(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)।सिवनी जिले में आज सोमवार08जून2026की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले24घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, सोमवार 08 जून 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 33.6 | 24.2 | 43 | |
| शाम | 39.2 | 26 | 34 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
जिले में बीते कुछ दिनों के दौरान हुई वर्षा के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन अब बारिश थमने के साथ ही मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। सोमवार 08 जून 2026 की शाम तक दर्ज किए गए पिछले 24 घंटों के मौसम आंकड़ों के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान में लगातार हो रही वृद्धि ने यह संकेत देना शुरू कर दिया है कि यदि आगामी दिनों में वर्षा गतिविधियां नहीं बढ़ीं तो जिले में गर्मी का प्रभाव और अधिक महसूस किया जा सकता है।
बारिश के बाद फिर लौटने लगी गर्मी
जून का महीना सामान्य रूप से मानसून पूर्व गर्मी और उमस के लिए जाना जाता है। पिछले सप्ताह हुई बारिश ने मौसम को कुछ समय के लिए सुहावना बना दिया था, लेकिन अब वर्षा गतिविधियों में कमी आने से दिन का तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
मौसम के जानकारों का मानना है कि बादलों की आवाजाही कम होने और सूर्य की सीधी किरणों के प्रभाव से तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है। दिन के समय तेज धूप और शाम के बाद भी बनी रहने वाली गर्माहट लोगों को महसूस होने लगी है।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सोमवार को सुबह से ही तेज धूप का असर दिखाई दिया। दोपहर के समय गर्म हवाओं और बढ़ती तपिश ने लोगों को घरों के भीतर रहने के लिए मजबूर कर दिया।
पिछले 24 घंटों का तापमान
सोमवार 08 जून 2026 तक दर्ज मौसम आंकड़ों के अनुसार—
- अधिकतम तापमान : 39.2 डिग्री सेल्सियस
- न्यूनतम तापमान : 24.2 डिग्री सेल्सियस
- मौसम की स्थिति : शुष्क और गर्म
- वर्षा गतिविधि : सीमित
- आर्द्रता में उतार-चढ़ाव दर्ज
तापमान के इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले में गर्मी का असर फिर से बढ़ने लगा है। हालांकि अभी तापमान भीषण गर्मी के स्तर तक नहीं पहुंचा है, लेकिन लगातार वृद्धि चिंता का विषय बन सकती है।
मानसून पूर्व मौसम की सामान्य स्थिति
मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि जून के प्रारंभिक सप्ताह में इस प्रकार के उतार-चढ़ाव सामान्य माने जाते हैं। मानसून के सक्रिय होने से पहले कई बार स्थानीय वर्षा होती है, जिससे तापमान अस्थायी रूप से कम हो जाता है। लेकिन जैसे ही वर्षा रुकती है, धरातल पर नमी और तेज धूप के कारण उमस तथा गर्मी दोनों बढ़ने लगते हैं।
सिवनी जिले की भौगोलिक स्थिति भी मौसम को प्रभावित करती है। वन क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों के कारण यहां का तापमान कई बार आसपास के जिलों से अलग दिखाई देता है। फिर भी बारिश रुकने के बाद तापमान में बढ़ोतरी का क्रम सामान्य रूप से देखा जाता है।
आमजन के जीवन पर असर
तापमान में वृद्धि का प्रभाव सबसे पहले आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर दिखाई देता है। सुबह और शाम का मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने के बावजूद दोपहर के समय बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
लोगों को निम्न समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है—
- तेज धूप के कारण थकान
- शरीर में पानी की कमी
- उमस बढ़ने से असहजता
- बुजुर्गों और बच्चों पर अधिक प्रभाव
- बाहर काम करने वाले श्रमिकों को परेशानी
स्थानीय बाजारों में भी दोपहर के समय लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम देखी जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि तेज गर्मी के दौरान ग्राहक संख्या में कमी आ जाती है।
कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है प्रभाव
सिवनी एक प्रमुख कृषि जिला है और यहां बड़ी संख्या में किसान खरीफ सीजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। मौसम में हो रहे बदलाव पर किसानों की विशेष नजर बनी हुई है।
यदि आगामी दिनों में पर्याप्त वर्षा नहीं होती है तो खेतों की सतही नमी कम हो सकती है। हालांकि अभी खरीफ फसलों की व्यापक बुवाई शुरू नहीं हुई है, लेकिन किसान मानसून की नियमित दस्तक का इंतजार कर रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर वर्षा होने पर किसानों को लाभ मिलेगा, जबकि लंबे समय तक शुष्क मौसम बना रहने पर खेत तैयार करने में अतिरिक्त लागत लग सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। विशेष रूप से दोपहर के समय धूप से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की आवश्यकता बताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार—
- अधिक पानी का सेवन करें।
- हल्के और सूती वस्त्र पहनें।
- दोपहर में अनावश्यक बाहर न निकलें।
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- मौसमी फल और तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं।
इन सावधानियों से गर्मी के दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
मौसम आंकड़ों का विश्लेषण
यदि पिछले कुछ दिनों के मौसम रुझानों पर नजर डालें तो स्पष्ट होता है कि बारिश के दौरान तापमान में गिरावट आई थी। वर्षा रुकते ही अधिकतम तापमान फिर से 39 डिग्री के पार पहुंच गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तापमान में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से तीन कारणों से हो रही है—
- बादलों की कमी
- वर्षा गतिविधियों में कमी
- सूर्य के विकिरण का बढ़ा प्रभाव
यह स्थिति तब तक बनी रह सकती है जब तक मानसून से जुड़े बादल क्षेत्र में सक्रिय नहीं हो जाते।
नागरिकों की प्रतिक्रिया
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि पिछले सप्ताह मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और आरामदायक था, लेकिन अब दोपहर के समय गर्मी स्पष्ट रूप से महसूस होने लगी है।
कई नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में फिर से वर्षा होगी, जिससे तापमान में कमी आएगी और मौसम सुहावना बनेगा। व्यापारियों, विद्यार्थियों और दैनिक श्रमिकों ने भी बढ़ती गर्मी को लेकर चिंता व्यक्त की है।
प्रशासनिक दृष्टि से स्थिति
फिलहाल जिले में मौसम संबंधी कोई विशेष चेतावनी की स्थिति नहीं है, लेकिन प्रशासन लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए है। आपदा प्रबंधन और संबंधित विभागों द्वारा मौसम विभाग से प्राप्त सूचनाओं का अध्ययन किया जा रहा है।
यदि आगामी दिनों में तापमान में और वृद्धि होती है तो सार्वजनिक स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पड़ सकती है।
आने वाले दिनों में कैसा रह सकता है मौसम?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जून के दूसरे सप्ताह में मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। स्थानीय स्तर पर बादल बनने और हल्की वर्षा की संभावनाएं बनी हुई हैं।
हालांकि तापमान में तत्काल बड़ी गिरावट की संभावना कम दिखाई देती है। यदि मानसूनी गतिविधियां तेज होती हैं तो तापमान में कमी और वातावरण में ठंडक महसूस की जा सकती है।
आगामी दिनों में मौसम का स्वरूप मुख्य रूप से वर्षा की सक्रियता पर निर्भर करेगा। इसलिए किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों की नजरें अब मानसून की प्रगति पर टिकी हुई हैं।
सिवनी जिले में बारिश रुकने के बाद तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम के इस बदलाव का असर जनजीवन, कृषि गतिविधियों और दैनिक कार्यों पर दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में वर्षा की स्थिति ही तापमान के भविष्य को निर्धारित करेगी। फिलहाल नागरिकों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाते हुए मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की आवश्यकता है।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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