(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में आज ब्रहस्पतिवार 28मई 2026की शाम तक रिकार्ड किया गया पिछले 24घंटों का तापमान इस प्रकार रहा . . .
| सिवनी, ब्रहस्पतिवार 28 मई 2026 | ||||
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम | न्यूनतम | आद्रता | ||
| सुबह | 37 | 23.4 | 28 | |
| शाम | 43.2 | 23.6 | 17 | |
| वर्षा | 0 | मिली मीटर | ||
मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में मई माह के अंतिम दिनों में गर्मी लगातार अपने तीखे तेवर दिखा रही है। गुरुवार 28 मई 2026 की शाम तक रिकॉर्ड किए गए पिछले 24 घंटों के तापमान ने जिलेवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। जिले का अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिनभर सड़कें सूनी दिखाई दीं और लोग घरों में रहने को मजबूर नजर आए।
जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दोपहर के समय गर्म हवाओं का असर इतना अधिक रहा कि बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ काफी कम दिखाई दी। गर्मी के बढ़ते प्रभाव ने बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले मजदूर वर्ग की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
मई के अंतिम सप्ताह में बढ़ी गर्मी
आमतौर पर मई माह को गर्मी का चरम माना जाता है, लेकिन इस बार मौसम के बदलते स्वरूप ने लोगों को अधिक परेशान किया है। सिवनी जिले में सुबह से ही तेज धूप का असर दिखाई देने लगा और दोपहर तक तापमान तेजी से बढ़ता गया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ की कमी और लगातार साफ आसमान के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- तेज धूप और कम नमी के कारण लू जैसे हालात बन रहे हैं।
- ग्रामीण क्षेत्रों में गर्म हवाओं का असर अधिक महसूस किया जा रहा है।
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सबसे अधिक गर्मी रिकॉर्ड की गई।
- रात के तापमान में हल्की राहत जरूर है, लेकिन दिन की तपिश लोगों को परेशान कर रही है।
जनजीवन पर दिखाई देने लगा असर
सिवनी जिले में बढ़ती गर्मी का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय बाजारों में लोगों की आवाजाही कम हो गई है। सड़कों पर केवल जरूरी काम से निकलने वाले लोग ही दिखाई दे रहे हैं।
विशेष रूप से:
- दुपहिया वाहन चालकों को तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है।
- खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों की कार्यक्षमता प्रभावित हुई है।
- स्कूलों से लौटने वाले बच्चों को गर्मी से परेशानी हो रही है।
- अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और गर्मी से जुड़ी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान में शरीर में पानी की कमी तेजी से हो सकती है। ऐसे में लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन भी सतर्क मोड में
जिले में बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी सतर्कता बढ़ाई गई है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।
प्रशासन द्वारा जारी सावधानियां:
- अधिक पानी पीने की सलाह
- हल्के और सूती कपड़े पहनने की अपील
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश
- तेज धूप में लंबे समय तक काम करने से बचने की सलाह
ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि लू और गर्मी से होने वाली बीमारियों को रोका जा सके।
कृषि कार्यों पर भी पड़ सकता है प्रभाव
गर्मी का असर केवल आम जनजीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि क्षेत्र भी इससे प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार अधिक तापमान रहने से मिट्टी की नमी तेजी से कम होती है, जिससे आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
किसानों की चिंता के प्रमुख कारण:
- जल स्रोतों का तेजी से सूखना
- पशुओं के लिए पानी की कमी
- खेतों में नमी का कम होना
- बिजली खपत में वृद्धि
ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसान पहले ही सिंचाई और पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता जता रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होती है तो जल संकट की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मौसम विभाग के संकेत क्या कहते हैं?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में हल्के बादल छाने की संभावना व्यक्त की जा रही है, लेकिन इससे तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद फिलहाल नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
- अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री के बीच बना रह सकता है।
- गर्म हवाओं का असर जारी रहेगा।
- दोपहर के समय लू जैसी स्थिति बन सकती है।
- जून के पहले सप्ताह तक गर्मी का प्रभाव बना रहने की संभावना है।
मध्यप्रदेश के कई जिलों में इस समय तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है और सिवनी भी इसी प्रभाव से गुजर रहा है।
बिजली और पानी की मांग बढ़ी
जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली और पानी की मांग में भी तेजी आई है। लोग दिनभर कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर का उपयोग कर रहे हैं, जिससे बिजली की खपत बढ़ गई है।
कुछ इलाकों में लोगों ने पानी की सप्लाई कम होने और बिजली कटौती की शिकायतें भी की हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गर्मी के कारण:
- बिजली की मांग में भारी वृद्धि
- पेयजल संकट की आशंका
- ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंपों पर बढ़ती निर्भरता
- टैंकरों की मांग में इजाफा
सार्वजनिक स्थानों पर कम हुई भीड़
तेज गर्मी के चलते पार्क, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ कम दिखाई दी। आमतौर पर शाम के समय व्यस्त रहने वाले इलाकों में भी लोगों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कम रही।
व्यापारियों का कहना है कि:
- दोपहर के समय ग्राहक कम पहुंच रहे हैं।
- गर्मी के कारण बाजारों में रौनक घट गई है।
- शाम के बाद ही लोगों की आवाजाही बढ़ रही है।
हालांकि ठंडे पेय पदार्थ, फलों और आइसक्रीम की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह की गर्मी में थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। विशेषकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि:
- खाली पेट घर से बाहर न निकलें।
- लगातार पानी और तरल पदार्थ लेते रहें।
- धूप में निकलते समय सिर ढंककर रखें।
- अधिक गर्मी महसूस होने पर तुरंत आराम करें।
- शरीर में कमजोरी या चक्कर आने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
बदलते मौसम का व्यापक असर
पिछले कुछ वर्षों में मौसम के स्वरूप में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। कभी अचानक बारिश तो कभी अत्यधिक गर्मी जैसी स्थितियां अब सामान्य होती जा रही हैं। विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से जोड़कर देख रहे हैं।
पर्यावरण जानकारों का मानना है कि:
- जंगलों की कमी और बढ़ता शहरीकरण तापमान वृद्धि का कारण बन रहे हैं।
- भूजल स्तर में गिरावट भी मौसम को प्रभावित कर रही है।
- बढ़ती गर्मी भविष्य में और बड़ी चुनौती बन सकती है।
सिवनी जैसे वन क्षेत्रों वाले जिले में भी लगातार बढ़ते तापमान ने पर्यावरण विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है।
आने वाले दिनों में क्या रहेगी स्थिति?
मौसम विभाग की प्रारंभिक संभावनाओं के अनुसार अगले कुछ दिनों तक लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। हालांकि जून माह की शुरुआत के साथ प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
यदि बादलों की गतिविधियां बढ़ती हैं तो तापमान में कुछ कमी आ सकती है। लेकिन फिलहाल लोगों को सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत बताई जा रही है।
सिवनी जिले में 43.2 डिग्री तक पहुंचा तापमान यह संकेत दे रहा है कि गर्मी का प्रभाव अब अपने चरम की ओर बढ़ रहा है। लगातार बढ़ती तपिश ने आम जनजीवन, स्वास्थ्य, कृषि और सार्वजनिक व्यवस्थाओं पर असर डालना शुरू कर दिया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, वहीं नागरिकों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी, क्योंकि बढ़ती गर्मी अब केवल असुविधा नहीं बल्कि स्वास्थ्य और संसाधनों से जुड़ी गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

लगभग 20 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। दैनिक हिन्द गजट के संपादक हैं, एवं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के लिए लेखन का कार्य करते हैं . . .
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं.
अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.





