(ब्यूरो कार्यालय)
नई दिल्ली (साई)। स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षक भर्ती वर्ग 3 के अभ्यर्थियों के सामने उलझन खड़ी कर दी है। विभाग द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग के डीएलएड के डिप्लोमा को अमान्य कर दिया गया है। बिना किसी लिखित आदेश अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया से वापस लौटाया जा रहा है। विभाग के अधिकारी इस संबंध में कोई भी जवाब नहीं दे रहे हैं। विभाग द्वारा अचानक उम्मीदवारी रद्द करने से अभ्यर्थी निराश हैं। इसके अलावा, अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग की इस नीति से उनके सपने टूट गए हैं। उन्हें लगता है कि विभाग को अपनी नीति में सुधार करना चाहिए।
शिक्षक भर्ती में एनआईओएस का डीएलएड अमान्य
स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षक भर्ती वर्ग 3 के अभ्यर्थियों के सामने उलझन खड़ी कर दी है। विभाग द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग के डीएलएड के डिप्लोमा को अमान्य कर दिया गया है।
बिना किसी लिखित आदेश अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया से वापस लौटाया जा रहा है। विभाग के अधिकारी इस संबंध में कोई भी जवाब नहीं दे रहे हैं।
अभ्यर्थियों को निराशा
विभाग द्वारा अचानक उम्मीदवारी रद्द करने से अभ्यर्थी निराश हैं। उन्हें लगता है कि विभाग को अपनी नीति में सुधार करना चाहिए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग की इस नीति से उनके सपने टूट गए हैं। उन्हें लगता है कि विभाग को अपनी नीति में सुधार करना चाहिए।
एनआईओएस का डीएलएड क्या है
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग केंद्र सरकार का संस्थान है। इसके तहत प्राथमिक शिक्षण में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स कराया जाता है।
जिसमें 18 माह का कोर्स और छह माह का शिक्षण शामिल होता है। यह कोर्स केंद्र सरकार द्वारा निजी शैक्षणिक संस्थाओं में अध्यापन के लिए कराया जाता है।
- एनआईओएस का डीएलएड केंद्र सरकार का संस्थान है।
- इसके तहत प्राथमिक शिक्षण में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स कराया जाता है।
- जिसमें 18 माह का कोर्स और छह माह का शिक्षण शामिल होता है।
विभाग की नीति में सुधार की आवश्यकता
अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग को अपनी नीति में सुधार करना चाहिए। उन्हें लगता है कि विभाग की इस नीति से उनके सपने टूट गए हैं।
विभाग को अपनी नीति में सुधार करने के लिए शिक्षा विभाग के साथ मिलकर काम करना चाहिए। इसके अलावा, विभाग को शिक्षक भर्ती के लिए नई नीति बनानी चाहिए।

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