17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा-संकल्प अभियान’, एक महीने तक होंगे 13 बड़े कार्यक्रम; 17 अक्टूबर को जनसेवक महाकुंभ

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्यप्रदेश में एक महीने तकसेवा-संकल्प अभियान’ आयोजित किया जाएगा। अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री के जन्म दिवस 17 सितंबर 2026 से होगी और यह 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार, 2 सितंबर को मंत्रालय में अभियान की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की और अधिकारियों को कार्यक्रमों को व्यापक जनभागीदारी तथा जनसंवाद से जोड़ने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को सेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी यात्रा के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस अवधि की प्रमुख उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने मध्यप्रदेश से ऐसा मॉडल प्रस्तुत करने की अपेक्षा की, जिसे सुशासन, सेवा और जनभागीदारी के उदाहरण के रूप में देखा जा सके।

अभियान के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क, विकास कार्यों की जानकारी, सेवा गतिविधियां, बच्चों और युवाओं की प्रतियोगिताएं, महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े कार्यक्रम तथा नवाचार को बढ़ावा देने वाले आयोजन शामिल होंगे।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संवैधानिक यात्रा 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई थी। इसके बाद वे देश के प्रधानमंत्री बने। राज्य सरकार के अनुसार इस सार्वजनिक जीवन की 25 वर्ष की यात्रा को जनता के बीच ले जाने के उद्देश्य से सेवा-संकल्प अभियान की योजना तैयार की गई है।

अभियान का आरंभ प्रधानमंत्री के जन्म दिवस 17 सितंबर से होगा। पूरे एक महीने तक अलग-अलग जिलों और क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश में पहले से संचालित जन-विश्वास अभियान की गतिविधियों को भी सेवा-संकल्प अभियान के साथ जोड़ा जाए। प्रत्येक शुक्रवार को जिलों में जनकल्याण और जनसंवाद से संबंधित विशेष गतिविधियां आयोजित करने की योजना है।

जिलों की विकास पुस्तिकाएं जनता तक पहुंचाने के निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में तैयार की गई विकास पुस्तिकाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। इन पुस्तिकाओं के माध्यम से जिलों में हुए विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में अभियान की तिथिवार कार्ययोजना तैयार होनी चाहिए। मंत्रियों को अपने विभागों और प्रभार वाले जिलों में अभियान की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

लाभार्थी संपर्क वाले कार्यक्रमों में संबंधित विभागों को योजनावार लाभार्थियों की सूची उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है। इसके अलावा जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।

महाकाल महालोक में दीप प्रज्ज्वलन का कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर को उज्जैन स्थित महाकाल महालोक में बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलित करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री ने उन स्थानों पर भी कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण या भूमिपूजन किया गया है अथवा प्रदेश को कोई बड़ी सौगात मिली है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री की पहल से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं और उनके प्रभाव को भी अभियान में प्रमुखता से प्रस्तुत करने की योजना है।

नर्मदा, केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजनाओं पर फोकस

अभियान में जल परियोजनाओं और उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को भी सामने लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने नर्मदा परियोजना और सरदार सरोवर बांध से प्रभावित अथवा लाभान्वित जिलों में संबंधित गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

इसी तरह केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना से लाभान्वित क्षेत्रों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन गतिविधियों का उद्देश्य लोगों को जल संसाधन, सिंचाई और क्षेत्रीय विकास से संबंधित परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना होगा।

प्रदेश में विकसित प्रमुख सड़क परियोजनाओं से यातायात में हुए सुधार और आर्थिक गतिविधियों में आए बदलाव को भी अभियान के दौरान प्रचारित किए जाने की योजना है।

सेवा-संकल्प अभियान में होंगे 13 प्रमुख कार्यक्रम

बैठक में अभियान के तहत कुल 13 प्रमुख कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। इनके नाम और प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं—

