेणियां पेश कर रहे हैं। पच्चीगर के अनुसार, उनके वार्षिक राजस्व में चांदी की हिस्सेदारी लगभग 35% तक पहुँच गई है, जो पहले ही डायमंड से अधिक हो गई है। इस बदलाव का मुख्य कारण सोने की उच्च कीमतों के साथ-साथ उपभोक्ता की किफायती विकल्पों की तलाश है। इंडस्ट्री के कई विशेषज्ञों का मानना है कि फेस्टिव सीजन में चांदी की हिस्सेदारी 40% तक बढ़ सकती है, जिससे ज्वेलरी व्यापारियों की आय में उल्लेखनीय सुधार होगा। भारत बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने भी बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल दिवाली के दौरान चांदी की खरीदारी में 17% की वृद्धि देखी जा रही है, जो कुल उपभोक्ता खर्च में सकारात्मक प्रभाव डालेगी। इस प्रवृत्ति से न केवल छोटे और मध्यम वर्ग के खरीदारों को लाभ होगा, बल्कि ज्वेलरी उद्योग को भी स्थायी विकास का मार्ग मिलेगा।

खबर के प्रमुख बिंदु

• कंपनी: एसएन ज्वेलर्स (नागनेश पच्चीगर)
• आयोजन: नवरात्रि‑दिवाली फेस्टिव सीजन में चांदी की बिक्री
• स्थान: सूरत
• मुख्य उद्देश्य: सोने की महँगी कीमतों के विकल्प के रूप में चांदी को बढ़ावा देना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: चांदी की हिस्सेदारी 35‑40% तक बढ़ाना, विविध उत्पाद लाइन लॉन्च करना
• लक्ष्य: दिवाली में चांदी की खरीदारी में 17‑18% की वृद्धि, मिडिल क्लास ग्राहकों की संतुष्टि सुनिश्चित करना

जैसे-जैसे सोने की कीमतें उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, चांदी का आकर्षण मिडिल क्लास उपभोक्ताओं के बीच और मजबूत होता जा रहा है। नियमित मूल्य तुलना, विविध उत्पाद पेशकश और फेस्टिव सीजन में सक्रिय मार्केटिंग रणनीतियों से उद्योग को स्थायी वृद्धि का मार्ग मिलेगा। भविष्य में भी यदि चांदी को किफायती और स्टाइलिश विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया, तो यह न केवल उपभोक्ता कल्याण में योगदान देगा, बल्कि भारतीय ज्वेलरी सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मकता को भी सुदृढ़ करेगा।