📖 पंचांग का महत्व भारतीय संस्कृति में पंचांग का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह केवल तिथियों और समय की गणना तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन के हर छोटे-बड़े कार्य के…
📖 पंचांग का महत्व हिंदू संस्कृति में पंचांग का विशेष महत्व है। यह न केवल समय निर्धारण का साधन है बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी जीवन का मार्गदर्शन करता है।…
🔶 पंचांग और जीवन का संबंध पंचांग केवल दिन-तारीख बताने वाला कैलेंडर नहीं है, बल्कि यह जीवन की गति को समझने का साधन है। इसमें तिथि, नक्षत्र, वार, योग, करण…
🔶 पंचांग का महत्व भारतीय संस्कृति में पंचांग केवल कैलेंडर नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर पहलू को प्रभावित करने वाला मार्गदर्शक है। पंचांग के माध्यम से हम तिथि,…
🔶 पंचांग का महत्व हिंदू धर्म में पंचांग को समय और कार्यों की सफलता का आधार माना जाता है। पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति…
तिथि पंचमी – प्रातः 10:00:27 तक नक्षत्र भरणी – प्रातः 11:59:22 तक करण तैतिल – प्रातः 10:00:27 तक गर – रात्रि 08:41:00 तक पक्ष कृष्ण पक्ष योग व्याघात – दोपहर…
तिथि: चतुर्थी — 12:47:20 तक नक्षत्र: अश्विनी — 13:58:43 तक करण: बालव — 12:47:20 तक, कौलव — 23:22:48 तक पक्ष: कृष्ण पक्ष योग: ध्रुव — 17:04:40 तक वार: गुरुवार सूर्य…
सूर्योदय/सूर्यास्त और चंद्रोदय/चंद्रास्त सूर्योदय: सुबह ०६:०३ बजे सूर्यास्त: शाम ०६:३४ बजे चंद्रोदय: शाम ०७:१० बजे चंद्रास्त: अगले दिन सुबह ०७:०२ बजे पंचांग तिथि: कृष्ण पक्ष द्वितीया, शाम ०६:२८ बजे तक…
तिथि (Tithi) भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी (Chaturdashi of Shukla Paksha in Bhadrapada मास) नक्षत्र (Nakshatra) धनिष्ठा नक्षत्र (Dhanishtha) दिन भर जारी योग (Yoga) करण (Karana) शुभ-अशुभ समय (Muhurat & Kaal) शुभ…