(अखिलेश दुबे)
सिवनी (साई)।सिवनी में 22 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत युवा उद्यमी अमन रावलानी ने अपने कपड़ा व्यवसाय की सफलता और दो कर्मचारियों को रोजगार प्रदान करने की उपलब्धि को सार्वजनिक किया। योजना के माध्यम से प्राप्त 4.5 लाख रुपये के ऋण ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने और स्थानीय रोजगार सृजन में योगदान देने का अवसर दिया। यह पहल राज्य की स्वरोजगार रणनीति के प्रभाव को दर्शाती है।
योजना की प्रक्रिया और ऋण स्वीकृति
बी.कॉम. स्नातक अमन रावलानी को 2025 में उद्योग विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की जानकारी मिली। उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया और उनका प्रकरण केनरा बैंक, सिवनी शाखा को भेजा गया। उद्योग विभाग और बैंक के समन्वय से उनका ऋण प्रकरण शीघ्र स्वीकृत हुआ, जिससे उन्हें 4.50 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग उन्होंने तुरंत कपड़ा उत्पादन इकाई स्थापित करने में किया, जिससे प्रारंभिक पूंजी की आवश्यकता पूरी हुई।
व्यवसाय की प्रगति और सामाजिक प्रभाव
ऋण की सहायता से स्थापित किया गया कपड़ा व्यवसाय अब नियमित उत्पादन कर रहा है और वार्षिक लगभग 4 लाख रुपये की आय उत्पन्न कर रहा है। अमन ने व्यवसाय के विस्तार के साथ दो स्थानीय युवाओं को स्थायी वेतन पर नियुक्त किया है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है। वे बैंक की मासिक किस्तें समय पर जमा कर रहे हैं, जिससे ऋण की पुनर्भुगतान में विश्वसनीयता बनी रहती है। इस मॉडल ने स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ किया और सिवनी के छोटे उद्योगों में सकारात्मक प्रभाव डाला।
भविष्य की योजनाएँ और कॉर्पोरेट प्रतिबद्धताएँ
अमन रावलानी ने बताया कि वे व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए नई मशीनरी और डिज़ाइन तकनीक अपनाने की योजना बना रहे हैं। साथ ही, वे स्थानीय कौशल विकास कार्यक्रमों में भाग लेकर अतिरिक्त रोजगार सृजन करना चाहते हैं। उनका मानना है कि स्वरोजगार योजनाओं का सही उपयोग युवा उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाता है और व्यापक आर्थिक स्थिरता में योगदान देता है।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: अमन रावलानी का कपड़ा व्यवसाय
• आयोजन: मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत ऋण वितरण
• स्थान: सिवनी
• मुख्य उद्देश्य: स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना और रोजगार सृजन
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: दो लोगों को स्थायी रोजगार, वार्षिक 4 लाख रुपये आय
• लक्ष्य: व्यवसाय विस्तार, कौशल विकास, अतिरिक्त रोजगार सृजन
अमन रावलानी की कहानी यह सिद्ध करती है कि सही मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता से युवा उद्यमी न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि सामाजिक रूप से भी मूल्यवर्धन कर सकते हैं। नियमित ऋण पुनर्भुगतान, आधुनिक उत्पादन तकनीक और निरंतर विस्तार की प्रतिबद्धता सिवनी के आर्थिक परिदृश्य को सुदृढ़ करेगी और भविष्य में अधिक रोजगार अवसर उत्पन्न करेगी।