(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)। भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 (एमपीटीएम) के सातवें संस्करण में राज्य के पर्यटन विकास का एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इस तीन दिवसीय महाकुंभ ने 3,729 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष निवेश आकर्षित किया। 34 देशों के 100 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय और 180 घरेलू टूर ऑपरेटर, होटलियर, निवेशकों और नीति निर्माताओं ने भाग लेकर प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपदा को वैश्विक पहचान दिलाई।
इवेंट की विस्तृत कवरेज
एमपीटीएम 2026 ने 10,000 से अधिक बी2बी मीटिंग्स के माध्यम से 600 से अधिक स्टेकहोल्डर्स को एक मंच पर लाया, जिससे निवेशकों को सीधे प्रोजेक्ट अवसरों से जोड़ने का अवसर मिला। पिछले दस वर्षों में प्रदेश ने कुल 3,963 करोड़ रुपये का निजी निवेश प्राप्त किया, और 2027 तक 15 नए फाइव-स्टार होटल्स के निर्माण की योजना है, जो रोजगार सृजन और राजस्व वृद्धि को तेज करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थल नहीं, बल्कि स्थानीय आजीविका और राज्य की आर्थिक सशक्तिकरण का मुख्य आधार बनाना आवश्यक है। इस दृष्टिकोण के तहत वन्यजीव, हेरिटेज, आध्यात्मिक, साहसिक और ग्रामीण पर्यटन के विविध आयामों को विकसित करने के लिए विशेष नीतियों की घोषणा की गई।
इवेंट में प्रस्तुत किए गए प्रोजेक्ट्स में इको-टूरिज्म, डिजिटल बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म, और सतत ऊर्जा समाधान शामिल थे, जो आधुनिक तकनीक के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी को जोड़ते हैं। स्टेकहोल्डर्स ने मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की सक्रिय भूमिका और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी को सराहा, जिससे टूरिज्म इकोसिस्टम को बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड
• आयोजन: मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026
• स्थान: भोपाल
• मुख्य उद्देश्य: निवेश आकर्षित करना, बी2बी नेटवर्किंग, पर्यटन ब्रांडिंग
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: 3,729 करोड़ रुपये का निवेश, 15 फाइव-स्टार होटल्स का विजन, सतत पर्यटन नीतियां
• लक्ष्य: 2027 तक अंतर्राष्ट्रीय आगंतुकों में 25% वृद्धि, रोजगार सृजन में 50,000 नई नौकरियां
भविष्य की दिशा
भविष्य में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड नियमित रूप से ऐसे मंचों का आयोजन करके निवेशकों को आकर्षित करने, तकनीकी नवाचार अपनाने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने पर ध्यान देगा। सतत विकास, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करके राज्य को विश्व स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाना लक्ष्य रहेगा। इस निरंतर फोकस से ऑपरेशनल उत्कृष्टता, आर्थिक स्थिरता और सामाजिक समावेशी विकास को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व, विकासपरक नीतियों और सतत प्रयासों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश आज वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक सशक्त, गतिशील और बहुआयामी गंतव्य के रूप में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य की विपुल प्राकृतिक संपदा, समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, पावन आध्यात्मिक केंद्रों, सघन वन्य जीव अभयारण्यों और अनूठी जनजातीय संस्कृति को केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित न रखकर इसे स्थानीय आजीविका, रोजगार सृजन और राज्य के समग्र आर्थिक सशक्तिकरण का मुख्य आधार बनाया जाए। उनके मार्गदर्शन