(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज बुधवार 05 अगस्त 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, बुधवार 05 अगस्त 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 25 | 24 | 92 | |
| शाम | 29.2 | 25 | 79 | |
| वर्षा | 22.8 | मिलीमीटर | ||
सिवनी जिले में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है, लेकिन बारिश के बावजूद लोगों को उमस से राहत नहीं मिल पा रही है। बुधवार 05 अगस्त 2026 की शाम तक उपलब्ध मौसम रिकॉर्ड के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान जिले में 22 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। हालांकि बारिश ने तापमान को सामान्य से नीचे बनाए रखने में कुछ हद तक मदद की, लेकिन वातावरण में नमी का स्तर अधिक होने के कारण दिनभर उमस का असर बना रहा।
मौसम के इस बदले हुए मिजाज का प्रभाव आम जनजीवन, कृषि गतिविधियों, यातायात तथा स्वास्थ्य पर भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। लगातार बदलते मौसम के कारण लोग सुबह और शाम हल्की ठंडक महसूस कर रहे हैं, जबकि दिन के समय उमस परेशान कर रही है।
पिछले24घंटे का मौसम रिकॉर्ड
मौसम विभाग द्वारा दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार बुधवार 05 अगस्त 2026 तक पिछले 24 घंटे में जिले की प्रमुख मौसम स्थितियां इस प्रकार रहीं—
- वर्षा : 22मिलीमीटर
- अधिकतम तापमान : 29.2डिग्री सेल्सियस
- न्यूनतम तापमान : 24डिग्री सेल्सियस
- वातावरण में नमी का स्तर अपेक्षाकृत अधिक
- दिनभर बादलों की आवाजाही जारी रही
बारिश होने के बावजूद हवा की गति अपेक्षाकृत कम रहने और वातावरण में अधिक नमी के कारण उमस बनी रही।
बारिश के बाद भी क्यों बनी रहती है उमस?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अच्छी बारिश होने के बाद भी गर्मी और उमस क्यों महसूस होती है। इसका प्रमुख कारण वातावरण में बढ़ी हुई आर्द्रता होती है।
जब वर्षा होती है तो हवा में जलवाष्प की मात्रा बढ़ जाती है। यदि इसके बाद तेज हवा या पर्याप्त धूप नहीं निकलती, तो नमी लंबे समय तक वातावरण में बनी रहती है। यही नमी शरीर से निकलने वाले पसीने को जल्दी सूखने नहीं देती और व्यक्ति को अधिक गर्मी एवं चिपचिपाहट महसूस होती है।
यही स्थिति इस समय सिवनी जिले में भी देखने को मिल रही है।
किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों
मानसून की यह वर्षा खरीफ फसलों के लिए लाभकारी मानी जा रही है। विशेष रूप से धान, मक्का, सोयाबीन तथा अन्य वर्षा आधारित फसलों को पर्याप्त नमी मिल रही है।
हालांकि लगातार नमी और बीच-बीच में होने वाली बारिश किसानों के सामने कुछ नई चुनौतियां भी खड़ी कर रही हैं।
संभावित सकारात्मक प्रभाव
- खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है।
- धान की फसल को लाभ मिलने की संभावना।
- भूजल स्तर में सुधार जारी।
- छोटे जलाशयों और तालाबों में जल संग्रह बढ़ रहा है।
संभावित चुनौतियां
- खेतों में जलभराव की आशंका।
- फसलों में फफूंद एवं रोगों का खतरा।
- खरपतवार तेजी से बढ़ने की संभावना।
- कृषि कार्यों में बाधा।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसान मौसम के अनुसार खेतों का नियमित निरीक्षण करते रहें ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी का समय रहते उपचार किया जा सके।
शहर में जनजीवन पर असर
लगातार हो रही बारिश और उमस का प्रभाव शहर के दैनिक जीवन पर भी देखा जा रहा है।
सुबह और शाम के समय लोगों को मौसम अपेक्षाकृत सुहावना महसूस होता है, लेकिन दोपहर के समय उमस के कारण बाजारों तथा सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को परेशानी होती है।
कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
उमस भरे मौसम में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने की संभावना रहती है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों तथा पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
ऐसे मौसम में सामान्यतः निम्न समस्याएं देखने को मिल सकती हैं—
- अधिक पसीना आना
- शरीर में पानी की कमी
- त्वचा संबंधी संक्रमण
- वायरल बुखार
- सर्दी-खांसी
- मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा
विशेषज्ञ पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्का भोजन करने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा अनावश्यक रूप से धूप और उमस में लंबे समय तक रहने से बचने की सलाह देते हैं।
मौसम का बदलता स्वरूप
इस वर्ष मानसून के दौरान सिवनी जिले में कभी तेज बारिश तो कभी हल्की बूंदाबांदी का क्रम बना हुआ है।
मौसम में यह उतार-चढ़ाव दर्शाता है कि मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। बादलों की लगातार आवाजाही के कारण तापमान सामान्य सीमा में बना हुआ है, लेकिन वातावरण में नमी अधिक होने से लोगों को गर्मी का अनुभव हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार यही स्थिति मध्य भारत के कई जिलों में भी देखी जा रही है।
प्रशासन की तैयारी
मानसून को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक तैयारियां जारी हैं।
स्थानीय स्तर पर जल निकासी व्यवस्था, निचले क्षेत्रों की निगरानी तथा संभावित जलभराव वाले स्थानों पर सतर्कता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
साथ ही नागरिकों से भी अपील की जा रही है कि बारिश के दौरान अनावश्यक जोखिम न लें तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से सावधानीपूर्वक गुजरें।
लोगों की प्रतिक्रिया
बारिश से किसानों और प्रकृति प्रेमियों में संतोष का वातावरण है, लेकिन शहर के अधिकांश लोग उमस से परेशान दिखाई दे रहे हैं।
कई लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के बाद मौसम ठंडा होने की उम्मीद थी, लेकिन नमी बढ़ने के कारण दिनभर चिपचिपाहट बनी रही।
वहीं दुकानदारों का कहना है कि बीच-बीच में होने वाली बारिश के कारण बाजार में ग्राहकों की संख्या भी प्रभावित होती है।
मौसम के आंकड़ों का विश्लेषण
यदि दर्ज किए गए तापमान और वर्षा के आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए तो स्पष्ट होता है कि अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जो मानसून के सक्रिय रहने का संकेत देता है।
दूसरी ओर 24 डिग्री सेल्सियस का न्यूनतम तापमान यह दर्शाता है कि रात के समय वातावरण अपेक्षाकृत ठंडा रहता है। लेकिन दिनभर उच्च आर्द्रता के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस होती है।
22 मिमी वर्षा यह संकेत देती है कि जिले में अच्छी बारिश हुई, हालांकि लगातार तेज हवा नहीं चलने के कारण उमस बनी रही।
आगामी दिनों का संभावित मौसम
मौसम की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आने वाले दिनों में भी बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है।
संभावित स्थिति—
- हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रह सकता है।
- कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना।
- अधिकतम तापमान लगभग 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
- न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना।
- वातावरण में नमी अधिक बनी रह सकती है।
यदि लगातार बारिश के साथ हवा की गति बढ़ती है तो उमस में कुछ कमी आ सकती है।
नागरिकों के लिए उपयोगी सुझाव
मानसून के दौरान कुछ सामान्य सावधानियां अपनाकर मौसम से होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है—
- पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पीते रहें।
- वर्षा के दौरान बिजली कड़कने पर खुले स्थानों से दूर रहें।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानीपूर्वक आवागमन करें।
- मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए आवश्यकतानुसार छाता या रेनकोट साथ रखें।
सिवनी जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान दर्ज 22 मिमी वर्षा ने मानसून की सक्रियता को बनाए रखा है, लेकिन अधिक नमी के कारण लोगों को उमस से राहत नहीं मिल सकी। अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज होना मौसम के संतुलित लेकिन आर्द्र बने रहने का संकेत है। कृषि के लिए यह बारिश लाभकारी मानी जा रही है, जबकि आम नागरिकों को स्वास्थ्य और दैनिक गतिविधियों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि आगामी दिनों में वर्षा के साथ हवा की गति बढ़ती है तो उमस में कमी आने की संभावना है और लोगों को मौसम से कुछ राहत मिल सकती है।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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