(ब्यूरो कार्यालय)
बोध गया (साई)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को सुदृढ़ करने के लिए कई नई पहलों की घोषणा की। उन्होंने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर के विकास, बोधगया के बौद्ध स्थल के संवर्धन और राज्य‑स्तरीय सहयोग को प्रमुख कारण बताया। यह कदम श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।
धार्मिक पर्यटन में उठाए गए कदम
उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर परिसर को “श्री महाकाल लोक” के रूप में पुनः विकसित किया गया है। इस परियोजना में आधुनिक सुविधाएँ, सूचना‑प्रौद्योगिकी‑आधारित मार्गदर्शन प्रणाली और पर्यटक‑सुरक्षा उपाय शामिल हैं, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा अनुभव में सुधार हुआ है। बोधगया में बौद्ध धर्म से जुड़े स्थल जैसे महाबोधि मंदिर, अभय धाम और शांति उद्यान के लिए विशेष बुनियादी ढाँचा तैयार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने इन विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट आवंटित किया और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कार्यान्वयन को तेज़ किया।
आधुनिक तकनीक एवं राज्य सहयोग
मुख्यमंत्री ने बताया कि धार्मिक पर्यटन के विस्तार में केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन का विशेष महत्व है। विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान‑प्रदान कार्यक्रम और संयुक्त प्रचार अभियान से यात्रियों की प्रवाह में वृद्धि होगी। साथ ही, पर्यटक‑सुरक्षा, स्वच्छता और डिजिटल टिकटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को लागू करके यात्रा को सहज और सुरक्षित बनाया जाएगा। इन उपायों से न केवल श्रद्धालुओं को लाभ होगा, बल्कि स्थानीय रोजगार और छोटे व्यवसायों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
पर्यटन सुविधाओं का विस्तार और आर्थिक प्रभाव
सरकार ने प्रमुख तीर्थस्थलों के निकट नई होटल, होमस्टे और शटल सेवा की योजना बनाई है। स्थानीय कारीगरों को हस्तशिल्प और पारम्परिक भोजन के लिए बाजार प्रदान किया जाएगा, जिससे ग्रामीण आय में वृद्धि होगी। साथ ही, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से पर्यटन पैकेज और गाइडेड टूर की बुकिंग आसान की जा रही है, जिससे यात्रियों का समय बचता है और राज्य की ब्रांडिंग मजबूत होती है।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: मध्यप्रदेश सरकार • आयोजन: धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन विकास योजना • स्थान: उज्जैन, बोधगया (मुख्य घोषणा भोपाल में) • मुख्य उद्देश्य: श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाना, स्थानीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ करना • प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: महाकालेश्वर मंदिर का आधुनिकीकरण, बोधगया बौद्ध स्थलों का बुनियादी ढाँचा, डिजिटल टिकटिंग एवं शटल सेवा • लक्ष्य: 2027 तक पर्यटन आय में 30% वृद्धि, रोजगार सृजन में 15,000 नई नौकरियां।
भविष्य की दिशा
आगे देखते हुए, मध्यप्रदेश सरकार ने कहा है कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को निरंतर प्रोत्साहित करने के लिए नियमित समीक्षा, नई तकनीकी अपनाना और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। इस दिशा में किए गए सतत प्रयास राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करेंगे और सतत आर्थिक विकास में योगदान देंगे।