सोशल मीडिया आजकल रिश्तों से ज़्यादा ग्रुप्स पर चलता है। हर दूसरा इंसान किसी न किसी ग्रुप का एडमिन है—चाय ग्रुप, गुड मॉर्निंग ग्रुप, ज्ञान वितरण ग्रुप और “मैं ही…
कहते हैं कि आदमी की असली पहचान उसकी दाढ़ी से होती है,लेकिन भाईसाहब, इस दाढ़ी ने आदमी की जिंदगी को तीन हिस्सों में बाँट दिया है —“बिना दाढ़ी”, “दाढ़ी वाली”,…