और समग्र विकास दृष्टि का प्रत्यक्ष प्रमाण मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 की ऐतिहासिक सफलता के रूप में सामने आया है। राजधानी भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में हुए ‘मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026’ (एमपीटीएम) का 7वां संस्करण राज्य के पर्यटन विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। इस तीन दिवसीय महाकुंभ में 34 देशों के 100 से अधिक एवं देश के 180 से अधिक टूर ऑपरेटर्स होटल व्यवसायियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ प्रदेश के 250 से अधिक ट्रैवल टूर ऑपरेटर, होटलियर और एग्जीबिटर्स को एक ही मंच पर लाकर 10 हजार से अधिक बी2बी मीटिंग्स ने प्रदेश की असीम पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक पहचान दिलाई। आयोजन ने वन्य जीव, हेरिटेज, आध्यात्म, साहसिक और ग्रामीण पर्यटन के विविध आयामों को वैश्विक खरीदारों के समक्ष पूरी भव्यता के साथ प्रस्तुत किया।
ट्रैवल मार्ट में 3,729 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्तावों से राज्य में सशक्त होगी आधुनिक पर्यटन अधोसंरचना
ट्रैवल मार्ट के 7वें संस्करण में निजी क्षेत्र से लगभग 3,729 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं। ये प्रस्ताव लक्जरी होटलों, वेलनेस रिसॉर्ट्स, गोल्फ कोर्स, वॉटरफ्रंट रिट्रीट्स और वन्यजीव लॉज के विकास से जुड़े हैं। इन पूंजीगत निवेशों से न केवल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों की आतिथ्य क्षमता में विश्वस्तरीय वृद्धि होगी, बल्कि राज्य के दुरस्थ अंचलों में आधुनिक अधोसंरचनात्मक का विस्तार होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे।
व्यावसायिक नेटवर्किंग के दौरान 10,263 बी2बी बैठकों का ऐतिहासिक कीर्तिमान: 14% की हुई वृद्धि
व्यावसायिक संवाद और साझेदारी के दृष्टिकोण से यह आयोजन ऐतिहासिक रहा, जिसमें कुल 10,263 सफल बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें संपन्न हुईं। वर्ष 2025 में आयोजित ट्रैवल मार्ट में लगभग 9,000 बैठकें हुई थीं, जिसकी तुलना में इस वर्ष 14 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्ध दर्ज की गई। इन बैठकों ने स्थानीय टूर प्रमोटर्स, होटल मालिकों और ग्रामीण होमस्टे संचालकों को अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़कर आगामी वर्षों के लिए दीर्घकालिक व्यावसायिक अनुबंधों का सुदृढ़ आधार तैयार किया।
34 देशों के 100 विदेशी टूर ऑपरेटर्स ने दिखाई गहरी रुचि, 7 नए देश हुए शामिल
ट्रैवल मार्ट में 34 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 100 प्रमुख विदेशी टूर ऑपरेटर्स ने सक्रिय सहभागिता की। पिछले वर्ष जहां 27 देशों के 90 विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए थे, वहीं इस बार 7 नए देश ट्रैवल मार्ट में शामिल हुए। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया,और स्पेन सहित विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता और स्मारकों का गहन अध्ययन किया, जिससे आने वाले पर्यटन सत्रों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में निश्चित ही वृद्धि होगी।
15 राज्यों के 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स की भागीदारी से अंतर-प्रादेशिक नेटवर्क हुआ सुदृढ़
राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों के प्रवाह को गति देने के लिए देश के 15 राज्यों से 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स ने मार्ट में हिस्सा लिया। वर्ष 2025 के 150 घरेलू टूर ऑपरेटरों की तुलना में इस बार 20 प्रतिशत वृद्धि देखी गई। देश के विभिन्न हिस्सों से आए इन प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश के प्रमुख व उभरते पर्यटन केंद्रों को अपने यात्रा कार्यक्रमों में शामिल करने के लिए स्थानीय भागीदारों से अनुबंध किए। इससे राज्य के लिए एक सुदृढ़ अंतर-प्रादेशिक पर्यटन नेटवर्क स्थापित हुआ।
