बकरीद से पहले सिवनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 17 गौवंश मुक्त; 5 आरोपी गिरफ्तार,
जांच में जुटी पुलिस बकरीद पर थी गोहत्या की साजिश, नवागत पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई योजना विफल!
(अखिलेश दुबे)
सिवनी (साई)। मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में बकरीद पर्व से पहले पुलिस द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस ने कथित गौवंश वध और अवैध परिवहन से जुड़े मामले में कार्रवाई करते हुए 17 गौवंश को मुक्त कराया है। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुलिस ने 27,500 रुपये की कथित चंदा राशि, मोबाइल फोन और धारदार हथियार भी जब्त किए हैं।
सिवनी पुलिस का कहना है कि त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और गौवंश अपराधों पर “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया।
मुखबिर सूचना के बाद शुरू हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार 28 मई 2026 को बकरीद कानून-व्यवस्था ड्यूटी के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग कथित रूप से गौवंश की कुर्बानी के नाम पर धन एकत्र कर रहे हैं और अवैध गतिविधियों की योजना बनाई जा रही है।
सूचना के आधार पर एसडीओपी सिवनी सचिन परते के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति को टीपू सुल्तान चौक क्षेत्र के पास हिरासत में लिया। इसके बाद पूछताछ और मोबाइल फोन की जांच में कई जानकारियां सामने आने का दावा किया गया।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कथित रूप से गौवंश खरीद और परिवहन से जुड़े नेटवर्क की जानकारी मिली है।
दो अलग-अलग स्थानों से मुक्त कराए गए गौवंश
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो स्थानों से कुल 17 गौवंश मुक्त कराए। इनमें:
- ग्राम जटलापुर क्षेत्र से 7 गौवंश
- ग्राम जामुनपानी क्षेत्र से 10 गौवंश
बरामद किए गए पशुओं को सुरक्षित रूप से गौशाला भेजा गया है। पुलिस के अनुसार पशुओं को कथित रूप से रस्सियों से बांधकर रखा गया था और मौके पर पर्याप्त खाने-पीने की व्यवस्था नहीं मिली।
पशु चिकित्सकीय जांच और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं भी पूरी की जा रही हैं।
पांच आरोपियों की गिरफ्तारी
मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार गिरफ्तार व्यक्तियों में विभिन्न क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि:
- कुछ आरोपियों से पूछताछ जारी है
- कुछ आरोपियों का पुलिस रिमांड लिया गया है
- अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है
जांच एजेंसियां कथित वित्तीय लेनदेन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और अन्य संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं।
कथित चंदा राशि और अन्य सामग्री जब्त
पुलिस कार्रवाई के दौरान:
- 27,500 रुपये की कथित चंदा राशि
- 5 एंड्रॉयड मोबाइल फोन
- धारदार हथियार
- अन्य आपत्तिजनक सामग्री
जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस का दावा है कि बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल सामग्री से नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सकती है। साइबर और तकनीकी टीम भी इस मामले में सहयोग कर रही है।
विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
जांच अधिकारियों के अनुसार:
- सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है
- आरोपियों से पूछताछ जारी है
- बरामद साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है
- आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं
पुलिस ने कहा कि मामले की विवेचना तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।
बकरीद से पहले प्रशासन की बढ़ी सतर्कता
त्योहारों के दौरान संवेदनशील मामलों को देखते हुए प्रशासन ने जिले में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
इसके तहत:
- संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
- रात में वाहन चेकिंग तेज
- सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी
- सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ाई गई
- खुफिया सूचना तंत्र सक्रिय किया गया
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अवैध गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने जनता से की अपील
पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं गौवंश तस्करी या अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत डायल-112 या नजदीकी थाना को सूचना दें।
पुलिस के अनुसार:
- सूचनाकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी
- उपयोगी सूचना देने वालों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी
- कानून व्यवस्था बनाए रखने में जनता का सहयोग जरूरी है
इस अपील को पुलिस-जन सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सामाजिक संवेदनशीलता और प्रशासनिक चुनौती
गौवंश से जुड़े मामले कई क्षेत्रों में सामाजिक और धार्मिक रूप से संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है ताकि कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द दोनों बनाए रखे जा सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
- समय पर कार्रवाई तनाव की स्थिति को रोक सकती है
- अफवाहों पर नियंत्रण जरूरी है
- निष्पक्ष जांच सबसे महत्वपूर्ण पहलू है
- संवेदनशील मामलों में प्रशासनिक सतर्कता बढ़ जाती है
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा न करें।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ी चर्चा
इस कार्रवाई के बाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई ग्रामीणों ने पशु तस्करी और अवैध परिवहन पर स्थायी नियंत्रण की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि:
- रात में संदिग्ध वाहनों की निगरानी बढ़े
- गांवों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
- पशु चोरी और अवैध व्यापार पर रोक लगे
- स्थानीय स्तर पर सूचना नेटवर्क मजबूत हो
पशुपालन से जुड़े लोगों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों से अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण संभव हो सकता है।
पुलिस टीम की भूमिका की सराहना
इस पूरे अभियान में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की सराहना की जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कार्रवाई पूरी योजना और सतर्कता के साथ की गई।
कार्रवाई में एसडीओपी स्तर से लेकर थाना और फील्ड स्टाफ तक की टीम शामिल रही। पुलिस विभाग ने इसे समन्वित और त्वरित कार्रवाई बताया है।
जांच में और खुलासों की संभावना
पुलिस का कहना है कि अभी मामले की जांच प्रारंभिक चरण में है और आगे और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
सूत्रों के अनुसार जांच में:
- वित्तीय लेनदेन की पड़ताल
- संपर्क नेटवर्क की जांच
- डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण
- अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान
जैसे बिंदुओं पर फोकस किया जा रहा है।
यदि जांच में संगठित नेटवर्क के संकेत मिलते हैं तो मामला और व्यापक हो सकता है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि त्योहारों के दौरान शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून के दायरे में रहते हुए हर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और प्रशासन दोनों ने लोगों से सहयोग की अपील की है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या तनावपूर्ण स्थिति को रोका जा सके।
सिवनी जिले में बकरीद से पहले हुई पुलिस कार्रवाई ने कानून व्यवस्था और गौवंश अपराधों के खिलाफ प्रशासन के सख्त रुख को स्पष्ट किया है। 17 गौवंश को मुक्त कराना, पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित अवैध गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क की जांच इस मामले को गंभीर बना रही है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे संभव हैं। फिलहाल प्रशासन का फोकस शांति, कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर बना हुआ है।

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