उज्जैन: नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुले, 24 घंटे होंगे दर्शन, नागपंचमी का त्योहार इस बार खास संयोग लेकर आया है, आज सावन का तीसरा सोमवार है, इसी मौके पर उज्जैन का नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट मध्यरात्रि 12 बजे खोले गए, बता दें कि यह मंदिर साल भर में सिर्फ एक ही दिन खुलता है, इसी वजह से नागपंचमी पर देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं, नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलने से पहले रात 11:30 बजे प्रथम पूजन की प्रक्रिया शुरू हुई, मध्यरात्रि 12 बजे पट खुलने के बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महाराज ने पूजन-अभिषेक किया, इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कर दिए गए, दर्शन का यह सिलसिला सोमवार मध्यरात्रि 12 बजे तक यानी पूरे 24 घंटे जारी रहेगा
नागचंद्रेश्वर मंदिर का महत्व
नागचंद्रेश्वर मंदिर का महत्व नागपंचमी के दिन और बढ़ जाता है, इस दिन श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं
नागचंद्रेश्वर मंदिर की प्रतिमा में भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी फन फैलाए नाग पर बैठे नजर आते हैं, प्रतिमा में शिवजी के गले और भुजाओं पर भी नाग लिपटे हुए हैं
नागपंचमी का त्योहार
नागपंचमी का त्योहार हिंदू धर्म में बहुत महत्व रखता है, इस दिन श्रद्धालु नाग देवता की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं
नागपंचमी के दिन श्रद्धालु विभिन्न प्रकार के अनुष्ठान और पूजा करते हैं, जैसे कि नाग पूजा, नाग अभिषेक, और नाग हवन
नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलने का महत्व
नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलने का महत्व नागपंचमी के दिन और बढ़ जाता है, इस दिन श्रद्धालु भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं
नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलने से पहले रात 11:30 बजे प्रथम पूजन की प्रक्रिया शुरू हुई, मध्यरात्रि 12 बजे पट खुलने के बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महाराज ने पूजन-अभिषेक किया
- नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलने का समय: मध्यरात्रि 12 बजे
- नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलने के बाद की पूजा और अनुष्ठान
- नागपंचमी के दिन श्रद्धालुओं के लिए विशेष पूजा और दर्शन का आयोजन
नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलने के बाद की व्यवस्था
नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलने के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, श्रद्धालु नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन कर सकते हैं और पूजा कर सकते हैं
नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलने के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस और सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं

कर्नाटक की राजधानी बंग्लुरू में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो के रूप में कार्यरत श्वेता यादव ने नई दिल्ली के एक ख्यातिलब्ध मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट से पोस्ट ग्रेजुएशन की उपाधि लेने के बाद वे पिछले लगभग 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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