(अखिलेश दुबे)
सिवनी (साई)। सिवनी जिले में 20 सितम्बर 2026 को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती नेहा मीना ने अनुविभागीय अधिकारियों के प्रभार में अस्थायी बदलाव का आदेश जारी किया। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निःशुल्क स्कूटी योजना के तहत 196 छात्रों को स्कूटी प्रदान करने का कार्यक्रम आयोजित किया। दोनों पहलें प्रशासनिक कार्यकुशलता और छात्र कल्याण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गईं।
अनुविभागीय अधिकारियों के प्रभार में बदलाव
आदेश के अनुसार, श्रीमती पूर्वी तिवारी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सिवनी को बरघाट का प्रभार सौंपा गया, जबकि श्री प्रशांत उइके को सिवनी का नया प्रभार मिला। अतिरिक्त रूप से, अभिषेक जैन, परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टर सिवनी को कुरई का प्रभार दिया गया और प्रशांत उइके कुरई अनुभाग के लिए रिपोर्टिंग अधिकारी भी रहेंगे। यह परिवर्तन कार्यालयीन व्यवस्था को सुगम बनाने और कार्यभार संतुलित करने के लिए किया गया है, और आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।
मुख्यमंत्री निःशुल्क स्कूटी योजना का कार्यान्वयन
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शनिवार 19 सितम्बर को शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय, भोपाल से राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। सिवनी में कृष्णम गार्डन में आयोजित जिलास्तरीय कार्यक्रम में 104 बालिकाओं और 92 बालकों सहित कुल 196 छात्रों, उनके अभिभावक, नगर पालिका परिषद सिवनी के अध्यक्ष श्री ज्ञान (नाम अधूरा) और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। योजना के तहत प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को निःशुल्क स्कूटी प्रदान की गई, जिससे उनकी शैक्षणिक यात्रा में परिवहन की बाधा दूर होगी। इस पहल को राज्य सरकार की शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण नीति के साथ जोड़ा गया है।
खबर के प्रमुख बिंदु
• स्थान: सिवनी
• आयोजन: अनुविभागीय प्रभार बदलाव एवं स्कूटी वितरण कार्यक्रम
• प्रमुख अधिकारी: कलेक्टर नेहा मीना, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
• प्रभार परिवर्तन: पूर्वी तिवारी ↔ बरघाट, प्रशांत उइके ↔ सिवनी, अभिषेक जैन ↔ कुरई
• स्कूटी लाभार्थी: 196 छात्र (104 बालिकाएँ, 92 बालक)
• मुख्य उद्देश्य: प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, छात्र परिवहन सुविधा सुनिश्चित करना
भविष्य की दिशा
प्रशासनिक बदलावों के साथ नियमित समीक्षा और तकनीकी समर्थन से सिवनी जिले में कार्यप्रवाह में सुधार की उम्मीद है। स्कूटी योजना के निरंतर विस्तार से छात्रों की शैक्षणिक उपस्थिति में वृद्धि होगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी। दोनों पहलें मिलकर राज्य के समग्र विकास लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।