मध्यप्रदेश में विकास परियोजनाओं को मिली नई गति
(ब्यरो कार्यालय)
उज्जैन (साई)। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के नगरीय विकास, सड़क संपर्क, आवास, व्यापार और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल की उपस्थिति में सांवेर विधानसभा क्षेत्र के चंद्रावतीगंज में इंदौर-उज्जैन फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर परियोजना का भूमि-पूजन किया गया।
करीब 2 हजार 935 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना उज्जैन, सांवेर और इंदौर क्षेत्र की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने वाली है। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित कुल 5 हजार 657 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ एवं लोकार्पण भी किया गया।
48 किलोमीटर लंबा फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर बदलेगा क्षेत्र की तस्वीर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह ग्रीन फील्ड कॉरिडोर केवल एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह मालवा क्षेत्र के आर्थिक, धार्मिक और सामाजिक विकास का नया आधार बनेगा।
करीब 48 किलोमीटर लंबा यह फोरलेन मार्ग इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के समीप सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगा। इस मार्ग के तैयार होने के बाद इंदौर और उज्जैन के बीच यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी।
विशेष रूप से सिंहस्थ 2028 के दौरान देश और विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को इस आधुनिक सड़क संपर्क से बड़ा लाभ मिलेगा। इससे धार्मिक पर्यटन को भी नई मजबूती प्राप्त होगी।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया गया डिजाइन में सुधार
ग्रीन फील्ड कॉरिडोर परियोजना की योजना तैयार करते समय स्थानीय किसानों और ग्रामीणों की जरूरतों को भी प्राथमिकता दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए परियोजना की ऊंचाई में आवश्यक परिवर्तन किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी और खेती-किसानी से जुड़े लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
यह निर्णय सरकार की विकास और जनहित के बीच संतुलन स्थापित करने की नीति को दर्शाता है।
उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को मिलेगा नया आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन फील्ड कॉरिडोर आने वाले समय में उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विकास का मजबूत आधार बनेगा।
लगभग 16 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित हो रहे इस विस्तृत क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का समावेश होगा, जिनमें शामिल हैं—
- 6 प्रमुख रेलवे जंक्शन
- 2 एयरपोर्ट
- 4 हवाई पट्टियां
- 2 प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग
सड़क संपर्क मजबूत होने से उद्योग, व्यापार, कृषि, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों का विस्तार होगा। फतेहाबाद क्षेत्र को रेलवे डबल ट्रैक जैसी महत्वपूर्ण सुविधा भी मिलने वाली है।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में मिलेगा बड़ा सहयोग
उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार आधारभूत संरचना को मजबूत करने का कार्य कर रही है।
ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के निर्माण से श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी तथा उज्जैन शहर में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
प्राचीन समय में जिस मार्ग से साधु-संत और श्रद्धालु पैदल यात्रा करते थे, उसी क्षेत्र को आधुनिक सड़क संपर्क के माध्यम से नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। इससे सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास दिखाई देता है।
हेलमेट सुरक्षा अभियान की शुरुआत, सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हेलमेट सुरक्षा अभियान का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के दौरान हेलमेट जीवन रक्षक की भूमिका निभाता है। इसलिए नागरिकों में हेलमेट पहनने की आदत विकसित करना आवश्यक है।
इसी अवसर पर कई हितग्राहियों को हेलमेट वितरित किए गए और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हजारों परिवारों को मिला लाभ
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बड़ी संख्या में हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने—
- 42 हजार से अधिक आवासों के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया, जिसकी लागत 2,548 करोड़ रुपए से अधिक है।
- लगभग 992 करोड़ रुपए की लागत से बने 38 हजार आवासों में हितग्राहियों का गृह प्रवेश कराया।
- 446 करोड़ रुपए की 116 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया।
- 310.82 करोड़ रुपए की 37 नई परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया।
इन परियोजनाओं से हजारों परिवारों को बेहतर आवास और नगरीय सुविधाएं प्राप्त होंगी।
स्वनिधि योजना के माध्यम से छोटे व्यापारियों को आर्थिक सहयोग
छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों की आर्थिक मजबूती के लिए स्वनिधि योजना के अंतर्गत महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की गई।
कार्यक्रम में लगभग 20 हजार छोटे व्यापारियों को 51 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई। इस सहायता से छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत जल निकासी और सीवर परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया तथा फायर ब्रिगेड के 36 स्टेशनों के लिए आधुनिक वाहन और उपकरण उपलब्ध कराए गए।
कृषि और किसान कल्याण को सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में विभिन्न किसान हितैषी निर्णयों के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश ने किसानों से सबसे अधिक गेहूं खरीदकर राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड स्थापित किया है। लगभग 13 लाख 75 हजार किसानों से गेहूं उपार्जन कर प्रति क्विंटल 2,625 रुपए की दर से भुगतान किया गया।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण विकास के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
नक्सल उन्मूलन और सामाजिक मुख्यधारा में पुनर्वास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
समर्पण करने वाले व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए गए हैं। इससे विकास और सामाजिक स्थिरता को नई मजबूती मिली है।
उन्होंने केंद्र सरकार के नेतृत्व में देश की आंतरिक और सीमाई सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने मध्यप्रदेश की विकास यात्रा की सराहना की
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि विकास और विरासत को साथ लेकर चलना वर्तमान समय की आवश्यकता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कार्यशैली और दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश में नगरीय विकास और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण को नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि उज्जैन जैसे धार्मिक शहरों का विकास केवल मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने का कार्य है।
सिंहस्थ 2028 के लिए शिप्रा घाटों और जल व्यवस्था पर विशेष ध्यान
जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
शिप्रा नदी के घाटों का निर्माण और सौंदर्यीकरण तेजी से किया जा रहा है ताकि सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालु स्वच्छ और पवित्र जल में स्नान एवं आचमन कर सकें।
साथ ही नर्मदा जल परियोजना के माध्यम से सांवेर क्षेत्र के गांवों तक सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे किसानों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।
उज्जैन-इंदौर फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर परियोजना मध्यप्रदेश के विकास की नई दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है। 2,935 करोड़ रुपए की इस परियोजना के साथ 5,657 करोड़ रुपए के अन्य विकास कार्य सड़क संपर्क, धार्मिक पर्यटन, आवास, व्यापार, कृषि और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों, आधुनिक आधारभूत संरचना और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश को एक मजबूत, विकसित और सुविधासंपन्न स्वरूप देने का प्रयास लगातार जारी है।

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