(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले सहित प्रदेश के धान उत्पादक किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने का अवसर पाने की दृष्टि से आज, 4 नवंबर 2026, महत्वपूर्ण दिन है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की बढ़ाई गई समयसीमा आज समाप्त हो रही है। जिन पात्र किसानों ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है, उनके लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने का यह अंतिम अवसर है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 नवंबर को सिवनी जिले की सिमरिया कृषि उपज मंडी में आयोजित जिला स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव को भोपाल स्थित मंत्रालय से वर्चुअल संबोधित करते हुए पंजीयन की अंतिम तारीख 4 नवंबर तक बढ़ाने की जानकारी दी थी। सरकार का उद्देश्य बताया गया कि कोई भी पात्र धान उत्पादक किसान केवल पंजीयन की समयसीमा समाप्त होने के कारण समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के अवसर से वंचित न रह जाए।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद उन किसानों को अतिरिक्त समय मिला, जो किसी कारण से पहले निर्धारित अवधि में पंजीयन नहीं करा पाए थे। अब किसानों के सामने सबसे जरूरी काम यह है कि वे अपने पंजीयन की स्थिति की जांच करें और यदि प्रक्रिया अधूरी है तो आज ही उसे पूरा कराने का प्रयास करें।
4 नवंबर है धान पंजीयन की अंतिम तारीख

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा के उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की प्रक्रिया पहले 15 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई थी। निर्धारित अवधि में पंजीयन कराने के लिए किसानों को अवसर दिया गया था।
हालांकि, कुछ किसान विभिन्न कारणों से समय पर पंजीयन नहीं करा सके थे। ऐसे किसानों को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने धान उपार्जन के पंजीयन की समयसीमा 4 नवंबर तक बढ़ाने की घोषणा की।
इस निर्णय का सीधा लाभ उन पात्र किसानों को मिल सकता है, जिनकी पंजीयन प्रक्रिया पहले पूरी नहीं हो पाई थी। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि समयसीमा बढ़ाने का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो निर्धारित पात्रता और दस्तावेज संबंधी शर्तें पूरी करते हैं।
किसानों को अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जाती रही है। अब चूंकि 4 नवंबर की समयसीमा समाप्त होने वाली है, इसलिए किसी तकनीकी या दस्तावेजी समस्या की स्थिति में संबंधित पंजीयन केंद्र से तत्काल संपर्क करना उपयोगी होगा।
सिमरिया के बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री ने दी जानकारी
सिवनी जिले के सिमरिया कृषि उपज मंडी परिसर में 2 नवंबर को जिला स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रालय से वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और किसानों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कृषि क्षेत्र को अधिक लाभकारी बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रोत्साहित करने से जुड़े विषयों पर बात रखी। इसी दौरान धान उपार्जन के लिए पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाने की जानकारी भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेच सकें। जिन किसानों का पंजीयन किसी कारण से बाकी रह गया है, उन्हें अतिरिक्त समय देने का उद्देश्य भी यही है।
बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने आधुनिक खेती, उन्नत फसल उत्पादन, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन से संबंधित जानकारी दी। विभिन्न विभागों की योजनाओं और किसान हितैषी कार्यक्रमों को लेकर प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए गए।
इस आयोजन में किसानों ने अपने अनुभव और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों को साझा किया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि किसानों को खेती की बदलती जरूरतों और उपलब्ध अवसरों से जोड़ना भी रहा।
पंजीयन क्यों है जरूरी?
