(प्रीति भौसले)
सिवनी (साई)। शनिवार, 12 सितंबर 2026 को मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, भोपाल के श्री उमाशंकर भार्गव ने फसलों एवं विभिन्न कृषि गतिविधियों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरे में उन्होंने लखनवाड़ा, धोबीसर्रा, गंगेरूआ और खमरिया गांवों में किसानों से मुलाकात कर फसल की स्थिति, दलहन उत्पादन, उर्वरक भंडारण और कृषि यंत्र सुविधाओं का मूल्यांकन किया। यह निरीक्षण किसानों की आय बढ़ाने, आत्मनिर्भरता सुदृढ़ करने और कृषि प्रबंधन में आधुनिक तकनीक अपनाने के उद्देश्य से किया गया।
विस्तृत रिपोर्ट
लखनवाड़ा में आत्मनिर्भर दलहन कार्यक्रम के तहत श्री मुकेश बघेल के खेत में उगाए गए अरहर की फसल का निरीक्षण करते हुए श्री भार्गव ने फसल की स्वास्थ्य स्थिति, उत्पादन क्षमता और खेती की पद्धति पर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज स्वयं तैयार करने और बीज चयन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी।
धोबीसर्रा में धान के साथ अरहर और कंद वाली फसलों की मिश्रित खेती का सर्वेक्षण किया गया। यहाँ उन्होंने दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए बीज की शुद्धता, समय पर सिचाई और कीट प्रबंधन पर विशेष मार्गदर्शन दिया।
बरघाट के गंगेरूआ में मार्कफेड के उर्वरक वितरण केंद्र का दौरा कर उर्वरक भंडारण की स्थिति, सुरक्षा उपाय और वितरण प्रक्रिया की जाँच की। किसानों की मौसमी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए।
खमरिया में कस्टम हायरिंग केंद्र का निरीक्षण करते हुए कृषि यंत्रों की उपलब्धता, उनके रखरखाव और किसानों को मिलने वाली तकनीकी सहायता का मूल्यांकन किया। केंद्र के संचालन में पारदर्शिता और समयबद्धता को बढ़ावा देने के लिए सुझाव प्रस्तुत किए।
समग्र रूप से, श्री भार्गव ने इस दौरे के दौरान किसानों द्वारा अपनाई जा रही विविध कृषि तकनीकों की सराहना की और भविष्य में अधिक वैज्ञानिक, टिकाऊ और लाभदायक कृषि मॉडल अपनाने की प्रतिबद्धता जताई।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: मध्यप्रदेश सरकार, कृषि विभाग
• आयोजन: सिवनी जिला कृषि निरीक्षण दौरा
• स्थान: लखनवाड़ा, धोबीसर्रा, गंगेरूआ, खमरिया (सिवनी)
• मुख्य उद्देश्य: फसल स्थिति मूल्यांकन, दलहन आत्मनिर्भरता, उर्वरक भंडारण, कृषि यंत्र सुविधाओं की जाँच
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: गुणवत्ता बीज उत्पादन, पर्याप्त उर्वरक भंडारण, किसान‑केंद्रित तकनीकी सहायता, पारदर्शी कस्टम हायरिंग
• लक्ष्य: किसानों की आय वृद्धि, सतत कृषि विकास, आधुनिक तकनीक का समावेश
सिवनी में इस विस्तृत निरीक्षण ने कृषि क्षेत्र में निरंतर सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम स्थापित किया है। आत्मनिर्भर दलहन उत्पादन, गुणवत्ता बीज, समय पर उर्वरक उपलब्धता और आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुँच को सुदृढ़ करके राज्य की कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। भविष्य में नियमित फील्ड रिव्यू और किसान संवाद के माध्यम से सतत विकास और सतत् वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।