(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज ब्रहस्पतिवार 23 जुलाई 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, ब्रहस्पतिवार 23 जुलाई 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 22.4 | 22.2 | 98 | |
| शाम | 24.8 | 23.4 | 90 | |
| वर्षा | 121.8 | मिलीमीटर | ||
जिले में मानसून की सक्रियता के बीच बीते 24 घंटे मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहे। गुरुवार 23 जुलाई 2026 की शाम तक जिले में करीब 5 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार हुई बारिश का सीधा असर तापमान पर दिखाई दिया और अधिकतम तापमान गिरकर 24.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बारिश और बादलों के कारण दिनभर मौसम में ठंडक बनी रही। सामान्य रूप से जुलाई माह में मानसूनी गतिविधियों के कारण सिवनी जिले में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, लेकिन इस बार बारिश के प्रभाव से दिन और रात के तापमान के बीच अंतर अपेक्षाकृत कम रहा। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।
करीब5इंच बारिश ने बदला मौसम का मिजाज
सिवनी जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई करीब 5 इंच बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। लगातार बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ी और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिन के समय भी तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने से लोगों को जुलाई की सामान्य गर्मी और उमस से राहत मिली।
बारिश के बाद कई इलाकों में सड़कों और निचले स्थानों पर पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे खरीफ फसलों को लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, लगातार और अत्यधिक बारिश की स्थिति में जलभराव तथा फसलों में पानी रुकने की समस्या भी सामने आ सकती है।
अधिकतम तापमान24.8डिग्री,न्यूनतम22.2डिग्री
गुरुवार 23 जुलाई 2026 को सिवनी जिले में अधिकतम तापमान 24.8डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 22.2डिग्री सेल्सियस रहा। इस तरह दिन और रात के तापमान के बीच अंतर काफी कम रहा।
तापमान के आंकड़े बताते हैं कि बारिश और बादल छाए रहने से दिन के समय धरातल का तापमान अधिक बढ़ नहीं सका। वहीं रात के समय भी बादलों और वातावरण में मौजूद नमी के कारण न्यूनतम तापमान अपेक्षाकृत सामान्य से नीचे या आसपास बना रहा।
मौसम में आई इस ठंडक का असर आम जनजीवन पर भी देखने को मिला। लोग दिन के समय भी अपेक्षाकृत आरामदायक मौसम का अनुभव करते रहे। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई, जबकि किसानों के लिए बारिश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मानसून की सक्रियता से कृषि क्षेत्र को राहत
सिवनी जिला कृषि प्रधान क्षेत्र है और यहां खरीफ सीजन में बारिश का विशेष महत्व रहता है। जुलाई माह में होने वाली बारिश धान, मक्का, सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलों के लिए महत्वपूर्ण होती है।
करीब 5 इंच बारिश से खेतों में नमी की स्थिति मजबूत हुई है। जिन क्षेत्रों में बारिश की कमी महसूस की जा रही थी, वहां इस वर्षा से किसानों को राहत मिल सकती है। खेतों में रोपाई और बोवनी से जुड़ी गतिविधियों को भी इससे गति मिलने की संभावना है।
हालांकि कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश का लाभ तभी अधिक होता है जब खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था हो। लगातार भारी बारिश होने पर खेतों में पानी जमा हो सकता है, जिससे फसलों की जड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। इसलिए किसानों को खेतों में पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता है।
किसानों के लिए बारिश का क्या मतलब?
बारिश के बाद किसानों के सामने दो तरह की स्थिति बनती है। एक ओर पर्याप्त वर्षा से फसलों को आवश्यक नमी मिलती है, वहीं दूसरी ओर अत्यधिक बारिश से जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
किसानों के लिए जरूरी है कि—
- खेतों में पानी जमा होने की स्थिति पर नजर रखें।
- निचले खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें।
- लगातार बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से खेतों में भारी कृषि उपकरण न ले जाएं।
- फसलों में बीमारी या कीट प्रकोप के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों से सलाह लें।
- मौसम साफ होने के बाद खेतों में जल निकासी और फसल की स्थिति का निरीक्षण करें।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश का असर
सिवनी शहर में बारिश का असर यातायात और सामान्य जनजीवन पर पड़ सकता है। लगातार बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने पर वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों और छोटी जलधाराओं में पानी का प्रवाह बढ़ सकता है। बारिश के मौसम में लोगों को ऐसे स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचना चाहिए, जहां पानी का बहाव तेज हो।
विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को जलभराव वाले स्थानों, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले नालों से दूर रखना जरूरी है। बारिश के दौरान नदी या जलाशय के किनारे सेल्फी लेना अथवा पानी के तेज बहाव के करीब जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
तापमान में गिरावट से लोगों को मिली राहत
पिछले कुछ दिनों में उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश के बाद राहत मिली है। 24.8 डिग्री का अधिकतम तापमान दिन के समय मौसम को अपेक्षाकृत ठंडा बनाए रखने के लिए पर्याप्त रहा। वहीं 22.2 डिग्री न्यूनतम तापमान के कारण रात और सुबह के समय भी मौसम में ठंडक बनी रही।
मानसून के दौरान तापमान में गिरावट का एक प्रमुख कारण बादलों की मौजूदगी और वर्षा होती है। बादल सूर्य की गर्मी को सीधे धरातल तक पहुंचने से रोकते हैं। इसके अलावा बारिश के दौरान वातावरण में मौजूद गर्मी का एक हिस्सा वाष्पीकरण की प्रक्रिया में खर्च होता है। यही कारण है कि बारिश के बाद तापमान में गिरावट देखी जाती है।
