सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर में 159वां संगीतमय सुंदरकांड पाठ सफल

(अशोक सोनी)
सिवनी (साई)। सिवनी के सिद्धपीठ श्री ज्वाला देवी मंदिर, भैरोगंज में 159वां साप्ताहिक संगीतमय सुंदरकांड एवं श्रीहनुमान चालीसा पाठ आयोजित किया गया। मंदिर समिति के प्रमुख, पुजारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आध्यात्मिक उन्नति के साथ साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के संदेश को जनसमुदाय तक पहुँचाना था।

कार्यक्रम का विस्तृत विवरण

पाठ के दौरान भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सुंदरकांड के संगीतात्मक स्वर और चालीसा के पावन शब्दों ने श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक उल्लास उत्पन्न किया। कई स्थानीय कलाकारों ने भाग लेकर संगीत को समृद्ध किया और सभी ने मिलकर भगवान श्रीहनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

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स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा संदेश

वर्षा ऋतु के अंत की ओर बढ़ते हुए, मंदिर समिति ने जलभराव रोकने, घरों एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमित सफाई करने और जमा पानी को समय पर निकालने का आह्वान किया। इससे मच्छर प्रजनन कम होगा और मलेरिया, हैजा जैसी जलजनित बीमारियों के जोखिम में कमी आएगी। स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, सतत स्वच्छता के महत्व पर बल दिया गया।

अंधविश्वास मुक्त वैज्ञानिक उपचार की अपील

समिति ने श्रद्धालुओं से हल्का एवं सुपाच्य भोजन करने, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी। विशेष रूप से सर्पदंश जैसी आपात स्थितियों में अंधविश्वास के बजाय निकटतम अस्पताल में उपचार कराने की अपील की गई, जिससे वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहन मिला।

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खबर के प्रमुख बिंदु

• कंपनी: सिद्धपीठ श्री ज्वाला देवी मंदिर, भैरोगंज
• आयोजन: 159वां संगीतमय सुंदरकांड एवं श्रीहनुमान चालीसा पाठ
• स्थान: सिवनी
• मुख्य उद्देश्य: आध्यात्मिक उन्नति, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सुरक्षा जागरूकता
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: जलभराव रोकना, मच्छर नियंत्रण, वैज्ञानिक उपचार अपनाना
• लक्ष्य: समुदाय में स्वास्थ्य‑सुरक्षा संस्कृति का निर्माण

सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर ने इस धार्मिक आयोजन के माध्यम से आध्यात्मिक और सामाजिक दो पहलुओं को सफलतापूर्वक जोड़ते हुए जनजागरूकता को बढ़ावा दिया। निरंतर स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और वैज्ञानिक उपचार पर बल देने से भविष्य में कार्यस्थल एवं समुदाय दोनों में सतत विकास और ऑपरेशनल उत्कृष्टता की दिशा में प्रगति होगी।