(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज सोमवार 06 जुलाई 2026 की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24 घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, सोमवार 06 जुलाई 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 25 | 24.6 | 98 | |
| शाम | 28 | 25 | 96 | |
| वर्षा | 24.6 | मिलीमीटर | ||
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान जिले में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली है। सोमवार 06 जुलाई 2026 की शाम तक दर्ज मौसम आंकड़ों के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, इस अवधि में 24.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
लगातार हो रही बारिश ने जिले के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। बीते कुछ दिनों से सक्रिय मानसून के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है और वातावरण में ठंडक महसूस की जा रही है।
बारिश ने दिलाई गर्मी से राहत
जून के अंतिम सप्ताह तक जिले में उमस और गर्मी का प्रभाव बना हुआ था। हालांकि जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून की गतिविधियां तेज होने के साथ ही मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सोमवार को दर्ज 24.6 मिमी वर्षा ने तापमान को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने के कारण दिन के तापमान में कमी आई है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है और सुबह तथा शाम के समय ठंडक बढ़ी है।
पिछले24घंटे के प्रमुख मौसम आंकड़े
- अधिकतम तापमान : 28 डिग्री सेल्सियस
- न्यूनतम तापमान : 24.6 डिग्री सेल्सियस
- कुल वर्षा : 24.6 मिमी
- मौसम की स्थिति : बादल छाए रहे, कई क्षेत्रों में मध्यम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी जिले में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
किसानों के लिए राहत भरी खबर
सिवनी जिला मुख्य रूप से कृषि आधारित क्षेत्र है। यहां की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर करती है। धान, मक्का और सोयाबीन की खेती के लिए जुलाई का महीना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है और खरीफ फसलों की बुआई को गति मिली है। कई क्षेत्रों में किसान अब तेजी से धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्यों में जुट गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में इसी प्रकार संतुलित वर्षा होती रही तो इस वर्ष खरीफ उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है।
शहर में कई जगह जलभराव की स्थिति
एक ओर बारिश ने राहत दी है तो दूसरी ओर नगर के कुछ हिस्सों में जलभराव की समस्या भी सामने आई है। कई निचले इलाकों में पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बारिश के दौरान नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की कमी के कारण सड़कों पर पानी भर जाता है। इससे बाजार क्षेत्रों और आवासीय इलाकों में दैनिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान शहरी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाना स्थानीय प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने लगा
जिले में हो रही लगातार वर्षा के कारण छोटे नदी-नालों और जलाशयों के जलस्तर में धीरे-धीरे वृद्धि दर्ज की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों और जल स्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ी है।
यह स्थिति भविष्य में पेयजल और सिंचाई की दृष्टि से लाभदायक मानी जा रही है। पिछले वर्षों में कई क्षेत्रों में जल संकट की समस्या सामने आई थी, इसलिए इस बार शुरुआती अच्छी बारिश को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
मौसम में बदलाव का स्वास्थ्य पर असर
लगातार बारिश और तापमान में गिरावट के कारण मौसम में नमी बढ़ गई है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, खांसी, वायरल बुखार और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को निम्न सावधानियां बरतने की सलाह दे रहे हैं—
- साफ और उबला हुआ पानी पीएं।
- जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें।
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
- मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।
- खानपान में स्वच्छता बनाए रखें।
मानसून की सक्रियता से बढ़ी उम्मीदें
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सामान्य से बेहतर स्थिति में बना हुआ है। सिवनी जिले में भी अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।
यदि मानसून की यह सक्रियता बनी रहती है तो इसका सीधा लाभ कृषि, जल संरक्षण और पर्यावरण को मिलेगा। जिले के जलाशयों में पर्याप्त पानी संग्रहित होने से भविष्य में पेयजल संकट की संभावना भी कम होगी।
बाजार और जनजीवन पर प्रभाव
बारिश का असर स्थानीय बाजारों पर भी दिखाई दिया। कई क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही कम रही, जबकि सब्जियों और कृषि उत्पादों की आवक पर भी असर पड़ा।
हालांकि व्यापारियों का कहना है कि अच्छी बारिश का दीर्घकालिक प्रभाव सकारात्मक रहता है क्योंकि कृषि उत्पादन बेहतर होने पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और बाजार में क्रय शक्ति बढ़ती है।
वहीं बच्चों और युवाओं ने सुहावने मौसम का आनंद लिया। कई पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली।
प्रशासन की तैयारियों पर नजर
मानसून के दौरान प्रशासन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। भारी बारिश की स्थिति में जलभराव, सड़क क्षति और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन को लगातार निगरानी बनाए रखने की आवश्यकता होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि—
- जल निकासी व्यवस्था की नियमित समीक्षा हो।
- संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई जाए।
- ग्रामीण संपर्क मार्गों की स्थिति पर नजर रखी जाए।
- आपदा प्रबंधन दल को सतर्क रखा जाए।
आने वाले दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के शुरुआती संकेत बताते हैं कि सिवनी जिले में अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना भी जताई गई है।
तापमान में फिलहाल अधिक बढ़ोतरी की संभावना नहीं दिखाई दे रही है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो मौसम इसी प्रकार सुहावना बना रह सकता है।
मानसून का व्यापक सामाजिक प्रभाव
अच्छी बारिश केवल मौसम को ही प्रभावित नहीं करती बल्कि इसका सीधा संबंध जिले की अर्थव्यवस्था, कृषि, जल संसाधन और आम जनजीवन से भी होता है। किसानों के लिए यह राहत की खबर है, वहीं जल संरक्षण की दृष्टि से भी यह अवधि महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सिवनी जैसे कृषि प्रधान जिले में मानसून की प्रत्येक गतिविधि पर लोगों की नजर रहती है क्योंकि अच्छी बारिश पूरे वर्ष की आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करती है।
सिवनी जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान दर्ज 24.6 मिमी वर्षा और तापमान में आई गिरावट ने मौसम को सुहावना बना दिया है। बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए भी उम्मीदों के नए द्वार खोले हैं। हालांकि जलभराव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। फिलहाल जिले में सक्रिय मानसून आने वाले दिनों में भी राहत और संभावनाओं की नई तस्वीर प्रस्तुत करता दिखाई दे रहा है।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
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