MP Weather: 144 घंटे तक बारिश का अलर्ट, 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में 23 अगस्त तक गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का प्रभाव ज्यादा रहने की संभावना है, जबकि कुछ जिलों में भारी वर्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

बुधवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में कई जगह अच्छी बारिश दर्ज की गई। छतरपुर के नौगांव में सबसे अधिक 45 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं खजुराहो में 33 मिलीमीटर, मंडला में 35 मिलीमीटर, मलाजखंड में 16 मिलीमीटर और जबलपुर में 8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। सीधी और टीकमगढ़ में भी 7-7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

राजधानी भोपाल के अलावा इंदौर, ग्वालियर और नर्मदापुरम में भी हल्की बारिश और बूंदाबांदी देखने को मिली।

पांच जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार के लिए मध्य प्रदेश के पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है।

प्रदेश के बाकी हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। आकाशीय बिजली की आशंका होने पर खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है।

दो मौसम प्रणालियों से बढ़ी बारिश की सक्रियता

मौसम विभाग के मुताबिक, वर्तमान बारिश के पीछे दो प्रमुख मौसमी प्रणालियों का प्रभाव है। झारखंड, दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रहा कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।

इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश से होकर मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। दोनों प्रणालियों के प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का सिस्टम मजबूत हुआ है। यही वजह है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान है।

23 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, मध्य प्रदेश में 23 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज बारिश, जबकि अन्य जगहों पर मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है। ऐसे में प्रशासन के साथ आम लोगों को भी स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।

बारिश से तापमान में भी गिरावट

बारिश और बादलों के प्रभाव से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे बना हुआ है। हालांकि राजगढ़, रतलाम और उज्जैन में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया।

न्यूनतम तापमान भी टीकमगढ़ और उमरिया को छोड़कर अधिकांश जिलों में सामान्य से कम रहा। लगातार बादल और बारिश के चलते कई इलाकों में मौसम सुहावना बना हुआ है।