(मनोज राव)
सिवनी (साई)। खरीफ विपणन वर्ष 2026‑27 में धान, ज्वार और बाजरा के समर्थन मूल्य पर उपार्जन सुनिश्चित करने के लिए किसान पंजीयन 15 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। इस पंजीयन प्रक्रिया का संचालन जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा और 66 पंजीयन केंद्रों पर निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पंजीयन के माध्यम से किसानों को समय पर उपार्जन, न्यूनतम मूल्य सुरक्षा और सरकारी सहायता प्राप्त होगी, जिससे कृषि आय में स्थिरता आएगी।
पंजीयन प्रक्रिया और केंद्रों का विवरण
पंजीयन के लिए सिवनी के प्रत्येक तहसील में दो‑दो केंद्र स्थापित किए गए हैं। कुरई तहसील में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के दो केंद्र, केवलारी तहसील में वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति के दो केंद्र, तथा अन्य तहसीलों में भी समान संरचना लागू की गई है। प्रत्येक केंद्र पर किसान अपना दस्तावेज़ लेकर निःशुल्क पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीयन के दौरान आधार, राशन कार्ड, भूमि रिकॉर्ड और बैंक विवरण की जाँच की जाएगी, जिससे भविष्य में उपार्जन प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
तकनीकी एवं निगरानी व्यवस्था
पंजीयन एवं उपार्जन कार्य की सुगमता के लिए जिला एवं उपखण्ड स्तरीय उपार्जन समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों को पंजीयन की प्रगति, दस्तावेज़ सत्यापन और समयबद्ध उपार्जन सुनिश्चित करने का अधिकार दिया गया है। साथ ही तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक विशेष तकनीकी समिति स्थापित की गई है, जो आईटी प्लेटफ़ॉर्म, डेटा एंट्री त्रुटियों और नेटवर्क कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों को मॉनीटर करेगी। इस संरचना से प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: सिवनी जिला कृषि विभाग
• आयोजन: धान‑ज्वार‑बाजरा उपार्जन के लिए किसान पंजीयन
• स्थान: सिवनी (66 पंजीयन केंद्र)
• मुख्य उद्देश्य: समर्थन मूल्य पर समय पर उपार्जन सुनिश्चित करना
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: निःशुल्क पंजीयन, तकनीकी समिति द्वारा समस्या समाधान, उपार्जन समितियों द्वारा निगरानी
• लक्ष्य: 2026‑27 में सभी पात्र किसानों को पूर्ण उपार्जन प्रदान करना
सिवनी में इस व्यापक पंजीयन पहल से किसानों को न केवल समर्थन मूल्य पर उपार्जन मिलेगा, बल्कि प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी। तकनीकी एवं निगरानी समितियों की सक्रिय भागीदारी से भविष्य में किसी भी तकनीकी अड़चन को शीघ्रता से सुलझाया जा सकेगा। निरंतर किसान‑केंद्रित नीतियों और आधुनिक तकनीक के समन्वय से सिवनी की कृषि उत्पादन क्षमता में सुधार होगा और सतत विकास की दिशा में एक ठोस कदम उठाया जाएगा।