ट्रैवल मार्ट एग्जिबिशन में 177 स्टॉल्स की आधुनिक आतिथ्य और पारंपरिक हस्तशिल्प की दुनिया
ट्रैवल मार्ट के विशाल परिसर में ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े 177 भव्य स्टॉल्स लगाए गए। इन स्टॉल्स के माध्यम से मध्यप्रदेश सहित देश-विदेश के प्रतिष्ठित होटलों, रिसॉर्ट्स, ट्रैवल एजेंसियों, साहसिक खेल अकादमियों, पारंपरिक शिल्पकारों और उभरते हुए ग्रामीण होमस्टे को एक साझा व्यावसायिक मंच मिला। प्रदर्शनी ने खरीदारों और सेवा प्रदाताओं के बीच पारदर्शी संवाद का माध्यम बनकर पर्यटन उद्योग के संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को एक ही स्थान पर जीवंत कर दिया।
सीहोर के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स का 848.40 करोड़ रूपये का निवेश एमओयू
निवेश संवर्धन के क्षेत्र में सबसे बड़ा मील का पत्थर सीहोर जिले के रामगढ़ में स्थापित होने वाली मेगा परियोजना रही, जिसके लिए ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 848.40 करोड़ रूपये के निजी निवेश का एमओयू किया गया। कंपनी के चेयरमैन एवं निदेशक श्री अतुल अग्रवाल के नेतृत्व में प्रस्तावित इस परियोजना में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल विकसित किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी उपक्रम क्षेत्र में 920 से अधिक कुशल व अकुशल युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा।
बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा में राजसन होटल्स का 520 करोड़ रूपये का वन्य जीव निवेश
प्रदेश के गौरवशाली वन्य जीव पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से राजसन होटल्स प्राइवेट लिमिटेड और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के बीच 520 करोड़ रूपये के निवेश का महत्वपूर्ण समझौता हुआ। कंपनी के निदेशक श्री विनोद सिंह राजपुरोहित द्वारा प्रस्तुत कार्य योजना अंतर्गत बांधवगढ़, सतपुड़ा और कान्हा टाइगर रिजर्व के परिधीय क्षेत्रों में अत्याधुनिक वन्य जीव रिसॉर्ट्स विकसित किए जाएंगे। धारणीय पर्यटन मानकों पर आधारित इस परियोजना से लगभग 375 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
धरोहर संरक्षण, पर्यटक प्रशिक्षण और लक्जरी रिसॉर्ट्स में बड़े निवेश की पहल
ओरछा की धरोहर संरक्षण के लिए एसपीए, नई दिल्ली और ‘द्रोणह’ की श्रीमती शिखा जैन के साथ एमओयू किए गए। आईआईटीटीएम, ग्वालियर के साथ भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने तथा टेकनपुर बीएसएफ अकादमी में सैन्य पर्यटन के उन्नयन के लिए भी समझौते हुए। निवेश प्रस्तावों में एटमॉस्फियर ग्रुप ने उज्जैन, इंदौर और वन्यजीव क्षेत्रों में 500 करोड़ रूपये, रेनी ग्रुप ने मांडू की 350 वर्ष पुरानी लुनेरा सराय को 130 करोड़ रूपये में ‘वेलकम होटल बाय आईटीसी’ के रूप में विकसित करने और खजुराहो के कुटनी डैम पर वॉटरफ्रंट रिसॉर्ट सहित 290 करोड़ रूपये से अधिक तथा सर्व ग्रुप ने मढ़ई में ‘ताज सफारीज’ के साथ 100 करोड़ रूपये के अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट सहित कुल 300 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव रखे गए। सर्व ग्रुप ने सतपुड़ा के मढ़ई में ‘ताज सफारीज’ के साथ 100 करोड़ रूपये के अल्ट्रा-लक्जरी रिसॉर्ट सहित कुल 300 करोड़ रूपये के निवेश का प्रस्ताव रखा।
ओंकारेश्वर में सिंहस्थ पूर्व 200 करोड़ रूपये का ‘रमाडा रिसॉर्ट’ और वन्य जीव समूहों का उत्साह
