दुर्गा विसर्जन के दौरान चाकूबाजी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, सिवनी पुलिस ने चाकू जब्त कर भेजा जेल

सिवनी में दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान पुरानी रंजिश के चलते हुए चाकूबाजी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तीन धारदार चाकू भी जब्त किए गए। इस कार्रवाई को जिले में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)।सिवनी जिले में दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए चाकूबाजी मामले में थाना कोतवाली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों को पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए तीन धारदार चाकू भी जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के बाद जिले में पुलिस की सक्रियता और अपराध नियंत्रण को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

घटना पुरानी रंजिश से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें दुर्गा उत्सव के दौरान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।

दुर्गा विसर्जन के दौरान हुआ था हमला

जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला 02 अक्टूबर 2025 की रात का है। शहर के शास्त्री वार्ड निवासी अभिषेक डहेरिया ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान गांधी भवन स्थित बजरंग होटल के पास कुछ युवकों ने उस पर हमला कर दिया।

रिपोर्ट के अनुसार पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी मौके पर पहुंचे और पहले हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद धारदार चाकुओं से प्राणघातक हमला कर दिया गया। अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी और घायल युवक को गंभीर हालत में उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना धार्मिक आयोजन के दौरान हुई थी, इसलिए मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल भी बना था। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपियों की पहचान शुरू की।

थाना कोतवाली में दर्ज हुआ मामला

पीड़ित अभिषेक डहेरिया की शिकायत पर थाना कोतवाली सिवनी में अपराध क्रमांक 832/2025 दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 118(1) और 3(5) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था।

विवेचना आगे बढ़ने पर पुलिस ने मामले में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ीं। जांच के दौरान धारा 296, 351(2) और 118(2) बीएनएस का इजाफा किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामला गंभीर प्रकृति का था क्योंकि हमला जानलेवा इरादे से किया गया था।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, स्थानीय सूचना तंत्र और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी। कई महीनों तक चली तलाश के बाद आखिरकार पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।

पुलिस टीम ने ऐसे पकड़े आरोपी

पुलिस अधीक्षक सिवनी श्री कृष्ण लालचंदानी के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दीपक मिश्रा के निर्देशन में इस मामले में विशेष टीम गठित की गई थी। एसडीओपी सिवनी श्री सचिन परते के नेतृत्व में पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी।

19 मई 2026 को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में:

  • निखिल कुशवाहा पिता पन्नालाल कुशवाहा, उम्र 29 वर्ष
  • आर्यन धुर्वे पिता दुर्गाप्रसाद धुर्वे, उम्र 19 वर्ष
  • सौरभ उर्फ मोंटी पिता स्वर्गीय किशोर कुमार अग्रवाल, उम्र 35 वर्ष

शामिल हैं। तीनों आरोपी शास्त्री वार्ड, सिवनी के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों को पकड़ने के लिए कई स्थानों पर दबिश दी गई थी। स्थानीय मुखबिरों और तकनीकी निगरानी की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई।

आरोपियों की निशानदेही पर तीन चाकू जब्त

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर तीन धारदार चाकू बरामद किए।

पुलिस ने जब्त हथियारों को विधिवत सीज कर फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए हथियार मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित होंगे।

इस बरामदगी को पुलिस कार्रवाई की बड़ी सफलता माना जा रहा है क्योंकि हथियार मिलने से केस और मजबूत हुआ है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

न्यायालय में पेशी के बाद भेजे गए जेल

गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को जेल भेजने के आदेश दिए।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की सक्रियता की सराहना की है। लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में डर पैदा होता है।

धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

दुर्गा विसर्जन जैसे बड़े आयोजनों में अक्सर भारी भीड़ रहती है। ऐसे में छोटी कहासुनी कई बार हिंसक विवाद में बदल जाती है। सिवनी की यह घटना भी इसी प्रकार की परिस्थितियों में हुई, जहां पुरानी रंजिश ने गंभीर रूप ले लिया।

विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और विवादित व्यक्तियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है। इससे ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

पुलिस प्रशासन भी अब आगामी धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में जुटा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की सख्ती

सिवनी पुलिस द्वारा लगातार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। हाल के महीनों में जिले में अवैध गतिविधियों, हथियार रखने और हिंसक अपराधों पर विशेष अभियान चलाया गया है।

इस मामले में भी पुलिस ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों के अनुसार अपराधियों पर सख्त कार्रवाई से जिले में कानून व्यवस्था मजबूत होगी।

पुलिस विभाग का कहना है कि अपराध रोकने के लिए तकनीकी निगरानी, स्थानीय सूचना तंत्र और सामुदायिक सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में तेजी आ रही है।

स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई

घटना के बाद से शास्त्री वार्ड और आसपास के इलाकों में इस मामले को लेकर चर्चा बनी हुई थी। आरोपी लंबे समय से फरार बताए जा रहे थे, जिससे लोगों में नाराजगी भी थी।

गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की भावना व्यक्त की है। कई नागरिकों ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से लोगों का भरोसा बढ़ा है और इससे भविष्य में अपराधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

सामाजिक रूप से भी यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखना समाज के लिए आवश्यक है।

पुलिस टीम की भूमिका रही अहम

इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष रूप से एसडीओपी सिवनी श्री सचिन परते और थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सतीश तिवारी के नेतृत्व में टीम ने लगातार प्रयास किए।

कार्रवाई में प्र.आर. मुकेश गोडाने, आरक्षक सिद्धार्थ दुबे, सतीश इनवाती, विसराम धुर्वे, मुकेश इनवाती, लक्ष्मी चंद्रवंशी, प्रतीक बघेल, प्रदीप चौधरी, मिथलेश उइके, लोकेश सरयाम, अंकित देशमुख और सुधीर डहेरिया की विशेष भूमिका बताई गई है।

पुलिस विभाग के भीतर भी इस कार्रवाई को एक सफल ऑपरेशन के रूप में देखा जा रहा है।

भविष्य में ऐसे मामलों को रोकना बड़ी चुनौती

विशेषज्ञों के अनुसार पुरानी रंजिश और युवाओं के बीच बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति सामाजिक चिंता का विषय बनती जा रही है। छोटी-छोटी बातों पर धारदार हथियारों का इस्तेमाल गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।

ऐसे मामलों को रोकने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक संवाद भी जरूरी है। युवाओं को कानून और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है।

प्रशासनिक स्तर पर भी धार्मिक आयोजनों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, सीसीटीवी कैमरे बढ़ाने और विवादित तत्वों पर नजर रखने की जरूरत महसूस की जा रही है।

सिवनी में दुर्गा विसर्जन के दौरान हुए चाकूबाजी मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है। आरोपियों से घटना में प्रयुक्त धारदार चाकुओं की बरामदगी ने मामले को और मजबूत बना दिया है। यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने और हिंसक घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। इस मामले में त्वरित पुलिस कार्रवाई ने आम लोगों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत की है।