  1. आशीर्वाद का दीया
  2. 25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत
  3. नमो सेवा गाथा
  4. आंगन का उत्सव
  5. कहानी बदलाव की
  6. विकसित भारत संकल्प यात्रा
  7. सेवा ज्योति यात्रा
  8. वड़नगर से वाराणसी
  9. सेवा मेरा योगदान
  10. सेवा सेतु अभियान—सरकार आपके द्वार
  11. रंगोली राष्ट्र
  12. राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज
  13. जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट तक

इन सभी कार्यक्रमों को अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों की भागीदारी से जोड़ने की योजना है।

आशीर्वाद का दीया’ से सामूहिक संकल्प

आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में प्रत्येक दीपक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के प्रति आभार और विकसित भारत 2047 के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनाने की योजना है।

प्रत्येक परिवार दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम से जुड़ सकेगा। जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक संख्या में दीपक और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी इन कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा।

बच्चों के लिए ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिता

‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

सरकारी और निजी स्कूलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा कार्यों तथा विकसित भारत की संकल्पना से संबंधित विषयों पर प्रतियोगिताएं आयोजित करने की योजना है।

स्कूल शिक्षा विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया गया है, जबकि उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग सहयोग करेंगे।

गांव-गांव पहुंचेगी ‘नमो सेवा गाथा’

नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यों, प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और देश में हुए बदलावों को सरल और संगीतमय नुक्कड़ नाटकों के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।

यह कार्यक्रम स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित किए जाने की योजना है। संस्कृति विभाग इसका नोडल विभाग रहेगा।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योजनाओं और उपलब्धियों को पारंपरिक तथा स्थानीय संवाद के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना होगा।

आंगन का उत्सव’ में माताओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भागीदारी

25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन का उत्सव’ कार्यक्रम आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित होगा। इसमें बच्चों के साथ उनकी माताओं को भी आमंत्रित किया जाएगा।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं का सार्वजनिक अभिनंदन किया जाएगा। पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण, महिला स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

लाभार्थी माताओं को अपने अनुभव और सुझाव साझा करने का अवसर मिलेगा। महिला एवं बाल विकास विभाग को इस कार्यक्रम का नोडल विभाग बनाया गया है।

कहानी बदलाव की’ में सामने आएंगी लाभार्थियों की वास्तविक कहानियां

कहानी बदलाव की’ कार्यक्रम के तहत सरकारी योजनाओं से सकारात्मक बदलाव का अनुभव करने वाले नागरिकों और लाभार्थियों की कहानियां सामने लाने की योजना है।

लाभार्थियों को अपनी प्रेरणादायी कहानियां भेजने के लिए प्रतियोगिता शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य योजनाओं के प्रभाव को लाभार्थियों के अनुभवों के माध्यम से सामने रखना है।

विकसित भारत संकल्प यात्रा’ में विकास स्थलों पर फोकस

विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के तहत ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाएगा, जहां लोगों के जीवन, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचे या अवसरों में वास्तविक बदलाव दिखाई देता है।

इन स्थानों से इन्फ्लुएंसर्स को जोड़कर विकास से संबंधित कहानियों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। जनसंपर्क, पर्यटन और संस्कृति विभाग इसमें सहयोग करेंगे।

सेवा ज्योति यात्रा’ से जनभागीदारी का संदेश

गांव, जिला और राज्य स्तर पर सेवा ज्योति यात्राएं आयोजित की जाएंगी। यात्राओं का उद्देश्य पिछले 25 वर्षों की सेवा के प्रति आभार और विकसित भारत 2047 के सामूहिक संकल्प से लोगों को जोड़ना होगा।

इनमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना है।

वड़नगर से वाराणसी तक 20 टोलियों की यात्रा

वड़नगर से वाराणसी—जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’ अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। योजना के अनुसार वड़नगर से वाराणसी जाने वाली 10 टोलियां होंगी और इनके मार्ग अलग-अलग होंगे।

इसी प्रकार वाराणसी से वड़नगर आने वाली 10 टोलियां अलग-अलग मार्गों से यात्रा करेंगी। इस तरह अधिक से अधिक क्षेत्रों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