एमआरवीएच रिसॉर्ट्स के निदेशक श्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि ओंकारेश्वर में 200 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे ‘रमाडा रिसॉर्ट बाय विंडहैम’ को सिंहस्थ 2028 से पूर्व, वर्ष 2026 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा, साथ ही अन्य स्थलों पर 150 करोड़ रूपये का अतिरिक्त निवेश होगा। वन्य जीव सर्किटों में रामको ग्रुप ने 120-140 करोड़ रूपये के सतत रिसॉर्ट्स, वराय होटल्स ने उज्जैन में 80 करोड़ रूपये के होटल, इवॉल्व बैक ने मांडू में 50 करोड़ रूपये और अनाशविश टाइगर कैंप ने ‘द लीला’ के साथ लक्जरी परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
ओरछा में 50 करोड़ रूपये का रिसॉर्ट और पन्ना के ऐतिहासिक पैलेस में हेरिटेज होटल का प्रदान किया गया एलओए
प्रदेश में पर्यटन परियोजनाओं की त्वरित स्थापना के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किए गए। मेसर्स पालिया कंस्ट्रक्शन, ग्वालियर के पार्टनर श्री अनूप शर्मा को ऐतिहासिक नगरी ओरछा में 50 करोड़ रूपये के निवेश से आधुनिक रिसॉर्ट स्थापित करने के लिए एलओए सौंपा गया। वहीं श्री वीरेंद्र जादौन एवं श्रीमती रत्न जादौन को पन्ना जिले के ऐतिहासिक लक्ष्मीपुर पैलेस में 10 करोड़ रूपये के निवेश से हेरिटेज होटल विकसित करने का अनुबंध पत्र दिया गया, जिससे रियासतकालीन धरोहर को संवारते हुए पर्यटकों को राजसी अनुभव मिल सकेगा। विकेंद्रीकृत पर्यटन विकास के तहत ओरछा, बैतूल, नीमच, मंदसौर, रायसेन और सागर सहित विभिन्न क्षेत्रों में रिसॉर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी किए गए। खजुराहो-पन्ना, जबलपुर-भोपाल और उज्जैन-मक्सी मार्गों पर आधुनिक मार्ग सुविधा केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी गई, जहां यात्रियों को स्वच्छ प्रसाधन, खानपान और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी
डिजिटल तकनीक और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा: एक्सप्लर्जर व ग्राम स्टे के साथ एमओयू
मध्यप्रदेश में पर्यटन को डिजिटल और वैश्विक पहचान देने के लिए एक्सप्लर्जर के साथ एमओयू किया गया। इसके तहत 100 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 1,000 क्यूआर कोड बोर्ड और एआई आधारित बहुभाषी पर्यटक सहायता विकसित की जाएगी। वहीं, ‘ग्राम स्टे’ के साथ समझौते से ग्रामीण होमस्टे को अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण परिवारों को पर्यटन से सीधे आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
‘द वायरल फीवर’ और केआरएआरके के साथ करार: फिल्म पर्यटन का नया हब बनेगा मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश को देश का प्रमुख फिल्म निर्माण हब बनाने के उद्देश्य से प्रसिद्ध डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन हाउस ‘द वायरल फीवर’ और केआरएआरके फैमिली ऑफिस के साथ महत्वपूर्ण समझौता हुआ। टीवीएफ के संस्थापक श्री अरुणाभ कुमार ने ‘पंचायत’ और ‘गुल्लक’ जैसी चर्चित वेब-सीरीज की मध्यप्रदेश में हुई सफल शूटिंग का उल्लेख करते हुए राज्य को फिल्म निर्माण के अनुकूल बताया। इस करार के अंतर्गत फिल्म पर्यटन को प्रोत्साहित करने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन तकनीकों में कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा।
साहसिक पर्यटन में सुरक्षा मानक तय करने हेतु एटीओएआई और नैट्रैक्स से एमओयू
साहसिक पर्यटन को व्यवस्थित करने के लिए एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ पद्मश्री से सम्मानित श्री अजीत बजाज की उपस्थिति में समझौता हुआ। इसके अंतर्गत साहसिक गतिविधियों के लिए कड़े सुरक्षा मानक, मानक संचालन प्रक्रियाएं और स्थानीय गाइडों का प्रमाणन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एशिया के सबसे बड़े ऑटोमोटिव टेस्टिंग ट्रैक ‘नैट्रैक्स’ के निदेशक डॉ. मनीष जायसवाल के साथ मोटरस्पोर्ट्स और ऑटो-टूरिज्म के विकास के लिए समझौता हुआ।
