विमल इलायची विज्ञापन मामले में FDA ने शाहरुख, अजय, टाइगर को नोटिस का जवाब मिला

(दीपक अग्रवाल)
मुंबई (साई)। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को 11 अगस्त को भेजे गए ‘विमल इलायची’ विज्ञापन संबंधी कारण बताओ नोटिस के सभी जवाब मिल गए हैं। दो अभिनेताओं ने व्यक्तिगत सुनवाई की मांग की थी, जिसकी सुनवाई सोमवार को हुई। यह कदम विज्ञापन में कलाकारों की जिम्मेदारी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

विवरण एवं कानूनी पहलू

FDA ने नोटिस में आरोप लगाया कि ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन में प्रतिबंधित पान मसाला ब्रांड का प्रचार किया जा रहा है, जो खाद्य सुरक्षा नियमों के विरुद्ध है। नोटिस में 15 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया था। सभी तीन अभिनेताओं ने अब अपना उत्तर प्रस्तुत कर दिया है, जिससे प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आयुक्त मुंढे ने कहा, “आपके लिए वे बड़े स्टार हो सकते हैं, लेकिन मेरे लिए वे केवल विज्ञापनदाता हैं और कानून उनका पालन करेगा।”

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कलाकारों की जिम्मेदारी पर प्रकाश

तुकाराम मुंढे ने यह स्पष्ट किया कि विज्ञापन में दिखाए जाने वाले उत्पाद की जिम्मेदारी केवल कंपनी की नहीं, बल्कि उसे प्रमोट करने वाले कलाकारों की भी होती है। उन्होंने कहा, “खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कलाकारों को यह जांचना चाहिए कि वे जिस उत्पाद का प्रचार कर रहे हैं वह कानूनी है या नहीं और उसके दावे सत्य हैं या नहीं।” इस बयान ने उद्योग में विज्ञापन नैतिकता पर नई चर्चा को जन्म दिया है।

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खबर के प्रमुख बिंदु

• कंपनी: विमल इलायची (विज्ञापनदाता)
• आयोजन: FDA द्वारा कारण बताओ नोटिस एवं व्यक्तिगत सुनवाई
• स्थान: मुंबई (प्रेस कॉन्फ्रेंस)
• मुख्य उद्देश्य: विज्ञापन में प्रतिबंधित पान मसाला के प्रचार को रोकना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: कलाकारों की विज्ञापन जिम्मेदारी को सुदृढ़ करना
• लक्ष्य: खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन और उपभोक्ता संरक्षण

FDA की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि विज्ञापन में कलाकारों की भूमिका को अब केवल चेहरे तक सीमित नहीं रखा जाएगा। नियमित सुनवाई और कड़ी कानूनी प्रक्रिया से उद्योग में पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे उपभोक्ता सुरक्षा और ब्रांड विश्वसनीयता दोनों को लाभ होगा। आगे भी FDA इस दिशा में कदम उठाते हुए विज्ञापन मानकों को सख्त करेगा, जिससे भारतीय बाजार में स्थायी विकास सुनिश्चित होगा।