प्रत्येक गांव या पड़ाव पर स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद और बातचीत आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

सेवा मेरा योगदान’ में नागरिकों की सीधी भागीदारी

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वालेसेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम में नागरिकों को अपनी क्षमता और सुविधा के अनुसार समाज सेवा से जोड़ने का प्रयास होगा।

इसके तहत रक्तदान शिविर, पौधरोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जांच, प्लास्टिक-मुक्त जागरूकता, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता, सड़क सुरक्षा, कचरा पृथक्करण और साइबर सुरक्षा जागरूकता जैसी गतिविधियां शामिल होंगी।

नदी घाटों और रिवर फ्रंट की सफाई को भी विशेष रूप से अभियान में शामिल करने की योजना है।

सेवा सेतु’ के जरिए सरकार आपके द्वार

सेवा सेतु अभियान—सरकार आपके द्वार’ के तहत प्रत्येक विधानसभा स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार की नागरिक-केंद्रित योजनाओं को शामिल किया जाएगा।

प्रत्येक ब्लॉक और विधानसभा क्षेत्र में ‘सेवा सेतु केंद्र’ स्थापित करने की योजना है। इन केंद्रों पर पात्र लोगों को योजनाओं की जानकारी देने, आवेदन कराने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

युवाओं के लिए राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज

अभियान में युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप्स, प्रोफेशनल्स और इनोवेटर्स को जोड़ने के लिए राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज आयोजित किया जाएगा।

क्षेत्रीय स्तर पर इनोवेशन चैलेंज, प्रदर्शनी, लाइव डेमो, युवा संवाद, विशेषज्ञ सत्र और पुरस्कार जैसी गतिविधियां प्रस्तावित हैं। शिक्षा संस्थानों, स्टार्टअप नेटवर्क, इनक्यूबेशन सेंटर और निजी कंपनियों को भी इससे जोड़ने की योजना है।

17 अक्टूबर को होगा जनसेवक महाकुंभ

अभियान का समापन 17 अक्टूबर को होने वालेजनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट तक’ कार्यक्रम से होगा।

इसमें देशभर से सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की योजना है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों से संबंधित वीडियो प्रस्तुति होगी।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के संबोधन और विकसित भारत के सामूहिक संकल्प का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है।

इसके अलावा वंदे मातरम् के सभी छह छंदों के सामूहिक गायन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने का प्रयास किए जाने की जानकारी बैठक में दी गई।

प्रशासन के सामने होगी क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी

एक महीने तक चलने वाले अभियान में 13 अलग-अलग कार्यक्रमों को प्रदेश के गांवों, जिलों और शहरी क्षेत्रों तक पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी।

अभियान की सफलता केवल कार्यक्रमों की संख्या से नहीं बल्कि इसमें नागरिकों की वास्तविक भागीदारी, लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच और सेवा गतिविधियों के प्रभाव से भी आंकी जा सकेगी।

सरकार ने जिलों के बीच समन्वय, तिथिवार कार्ययोजना और मंत्रियों द्वारा नियमित समीक्षा पर विशेष जोर दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की तैयारियां महत्वपूर्ण रहेंगी।

मध्यप्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित सेवा-संकल्प अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने की तैयारी है। अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों से संबंधित उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, नवाचार और नागरिक भागीदारी जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है।

13 कार्यक्रमों की यह रूपरेखा गांव से लेकर शहर और पंचायत से लेकर युवाओं तथा स्कूलों तक विभिन्न वर्गों को जोड़ने का प्रयास करती है। वहीं 17 अक्टूबर का जनसेवक महाकुंभ अभियान का प्रमुख समापन कार्यक्रम होगा।

अब अभियान के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती इसकी व्यापक योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने की होगी। यदि प्रशासनिक समन्वय के साथ नागरिकों की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित होती है, तो सेवा-संकल्प अभियान को जनसंवाद और जनसेवा की गतिविधियों के बड़े मंच के रूप में विकसित किया जा सकता है।