मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी भर्ती: 2548 पदों पर बिना परीक्षा सिलेक्शन

मध्यप्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की बंपर भर्ती निकली है, महिला एवं बाल विकास विभाग कुल 2548 पदों पर भर्ती करेगा, इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 1 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक चलेंगे, केवल स्थानीय वार्ड या ग्राम पंचायत की महिलाएं ही आवेदन कर सकती हैं

(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)।
मध्यप्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की भर्ती निकली है, 2548 पदों पर भर्ती होगी, ऑनलाइन आवेदन 1 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक चलेंगे, केवल स्थानीय वार्ड या ग्राम पंचायत की महिलाएं ही आवेदन कर सकती हैं, उम्मीदवारों का चयन बिना परीक्षा के सीधे 100 अंकों की मेरिट से होगा, आवेदिका का न्यूनतम 12वीं पास होना बहुत आवश्यक है, केवल महिला उम्मीदवार ही इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकती हैं

आंगनवाड़ी भर्ती के लिए जरूरी नियम

आवेदिका का न्यूनतम 12वीं पास होना बहुत आवश्यक है, केवल महिला उम्मीदवार ही इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकती हैं

सबसे जरूरी नियम स्थानीय निवासी होने का है, महिला उसी ग्राम पंचायत या शहरी वार्ड की निवासी होनी चाहिए, जहां के लिए वह आवेदन फॉर्म भर रही है

आंगनवाड़ी भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन बिना परीक्षा के सीधे 100 अंकों की मेरिट से होगा, शैक्षणिक योग्यता और सामाजिक स्थिति के आधार पर अंक मिलेंगे

एससी और सीटी वर्ग की महिलाओं को 5 अंक मिलेंगे, बीपीएल कार्ड धारक गरीब परिवार की महिलाओं को 5 अंक मिलेंगे, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिलाओं को भी 5 अंक मिलेंगे

आंगनवाड़ी भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया

आवेदन की पूरी प्रक्रिया को बहुत सरल रखा गया है, उम्मीदवार एमपी ऑनलाइन या आधिकारिक पोर्टल के जरिए फॉर्म भर सकते हैं

सबसे पहले विभाग के ऑनलाइन भर्ती पोर्टल पर जाएं, वहां अपने संभाग, जिले और तहसील का चयन करें, इसके बाद अपने ग्राम पंचायत या वार्ड की सूची देखें

  • आवेदिका का न्यूनतम 12वीं पास होना बहुत आवश्यक है
  • केवल महिला उम्मीदवार ही इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकती हैं
  • स्थानीय निवासी होने का नियम बहुत जरूरी है

आंगनवाड़ी भर्ती के लिए मानदेय

चयनित महिलाओं को सरकार की तरफ से हर महीने मानदेय मिलेगा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को शुरुआती सैलरी दस हजार रुपए प्रति माह मिलेगी

आंगनवाड़ी सहायिका को शुरुआती सैलरी सात हजार रुपए प्रति माह मिलेगी, इनके मानदेय में हर साल 500 रुपए की बढ़ोतरी की जाएगी