(ब्यूरो कार्यालय)
नई दिल्ली (साई)। ADR रिपोर्ट के अनुसार 13 प्रतिशत मुख्यमंत्री अरबपति की श्रेणी में हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सूची में सबसे ऊपर हैं। उनकी कुल संपत्ति 1413 करोड़ रुपए से अधिक है। इसके अलावा, रिपोर्ट में मुख्यमंत्रियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी दी गई है। 31 में से 14 मुख्यमंत्रियों पर केस हैं। यह कुल संख्या का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा है। गंभीर आपराधिक मामलों की बात करें तो 11 मुख्यमंत्री इसकी जद में हैं।
मुख्यमंत्रियों की संपत्ति
ADR रिपोर्ट के अनुसार, देश के 31 मुख्यमंत्रियों में से 13 प्रतिशत अरबपति हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार सूची में सबसे ऊपर हैं। उनकी कुल संपत्ति 1413 करोड़ रुपए से अधिक है।
इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू दूसरे नंबर पर हैं। उनकी संपत्ति 931 करोड़ रुपए से ज्यादा दर्ज की गई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी 648 करोड़ के साथ अमीर हैं।
मुख्यमंत्रियों के आपराधिक रिकॉर्ड
रिपोर्ट के मुताबिक, 31 में से 14 मुख्यमंत्रियों पर केस हैं। यह कुल संख्या का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा है। गंभीर आपराधिक मामलों की बात करें तो 11 मुख्यमंत्री इसकी जद में हैं।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री अनुमुला रेवंत रेड्डी पर सबसे अधिक केस हैं। उन पर कुल 89 आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें 72 मामले गंभीर आईपीसी धाराओं के तहत दर्ज हैं।
मुख्यमंत्रियों की शैक्षिक योग्यता
मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव काफी समृद्ध श्रेणी में आते हैं। उनकी कुल संपत्ति 42 करोड़ रुपए से अधिक है। उनके पास 8 करोड़ रुपए की देनदारी भी है।
वह शैक्षिक रूप से काफी योग्य नेता हैं। उनके पास शिक्षा के क्षेत्र में डॉक्टरेट की डिग्री है। मुख्यमंत्रियों की शैक्षिक योग्यता के बारे में और जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं।
निष्कर्ष
इस रिपोर्ट कार्ड से पता चलता है कि राजनीति में धन कितना हावी है। अपराधीकरण के आंकड़े भी जनता के सामने एक बड़ी चुनौती हैं।
भारतीय राजनीति में संपत्ति का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। चुनाव लड़ने के लिए अब करोड़ों रुपए की जरूरत होती है। चुनावी सुधारों के बारे में और जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं। मुख्यमंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड के बारे में और जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं।

मूलतः प्रयागराज निवासी, पिछले लगभग 25 वर्षों से अधिक समय से नई दिल्ली में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय विनीत खरे किसी पहचान को मोहताज नहीं हैं.
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