हाईकोर्ट ने दी झुग्गीवासियों को राहत, विधायक की भूमिका पर उठे सवाल

(ब्यूरो कार्यालय)
जबलपुर (साई)।
उखरी क्षेत्र में झुग्गियों को हटाने के मामले में हाईकोर्ट ने झुग्गीवासियों को राहत दी है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद भाजपा विधायक डॉ. अभिलाष पांडे की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। विधायक की कथित सक्रियता पर सवाल उठने का कारण यह है कि जब 23 जुलाई को कार्रवाई शुरू हुई, तब विधायक सामने नहीं आए। उनकी सक्रियता उस समय दिखी जब हाई कोर्ट से राहत मिल चुकी थी और प्रशासन स्वयं अदालत के सामने कार्रवाई रोकने का आश्वासन दे चुका था। इसके अलावा, विधायक का अधिकारियों को फटकार लगाते हुए वीडियो सामने आया, जिसमें वह बस्तीवासियों को पुनर्वास का भरोसा देते दिखाई दिए। हालांकि, अब पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन सामने आने के बाद चर्चा यह है कि विधायक की सक्रियता कितनी सच्ची थी।

हाईकोर्ट का फैसला और विधायक की भूमिका

हाईकोर्ट ने झुग्गीवासियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर निगम और जबलपुर विकास प्राधिकरण के बयान को रिकॉर्ड पर लिया कि 27 जुलाई तक कोई भी बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके बाद, विधायक डॉ. अभिलाष पांडे का अधिकारियों को फटकार लगाते हुए वीडियो सामने आया।

विधायक की सक्रियता पर सवाल उठने का कारण यह है कि जब 23 जुलाई को कार्रवाई शुरू हुई, तब विधायक सामने नहीं आए। उनकी सक्रियता उस समय दिखी जब हाई कोर्ट से राहत मिल चुकी थी और प्रशासन स्वयं अदालत के सामने कार्रवाई रोकने का आश्वासन दे चुका था।

झुग्गीवासियों की याचिका और हाईकोर्ट का फैसला

झुग्गीवासियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर ने हाई कोर्ट को बताया कि 19 जून 2026 के पुराने आदेश के आधार पर उन्हें बेदखल किए जाने का खतरा बना हुआ है। इस पर नगर निगम की ओर से फिर अदालत में कहा गया कि 28 जुलाई तक कोई भी बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

जस्टिस मनिंदर एस भट्टी ने इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले को 28 जुलाई को उसी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, हाईकोर्ट के फैसले के बाद झुग्गीवासियों को राहत मिली है।

Jabalpur Slum Demolition के मामले में महत्वपूर्ण तथ्य

झुग्गीवासियों को राहत देने के मामले में हाईकोर्ट का फैसला महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, विधायक की भूमिका पर सवाल उठने से यह स्पष्ट होता है कि राजनीतिक नेताओं को अपनी भूमिका का सही तरीके से निर्वाह करना चाहिए।

  • हाईकोर्ट ने झुग्गीवासियों को 28 जुलाई तक राहत दी है।
  • विधायक डॉ. अभिलाष पांडे की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
  • झुग्गीवासियों की याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की और नगर निगम को निर्देश दिया।

आगे की कार्रवाई

हाईकोर्ट के फैसले के बाद झुग्गीवासियों को राहत मिली है। इसके अलावा, विधायक की भूमिका पर सवाल उठने से यह स्पष्ट होता है कि राजनीतिक नेताओं को अपनी भूमिका का सही तरीके से निर्वाह करना चाहिए। राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा हो रही है।

आगे की कार्रवाई के लिए झुग्गीवासियों को न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना होगा। इसके साथ ही, विधायक को अपनी भूमिका का सही तरीके से निर्वाह करना होगा।