(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। मध्य प्रदेश के सिवनी में स्थित शिव नगर कॉलोनी के निवासी चित्रांश कुमार विश्वकर्मा ने 2025 में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के बारे में जानकारी प्राप्त की। ऑनलाइन आवेदन के बाद भारतीय स्टेट बैंक, सिवनी ने उन्हें 8 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया। इस वित्तीय सहायता से उन्होंने ध्वनि एवं लाइट (डी.जे.) का स्वरोजगार व्यवसाय शुरू किया, जिससे न केवल आत्मनिर्भरता मिली बल्कि स्थानीय रोजगार भी सृजित हुआ।
योजना की प्रमुख विशेषताएँ और वित्तीय सहयोग
उद्यम क्रांति योजना का मुख्य उद्देश्य युवा उद्यमियों को प्रारंभिक पूँजी, आसान ऋण और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करना है। चित्रांश को मिलने वाला 8 लाख रुपये का ऋण कम ब्याज दर और लचीली पुनर्भुगतान शर्तों पर दिया गया, जिससे शुरुआती चरण में नकदी प्रवाह सुरक्षित रहा। बैंक और उद्योग विभाग के समन्वय ने ऋण प्रक्रिया को तेज़ और पारदर्शी बनाया, जिससे योजना के लाभार्थियों को शीघ्र कार्य आरम्भ करने का अवसर मिला।
व्यवसाय की प्रगति और आर्थिक प्रभाव
ध्वनि एवं लाइट सेवा शुरू करने के दो वर्षों में चित्रांश का वार्षिक टर्नओवर लगभग 6 लाख रुपये तक पहुँच गया है। उन्होंने चार स्थानीय युवाओं को स्थायी रोजगार प्रदान किया, जिससे क्षेत्र में आय वितरण में सुधार हुआ। नियमित ऋण किस्तों का भुगतान और लाभांश का पुनर्निवेश उनके वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है, जबकि ग्राहक आधार में वृद्धि ने सेवा गुणवत्ता को भी बढ़ाया है।
सरकारी समर्थन और भविष्य की योजनाएँ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चल रही स्वरोजगार पहलों ने चित्रांश को आत्मविश्वास और संसाधन प्रदान किए। उन्होंने भविष्य में नई तकनीक, जैसे डिजिटल साउंड मिक्सिंग और इवेंट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर, अपनाने की योजना बनाई है, जिससे सेवा पोर्टफ़ोलियो विस्तारित होगा और अतिरिक्त रोजगार सृजन की संभावना बढ़ेगी।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: चित्रांश कुमार विश्वकर्मा – ध्वनि एवं लाइट सेवा
• आयोजन: उद्यम क्रांति योजना के तहत ऋण स्वीकृति
• स्थान: सिवनी, मध्य प्रदेश
• मुख्य उद्देश्य: स्वरोजगार स्थापित करना और स्थानीय रोजगार सृजित करना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएँ: नियमित ऋण भुगतान, आय में निरंतर वृद्धि, नई तकनीक अपनाना
• लक्ष्य: अगले दो वर्षों में कर्मचारियों की संख्या को दोगुना करना और वार्षिक आय 12 लाख रुपये तक बढ़ाना
चित्रांश कुमार की सफलता यह दर्शाती है कि उचित वित्तीय समर्थन और सरकारी नीति का सही संयोजन स्वरोजगार को सशक्त बना सकता है। निरंतर तकनीकी उन्नयन, कर्मचारी कल्याण और नियमित प्रदर्शन समीक्षा से न केवल व्यक्तिगत उद्यमी बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक स्थिरता में योगदान मिलेगा। उद्यम क्रांति योजना के समान पहलें यदि इस गति को बनाए रखें तो भारत की सतत विकास यात्रा में नई ऊर्जा का संचार होगा।