सिवनी में मानसून का इंतजार, तापमान पर बनी हुई नजर
(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज ब्रहस्पतिवार 25 जून 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, ब्रहस्पतिवार 25 जून 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 27.4 | 24.4 | 31 | |
| शाम | 31 | 25.4 | 64 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में गुरुवार 25 जून 2026 की शाम तक बीते 24 घंटों का तापमान दर्ज किया गया। जिले में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदलता दिखाई दे रहा है। दिन के समय तेज धूप और शाम के समय बढ़ी नमी ने लोगों को गर्मी और उमस से परेशान कर रखा है।
जून का अंतिम सप्ताह सामान्य तौर पर मानसून के सक्रिय होने का समय माना जाता है, लेकिन इस वर्ष जिले में बारिश की गति अपेक्षाकृत धीमी दिखाई दे रही है। यही कारण है कि लोगों की निगाहें अब मौसम विभाग की भविष्यवाणियों और आसमान की ओर टिकी हुई हैं।
बीते 24 घंटों में कैसा रहा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान जिले में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस की गई, जबकि रात में नमी बढ़ने से उमस की स्थिति बनी रही।
बदलते मौसम के कारण सुबह और शाम के समय बादलों की आवाजाही भी देखने को मिली, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा नहीं हो सकी। इससे लोगों को अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई।
बढ़ी उमस ने बढ़ाई परेशानी
सिवनी शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लोग उमस भरे मौसम से परेशान हैं। तापमान में अधिक गिरावट नहीं आने और वातावरण में नमी बढ़ने से दिन और रात दोनों समय असहज स्थिति बनी हुई है।
लोगों की प्रमुख समस्याएं:
- दोपहर में तेज गर्मी का एहसास।
- रात में भी तापमान में पर्याप्त कमी नहीं।
- बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी।
- बिजली की खपत में बढ़ोतरी।
- पेयजल की मांग में वृद्धि।
शहर के कई इलाकों में लोग बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं ताकि मौसम में ठंडक आ सके।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण है आगामी बारिश
सिवनी जिला मुख्य रूप से कृषि आधारित क्षेत्र है। यहां की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर करती है। खरीफ फसलों की बुवाई का समय शुरू हो चुका है और किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार:
- धान की खेती के लिए पर्याप्त पानी जरूरी है।
- मक्का और सोयाबीन की बुवाई भी वर्षा पर निर्भर है।
- खेतों की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है।
- यदि बारिश में देरी होती है तो खेती का चक्र प्रभावित हो सकता है।
हालांकि किसानों को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में मानसून सक्रिय होगा और कृषि कार्यों में तेजी आएगी।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
गर्मी और उमस का मौसम स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ा सकता है। चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह के मौसम में शरीर में पानी की कमी, थकान और संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों की सलाह:
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- धूप में निकलने से बचें।
- हल्का और पौष्टिक भोजन करें।
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- अधिक समय तक खुले में काम करने से बचें।
स्वास्थ्य विभाग भी लोगों को बदलते मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है।
जल स्रोतों पर भी दिख रहा प्रभाव
अभी तक जिले में व्यापक वर्षा नहीं होने से छोटे जल स्रोतों पर दबाव बना हुआ है। तालाब, कुएं और छोटे जलाशयों में जल स्तर सामान्य से कम देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की आशंका बढ़ सकती है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर जल उपलब्धता की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मौसम विशेषज्ञ क्या कहते हैं
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं। सिवनी जिले में भी आगामी दिनों में बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- तापमान में गिरावट संभव है।
- उमस से राहत मिल सकती है।
- कृषि गतिविधियों में तेजी आएगी।
- जल स्रोतों की स्थिति में सुधार हो सकता है।
हालांकि मौसम के बदलते स्वरूप को देखते हुए सटीक अनुमान लगाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
बदलता मौसम और जलवायु का प्रभाव
पिछले कुछ वर्षों में मौसम के पैटर्न में तेजी से बदलाव देखने को मिला है। कभी अत्यधिक गर्मी, कभी अचानक भारी बारिश और कभी लंबे समय तक शुष्क स्थिति जैसी परिस्थितियां सामान्य बनती जा रही हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन का असर अब छोटे जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्पष्ट दिखाई देने लगा है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी और अनियमित वर्षा भविष्य के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
आमजन की नजर आसमान पर
सिवनी जिले में इस समय सबसे अधिक चर्चा मौसम को लेकर ही है। बाजारों, गांवों और शहरों में लोग यही पूछते दिखाई दे रहे हैं कि आखिर मानसून कब पूरी तरह सक्रिय होगा।
बारिश होने से:
- लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।
- खेती की गतिविधियां शुरू होंगी।
- जल स्रोतों को नया जीवन मिलेगा।
- पर्यावरण में हरियाली और ठंडक बढ़ेगी।
- पेयजल संकट की आशंकाएं कम होंगी।
प्रशासन की तैयारियां
मानसून के आगमन को देखते हुए प्रशासन भी विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है। जलभराव, पेयजल आपूर्ति और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि बारिश शुरू होने के बाद किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
स्थानीय प्रशासन मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाने की तैयारी में है।
गुरुवार 25 जून 2026 को सिवनी जिले में दर्ज बीते 24 घंटों का तापमान यह संकेत दे रहा है कि जिले में अभी गर्मी और उमस का प्रभाव बना हुआ है। मानसून की प्रतीक्षा के बीच आमजन, किसान और प्रशासन सभी की उम्मीदें आने वाली बारिश पर टिकी हैं। मौसम के बदलते स्वरूप के बीच आने वाले कुछ दिन जिले के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यदि मानसून सक्रिय होता है तो न केवल तापमान में गिरावट आएगी बल्कि कृषि, जल संसाधनों और जनजीवन को भी बड़ी राहत मिलेगी।

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