समर्थन मूल्य पर सरकारी उपार्जन व्यवस्था का लाभ लेने के लिए किसान पंजीयन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके माध्यम से किसान और उसकी कृषि भूमि से संबंधित आवश्यक विवरण दर्ज किए जाते हैं, ताकि उपार्जन व्यवस्था में पात्रता और उपज की जानकारी का सत्यापन किया जा सके।
पंजीयन पूरा होने के बाद किसान निर्धारित प्रक्रिया और उपार्जन केंद्रों के माध्यम से अपनी पात्र उपज बेचने के लिए आगे की कार्रवाई कर सकता है। इसलिए केवल खेत में धान की फसल होना पर्याप्त नहीं है; सरकारी खरीदी व्यवस्था में शामिल होने के लिए निर्धारित पंजीयन प्रक्रिया पूरी करना भी आवश्यक है।
पंजीयन के दौरान किसान की पहचान, भूमि संबंधी विवरण और अन्य आवश्यक जानकारी का मिलान किया जा सकता है। इसलिए आवेदन करते समय दर्ज की गई जानकारी सही होना जरूरी है।
यदि किसी किसान के दस्तावेजों में नाम, भूमि विवरण या अन्य जानकारी में अंतर है, तो उसे समय रहते संबंधित अधिकारी या पंजीयन केंद्र से मार्गदर्शन लेना चाहिए।
किसानों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
अंतिम तारीख पर पंजीयन कराने वाले किसानों को जल्दबाजी में गलत जानकारी दर्ज कराने से बचना चाहिए। आवेदन में छोटी-सी त्रुटि भी आगे सत्यापन या उपार्जन के समय परेशानी का कारण बन सकती है।
किसानों को निम्नलिखित बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए:
- पंजीयन की स्थिति जांचें: पहले यह सुनिश्चित करें कि आपका पंजीयन पहले से पूरा है या नहीं।
- आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें: पहचान, भूमि और बैंक खाते से संबंधित आवश्यक विवरण उपलब्ध रखें।
- जानकारी का मिलान करें: आवेदन में दर्ज नाम और भूमि संबंधी जानकारी की जांच करें।
- आधार संबंधी प्रक्रिया: जहां आवश्यक हो, आधार आधारित सत्यापन और ई-केवाईसी की स्थिति सुनिश्चित करें।
- पंजीयन की रसीद सुरक्षित रखें: आवेदन पूरा होने पर प्राप्त पावती या पंजीयन क्रमांक संभालकर रखें।
- समस्या होने पर संपर्क करें: तकनीकी या दस्तावेज संबंधी परेशानी होने पर अधिकृत पंजीयन केंद्र अथवा संबंधित खाद्य विभाग के कार्यालय से संपर्क करें।
यह भी जरूरी है कि किसान किसी अनधिकृत व्यक्ति को अपने दस्तावेज या बैंक संबंधी संवेदनशील जानकारी न दें। पंजीयन के लिए निर्धारित सरकारी व्यवस्था और अधिकृत केंद्रों का ही उपयोग करें।
सिवनी में धान उत्पादन और समर्थन मूल्य का महत्व
सिवनी जिले में धान खरीफ मौसम की प्रमुख फसलों में शामिल है। जिले के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में किसान धान की खेती पर निर्भर हैं। खेती से प्राप्त आय का उपयोग परिवार की जरूरतों, अगली फसल की तैयारी, कृषि उपकरणों, खाद-बीज और अन्य कृषि खर्चों को पूरा करने में किया जाता है।
ऐसे में समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी किसानों के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसका उद्देश्य निर्धारित गुणवत्ता और नियमों के अनुरूप उपज खरीदकर किसानों को घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध कराना है।
किसानों के लिए पंजीयन की प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सरकार को उपार्जन की संभावित मात्रा और पंजीकृत किसानों का विवरण उपलब्ध होता है। इससे खरीदी व्यवस्था की योजना बनाने में मदद मिलती है।
हालांकि, केवल पंजीयन बढ़ जाने से किसानों की सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता। खरीदी केंद्रों पर व्यवस्था, तौल, गुणवत्ता परीक्षण, परिवहन, भंडारण और भुगतान की समयबद्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
समर्थन मूल्य के साथ खरीदी व्यवस्था पर भी रहेगी किसानों की नजर
धान पंजीयन की समयसीमा बढ़ाने से किसानों को अतिरिक्त अवसर मिला है, लेकिन इसके बाद उपार्जन प्रक्रिया का सुचारु संचालन भी जरूरी होगा।
किसानों के सामने अक्सर खरीदी केंद्रों की उपलब्धता, उपज की गुणवत्ता जांच, तौल और भुगतान से जुड़े सवाल रहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन की सुविधा और उपज को खरीदी केंद्र तक पहुंचाने का खर्च भी किसानों के लिए महत्वपूर्ण विषय है।
सरकारी खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि किसानों को उपार्जन से संबंधित सभी जरूरी जानकारियां समय पर उपलब्ध हों। इसमें खरीदी केंद्र, निर्धारित प्रक्रिया, गुणवत्ता के मानक, तौल व्यवस्था और भुगतान की स्थिति शामिल है।
प्रशासन के लिए भी यह जरूरी होगा कि पंजीयन पूरा कराने के बाद उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं। इससे खरीदी के दौरान अनावश्यक भीड़, विवाद और किसानों की परेशानी कम हो सकती है।
खेती की लागत और किसान की आय का सवाल
समर्थन मूल्य पर धान बेचने का अवसर किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन खेती की लाभप्रदता केवल घोषित समर्थन मूल्य पर निर्भर नहीं करती। बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई, मजदूरी, मशीनरी और परिवहन जैसे खर्च भी किसान की वास्तविक आय को प्रभावित करते हैं।