मौसम का स्वास्थ्य पर भी असर
बारिश और तापमान में गिरावट के बाद मौसम भले ही सुहावना हो गया हो, लेकिन इस दौरान स्वास्थ्य को लेकर सावधानी भी जरूरी है। लगातार नमी और तापमान में बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण और अन्य मौसमी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
बारिश के मौसम में लोगों को साफ और सुरक्षित पेयजल का उपयोग करना चाहिए। खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचना और आसपास साफ-सफाई बनाए रखना भी जरूरी है। मच्छरों की संख्या बढ़ने की स्थिति में जलभराव वाले स्थानों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
बुजुर्गों और छोटे बच्चों को तापमान में अचानक बदलाव से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतना उपयोगी रहेगा। गीले कपड़ों में अधिक समय तक रहने से भी बचना चाहिए।
बारिश से जलस्रोतों को मिलेगा लाभ
सिवनी जिले के लिए मानसूनी बारिश जलस्रोतों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। लगातार बारिश से तालाबों, नालों और अन्य जलस्रोतों में पानी का स्तर बढ़ता है। भूजल स्तर को सुधारने में भी वर्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
यदि मानसून के दौरान पर्याप्त और संतुलित बारिश होती है, तो इसका लाभ आने वाले महीनों में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को मिल सकता है। हालांकि अत्यधिक बारिश होने पर जलस्रोतों में अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहना जरूरी है।
प्रशासन के सामने जलभराव और यातायात प्रबंधन की चुनौती
बारिश के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती निचले क्षेत्रों में जलभराव और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना होती है। शहरों में नालियों की सफाई और पानी की निकासी की व्यवस्था प्रभावी रहना आवश्यक है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पुल-पुलियों और छोटे रपटों पर पानी आने की स्थिति में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। प्रशासन के स्तर पर भी ऐसे स्थानों की निगरानी जरूरी होती है, जहां बारिश के बाद आवागमन प्रभावित हो सकता है।
बारिश के दौरान बिजली के खंभों, खुले तारों और क्षतिग्रस्त विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखना भी आवश्यक है। किसी भी प्रकार की विद्युत समस्या दिखाई देने पर लोगों को स्वयं मरम्मत का प्रयास करने के बजाय संबंधित विभाग को सूचना देनी चाहिए।
मौसम को लेकर लोगों की निगाहें आगे के दिनों पर
करीब 5 इंच बारिश के बाद अब लोगों की नजर आने वाले दिनों के मौसम पर बनी हुई है। यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं बारिश में विराम आने पर उमस फिर बढ़ सकती है।
मानसून के दौरान मौसम में तेजी से बदलाव सामान्य बात है। कुछ घंटों के भीतर तेज बारिश, बादल, हल्की बारिश और धूप की स्थिति बन सकती है। इसलिए आम लोगों के लिए मौसम की स्थिति के अनुसार अपनी दिनचर्या तय करना उपयोगी रहेगा।
किसानों के लिए भी आने वाले दिनों की बारिश महत्वपूर्ण होगी। पर्याप्त अंतराल के साथ होने वाली बारिश फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, जबकि लगातार भारी बारिश से जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
सिवनी में23जुलाई का मौसम: प्रमुख आंकड़े
बीते 24 घंटे के मौसम का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है—
- तारीख: गुरुवार, 23 जुलाई 2026
- बारिश: लगभग 5 इंच
- अधिकतम तापमान: 24.8 डिग्री सेल्सियस
- न्यूनतम तापमान: 22.2 डिग्री सेल्सियस
- मौसम का प्रभाव: तापमान में गिरावट और वातावरण में ठंडक
- कृषि प्रभाव: खरीफ फसलों के लिए बारिश महत्वपूर्ण
- सावधानी: जलभराव, तेज बहाव और फिसलन वाले क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित बारिश सबसे महत्वपूर्ण
मौसम और कृषि से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी क्षेत्र के लिए केवल बारिश की मात्रा ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि उसका वितरण भी महत्वपूर्ण होता है। कम समय में बहुत अधिक बारिश होने से जलभराव और मिट्टी के कटाव की समस्या हो सकती है, जबकि अंतराल के साथ होने वाली बारिश फसलों और भूजल के लिए अधिक उपयोगी साबित होती है।
सिवनी जैसे कृषि प्रधान जिले में बारिश का प्रभाव सीधे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। अच्छी बारिश से फसल उत्पादन की संभावनाएं मजबूत होती हैं, लेकिन इसके साथ जल निकासी, सड़क संपर्क और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर भी ध्यान देना जरूरी होता है।
आगे क्या?
आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पूरी तरह मानसूनी गतिविधियों पर निर्भर रहेगी। यदि बादल सक्रिय रहे और बारिश का सिलसिला जारी रहा तो तापमान में ठंडक बनी रह सकती है। वहीं बारिश रुकने के बाद वातावरण में नमी के कारण उमस बढ़ने की संभावना रहती है।
लोगों को सलाह दी जाती है कि बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाले रास्तों का उपयोग सावधानी से करें। किसान अपने खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान दें और फसलों की नियमित निगरानी करते रहें।
सिवनी जिले में गुरुवार 23 जुलाई 2026 को बीते 24 घंटों के दौरान हुई करीब 5 इंच बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। बारिश के प्रभाव से अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं खरीफ फसलों के लिए भी बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि लगातार बारिश के साथ जलभराव, तेज बहाव और यातायात संबंधी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में प्रशासनिक सतर्कता के साथ आम लोगों और किसानों की सावधानी भी जरूरी है। फिलहाल सिवनी में मानसून की सक्रियता ने मौसम को ठंडा और सुहावना बना दिया है, जबकि आने वाले दिनों की बारिश जिले के कृषि और जलस्रोतों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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