वन्य जीव पर्यटन में संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर पैनल डिस्कशन
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट के दूसरे दिन केंद्रीय पर्यटन सचिव श्री भुवनेश कुमार ने कहा कि वन्यजीव पर्यटन की सफलता प्रकृति संरक्षण और स्थानीय समुदायों को मिलने वाले लाभ से तय होनी चाहिए। उन्होंने कूनो में चीता संरक्षण के साथ चंबल में डॉल्फिन व गिद्ध संरक्षण और अनूठे प्राकृतिक अनुभवों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। पर्यटन सचिव एवं एमपीटीबी के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने सतत एवं संरक्षण आधारित पर्यटन मॉडल की प्रतिबद्धता दोहराते हुए भारत में जन्मी चीता द्वारा 5 शावकों के जन्म और रातापानी को नए बाघ अभयारण्य के रूप में विकसित करने का उल्लेख किया। विशेषज्ञों ने स्थानीय आतिथ्य, सुरक्षा और गाइडों को प्रभावी कहानीकार बनाने पर भी जोर दिया।
37,576 करोड़ रूपये का राष्ट्रीय माइस बाजार: इंदौर और भोपाल को प्रमुख आयोजन केंद्र बनाने पर विमर्श
‘माइस एवं क्रिएटिव इकोनॉमी’ राउंडटेबल में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं ICPB के चेयरमैन श्री हरिकिशोर एस. ने बताया कि देश का माइस बाजार लगभग 37,576 करोड़ रूपये का हो चुका है। उन्होंने टियर-2 शहरों की बढ़ती मांग को देखते हुए इंदौर और भोपाल में प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र बनने की व्यापक क्षमता रेखांकित की और सिटी माइस प्रमोशन ब्यूरो के गठन का सुझाव दिया। वहीं विज़क्राफ्ट के सह-संस्थापक श्री सब्बास जोसेफ ने ओरछा, खजुराहो, महेश्वर और मांडू को भव्य ‘डेस्टिनेशन वेडिंग्स’ के लिए उपयुक्त बताते हुए संपूर्ण अनुभव पैकेज विकसित करने पर बल दिया।
प्रदेश के पर्यटन को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण राउंट टेबल सत्र
प्रदेश को प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने के उद्देश्य से ‘माइस एवं क्रिएटिव इकोनॉमी’ और ‘एडवेंचर टूरिज्म’ पर विशेष राउंडटेबल आयोजित हुए। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं आईसीपीबी चेयरमैन श्री हरिकिशोर एस. ने 37,576 करोड़ रूपये के राष्ट्रीय माइस बाजार का उल्लेख करते हुए इंदौर-भोपाल को प्रमुख सम्मेलन केंद्र बनाने का सुझाव दिया। विज़क्राफ्ट के सह-संस्थापक श्री सब्बास जोसेफ ने ओरछा, खजुराहो, महेश्वर और मांडू में डेस्टिनेशन वेडिंग की संभावनाएं बताईं। पर्यटन सचिव एवं एमपीटीबी के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने वर्ष 2027 को ‘एडवेंचर ईयर’ के रूप में मनाकर साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कही।
एमपी टूरिज्म की बहुभाषी वेबसाइट का लोकार्पण और एआई अवतार ‘मोगली’ का आकर्षण
वैश्विक पर्यटकों की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (www.mptourism.com) के बहुभाषी संस्करण का लोकार्पण किया गया, जिसमें हिंदी व अंग्रेजी के अलावा जर्मन, स्पैनिश, फ्रेंच और जापानी भाषाओं को शामिल किया गया है। साथ ही 360-डिग्री व्यू, वीआर लिंक्स और एआई स्टोरीटेलिंग से युक्त डिजिटल ‘एमपी ट्रैवल हैंडबुक’ का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में इंटरैक्टिव एआई अवतार ‘मोगली’ ने आगंतुकों से सीधा संवाद कर उनकी रुचि के अनुरूप कस्टमाइज्ड यात्रा कार्यक्रम तैयार किए।
पर्यावरण-अनुकूल हरित आयोजन और डेलिगेट्स के लिए रोमांचक स्थानीय गतिविधियां
मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने पूरे आयोजन को सिंगल-यूज प्लास्टिक मुक्त और अधिक से अधिक पेपरलेस रखकर जिम्मेदार पर्यटन का उदाहरण प्रस्तुत किया। अतिथियों के आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया गया तथा मिट्टी के कुल्हड़ों को बढ़ावा दिया गया। इसके साथ ही 149 विशिष्ट प्रतिनिधियों ने भोपाल के कमला पार्क में हेरिटेज वॉक, बड़े तालाब पर 120 अतिथियों ने शिकारा बोट राइड, वन विहार में 70 अतिथियों ने बर्ड वॉक, योग सत्र और बड़ी संख्या में अतिथियों ने हेलीकॉप्टर जॉय राइड जैसी गतिविधियों का आनंद लिया।
‘मां की रसोई’ में महका पारंपरिक स्वाद और ‘अमृतस्य मध्यप्रदेश’ से बिखरी सांस्कृतिक छटा
आतिथ्य भोज के दौरान ‘मां की रसोई’ में देशी-विदेशी मेहमानों ने कोदो-मेथी भात, मट्ठे के आलू, चक्की का साग, मालवा के प्रसिद्ध दाल-बाफला, भटे का भरता और बुरहानपुर की ऐतिहासिक मावा जलेबी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। वहीं सांस्कृतिक संध्या में सुश्री मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 100 से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिका ‘अमृतस्य मध्यप्रदेश’ ने भीमबेटका, खजुराहो, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और मां नर्मदा की आरती से होते हुए सिंहस्थ कुंभ 2028 के आध्यात्मिक वैभव को जीवंत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
वैश्विक टूर ऑपरेटर्स और ग्रामीण होमस्टे संचालकों ने साझा किए अपने सकारात्मक अनुभव
केन्या के आर-12 अफ्रीका के निदेशक श्री रिजवान मावजी और ऑस्ट्रेलिया के श्री नवनीत मित्तल ने मार्ट को वैश्विक नेटवर्किंग का शानदार मंच बताया। इंदौर के कालाकुंड से श्री सूरज यादव, बांधवगढ़ के खितौली से श्री कपिल गुप्ता और डिंडौरी से जनजातीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले श्री जैनली समराम जैसे होमस्टे संचालकों ने कहा कि इस आयोजन ने उनके स्थानीय आतिथ्य को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई शक्ति दी है।
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 की अन्य मुख्य उपलब्धियाँ
मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में में वन्य जीव एवं सतत पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म, माइस और क्रिएटिव इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में नीति, अधोसंरचना, सुरक्षा मानकों, स्थानीय समुदायों के प्रशिक्षण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर विचार-विमर्श हुआ। डिजिटल पर्यटन टूल्स, फैम टूर्स, मीडिया एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की सहभागिता और सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार के साथ आयोजित इन्फ्लुएंसर्स मीट के माध्यम से प्रदेश के पर्यटन स्थलों की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दृश्यता बढ़ाने पर जोर दिया गया। वहीं, इको विलेज और आर्टिजन पवेलियन में ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय हस्तशिल्प और सतत पर्यटन को प्रदर्शित किया गया।
पिछले 10 वर्षों में 3,963 करोड़ रूपये का निजी निवेश और 2027 तक 15 नए फाइव-स्टार होटल्स का विजन
प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में 91 शासकीय भूमि खंड और 12 हेरिटेज संपत्तियां लीज पर देकर 3,963 करोड़ रूपये का निजी निवेश आकर्षित किया गया, जिससे 9,608 नए कमरे जुड़े और 38,432 रोजगार सृजित हुए। वर्तमान में प्रदेश में 18 फाइव-स्टार होटल संचालित हैं तथा वर्ष 2027 तक 15 और नए फाइव-स्टार होटल विकसित करने की योजना है। आयोजन के अंतिम दिन आम नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए प्रदर्शनी के द्वार खोले गए, जिसने जन-जागरूकता के साथ इस ऐतिहासिक सातवें संस्करण को पूर्णता प्रदान की।