कई किसानों के लिए फसल तैयार होने के बाद उसे सुरक्षित रखने और उचित समय पर बेचने की व्यवस्था भी चुनौती होती है। यदि खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो या भुगतान में देरी हो, तो किसानों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए कृषि नीति का मूल्यांकन केवल पंजीयन की संख्या या खरीदी के आंकड़ों से नहीं किया जाना चाहिए। यह भी देखना जरूरी है कि किसानों को समय पर भुगतान मिला या नहीं, उनकी उपज बिना अनावश्यक परेशानी के खरीदी गई या नहीं और खेती की लागत के मुकाबले उन्हें कितना लाभ प्राप्त हुआ।
विशेषज्ञों के सामान्य दृष्टिकोण से देखें तो कृषि उपार्जन व्यवस्था की सफलता के लिए पंजीयन, खरीदी, भंडारण और भुगतान की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने सिवनी में फूड पार्क की स्थापना की भी बताई योजना
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी में फूड पार्क स्थापित करने की योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने जिले के जीराशंकर चावल और जंबो सीताफल का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की अच्छी संभावनाएं हैं।
सिवनी में टमाटर, मिर्च, अलसी, सरसों और सूरजमुखी जैसी फसलों के उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण उद्योग विकसित करने पर जोर दिया गया।
फूड पार्क स्थापित होने से कृषि उपज का मूल्य संवर्धन, भंडारण, पैकेजिंग और प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने और कृषि आधारित रोजगार विकसित करने की संभावनाएं बन सकती हैं।
हालांकि, फूड पार्क की स्थापना को लेकर अभी स्थान, बजट, निर्माण की समयसीमा और परियोजना की विस्तृत रूपरेखा जैसी जानकारियां सामने आना बाकी हैं। इसलिए इस घोषणा को प्रस्तावित पहल के रूप में देखना उचित होगा।
किसानों के लिए खेती में विविधता और आधुनिक तकनीक भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जाने का उल्लेख करते हुए किसानों से खेती में विविधता अपनाने की अपील की। उन्होंने दलहन, तिलहन, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
सिवनी जैसे कृषि प्रधान जिले में खेती के साथ अन्य आय के स्रोत विकसित करना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए उपयोगी हो सकता है। इससे किसानों की आय केवल एक फसल पर निर्भर नहीं रहेगी और मौसम या बाजार में बदलाव के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर आधुनिक तकनीक अपनाना, मिट्टी की जांच कराना, पानी का उचित उपयोग करना और बाजार की मांग के अनुसार फसल चयन करना भी महत्वपूर्ण है।
हालांकि, खेती में बदलाव करते समय स्थानीय मिट्टी, पानी, जलवायु और बाजार की वास्तविक स्थिति का आकलन जरूरी है। किसानों को किसी भी नई फसल या गतिविधि को अपनाने से पहले संबंधित कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए।
आज की समयसीमा के बाद किसानों के लिए क्या जरूरी होगा?
4 नवंबर की समयसीमा समाप्त होने के बाद किसानों को उपार्जन से संबंधित अगले चरणों की जानकारी पर ध्यान देना होगा। पंजीयन पूरा कराने वाले किसानों को अपनी पंजीयन पावती सुरक्षित रखनी चाहिए और आगे जारी होने वाली खरीदी संबंधी सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए।
किसानों के लिए यह समझना भी जरूरी है कि पंजीयन की अंतिम तारीख और धान की वास्तविक खरीदी शुरू होने की तारीख अलग-अलग होती हैं। पंजीयन पूरा होने का अर्थ यह नहीं है कि किसान उसी दिन अपनी उपज बेच सकता है।
उपार्जन के लिए निर्धारित कार्यक्रम, खरीदी केंद्र, स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था और अन्य दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा। इनकी जानकारी संबंधित विभाग की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं के अनुसार ही मान्य होगी।
यदि किसी किसान का पंजीयन पहले ही पूरा हो चुका है, तो उसे दोबारा आवेदन करने के बजाय अपने पंजीयन की स्थिति और विवरण की जांच करनी चाहिए।
सिवनी सहित मध्य प्रदेश के धान उत्पादक किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के पंजीयन की बढ़ाई गई अंतिम तारीख 4 नवंबर 2026 है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिमरिया कृषि उपज मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअल संबोधित करते हुए यह समयसीमा बढ़ाने की जानकारी दी थी।
इस फैसले से उन पात्र किसानों को अतिरिक्त अवसर मिला, जो पहले किसी कारण से पंजीयन नहीं करा पाए थे। अब किसानों के लिए जरूरी है कि वे आज ही अपनी पंजीयन स्थिति जांचें और यदि प्रक्रिया अधूरी है तो अधिकृत केंद्र पर जाकर उसे पूरा कराने का प्रयास करें।
पंजीयन के बाद खरीदी केंद्रों पर सुचारु व्यवस्था, सही तौल, पारदर्शी प्रक्रिया और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा। किसानों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी, जब सरकारी उपार्जन की पूरी व्यवस्था बिना अनावश्यक परेशानी के काम करे और उन्हें अपनी मेहनत की उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके।