(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)। मध्यप्रदेश में ई-रिक्शा की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए सरकार इंदौर मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने जा रही है। परिवहन विभाग ने नई नीति का ड्राफ्ट शासन को भेज दिया है। इसके तहत जिला कलेक्टर को रूट और संख्या तय करने का अधिकार मिलेगा। जबलपुर हाईकोर्ट में भी इस मामले पर सरकार को नोटिस जारी हुआ है। ई-रिक्शा की मनमानी से यातायात बाधित हो रहा है। इसके लिए सरकार अब ठोस नीति बना रही है।
ई-रिक्शा की मनमानी पर लगाम
मध्यप्रदेश में ई-रिक्शा बिना परमिट के मनमाने तरीके से चल रहे हैं। इसके लिए सरकार अब इंदौर मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने जा रही है।
परिवहन विभाग ने नई नीति का ड्राफ्ट शासन को भेज दिया है। इसके तहत जिला कलेक्टर को रूट और संख्या तय करने का अधिकार मिलेगा।
इंदौर मॉडल की विशेषता
इंदौर मॉडल के तहत जिला कलेक्टर को रूट और संख्या तय करने का अधिकार मिलेगा। इसके अलावा ई-रिक्शा के लिए परमिट जैसी शर्तें भी जोड़ी जाएंगी।
इससे संचालन में अनुशासन आएगा और बिना निगरानी के चल रहे ई-रिक्शा की संख्या पर भी नियंत्रण होगा।
ई-रिक्शा नियमन के मुख्य बिंदु
ई-रिक्शा नियमन के लिए सरकार ने कई मुख्य बिंदु तय किए हैं। इनमें रूट तय करना, संख्या तय करना, परमिट जैसी शर्तें शामिल हैं।
- ई-रिक्शा के लिए रूट तय करना
- ई-रिक्शा के लिए संख्या तय करना
- परमिट जैसी शर्तें शामिल करना
नई नीति के लाभ
नई नीति के लागू होने से ई-रिक्शा की मनमानी पर लगाम लगेगी। इसके अलावा यातायात बाधित होने की समस्या भी कम होगी।
सरकार को उम्मीद है कि नई नीति के लागू होने से ई-रिक्शा संचालन में अनुशासन आएगा और लोगों को सुविधा होगी। ई-रिक्शा नियमन के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। मध्य प्रदेश समाचार के अनुसार ई-रिक्शा नियमन के लिए सरकार ने कई मुख्य बिंदु तय किए हैं। परिवहन विभाग के अनुसार ई-रिक्शा नियमन के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं।

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