(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)।सिवनी के आदेगांव में स्थित आदिवासी कन्या छात्रावास एवं आश्रम शाला का 26 सितंबर 2026 को जिला कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं में चल रहे गणित, हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी पाठ्यक्रमों की जाँच की, छात्रों से उनके भविष्य के लक्ष्य पूछे और शैक्षणिक स्तर का आकलन किया। इस दौरे का उद्देश्य छात्राओं की शैक्षणिक प्रगति, रहने‑खाने की सुविधाओं और स्वच्छता मानकों को सुदृढ़ करना था।
शिक्षा एवं शैक्षणिक समीक्षा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षा में छात्रों को सामान्य प्रश्न पूछकर उनकी विषयवार समझ का मूल्यांकन किया। गणित एवं विज्ञान में कमजोरियों को दूर करने हेतु रेमेडियल कक्षाओं की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। साथ ही उन्होंने प्राचार्य, जनशिक्षक और बीआरसी को प्रत्येक सप्ताह छात्रावास की अभ्यास पुस्तिकाओं की जांच सुनिश्चित करने तथा नियमित शैक्षणिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। कॉपी जांच में लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश भी दिया गया, जिससे शैक्षणिक अनुशासन में सुधार की उम्मीद है।
रहने‑खाने और स्वच्छता के उपाय
छात्रावास में रहने, भोजन, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी कलेक्टर ने निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रों के साथ भोजन किया और भोजन की गुणवत्ता, पोषण मानकों तथा साफ‑सफाई की स्थिति पर चर्चा की। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छर जाली स्थापित करने और परिसर में निरंतर सफाई के निर्देश दिए गए। छात्राओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण प्रदान करने हेतु जल आपूर्ति, टॉयलेट सुविधाओं और प्रकाश व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने का आदेश दिया गया। इन उपायों से छात्राओं के स्वास्थ्य और मनोबल में वृद्धि की अपेक्षा है।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: आदिवासी कन्या छात्रावास एवं आश्रम शाला
• आयोजन: कलेक्टर निरीक्षण
• स्थान: आदेगांव, सिवनी
• मुख्य उद्देश्य: शैक्षणिक गुणवत्ता, सुविधाओं का मूल्यांकन
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: रेमेडियल कक्षाओं की शुरुआत, नियमित कॉपी जांच, स्वच्छता सुधार
• लक्ष्य: छात्राओं की शैक्षणिक प्रगति एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना
कलेक्टर मीना द्वारा उठाए गए कदमों से छात्रावास में शैक्षणिक अनुशासन, स्वास्थ्य और सुरक्षा के मानकों में उल्लेखनीय सुधार की संभावना है। नियमित निरीक्षण, रेमेडियल कक्षाओं का संचालन और स्वच्छता उपायों का कार्यान्वयन छात्राओं को बेहतर सीखने का माहौल प्रदान करेगा। इस दिशा में निरंतर प्रयास न केवल उनके व्यक्तिगत विकास को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि क्षेत्रीय शिक्षा प्रणाली की समग्र गुणवत्ता को भी ऊँचा उठाएंगे।