MP पुलिस सिपाही भर्ती में 0.34 अंक से चूका अभ्यर्थी, HC के आंसर की जांच के आदेश

मप्र में पुलिस सिपाही भर्ती 2025 के अंतिम रिजल्ट को जारी हुए तीन माह से ज्यादा हो गए हैं। लेकिन इसे लेकर अब हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ का अहम आदेश आया है। मेरिट में चयन से चूके एक उम्मीदवार की याचिका पर यह फैसला हुआ है। याचिकाकर्ता रतलाम के विजय राठौड़ ने यह मुद्दा उठाया। उनके अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने हाईकोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता केवल 0.34 अंक से मेरिट सूची से चूक गया।

(ब्यूरो कार्यालय)
इंदौर (साई)।
मप्र में पुलिस सिपाही भर्ती 2025 के अंतिम रिजल्ट को जारी हुए तीन माह से ज्यादा हो गए हैं। लेकिन इसे लेकर अब हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ का अहम आदेश आया है। मेरिट में चयन से चूके एक उम्मीदवार की याचिका पर यह फैसला हुआ है। याचिकाकर्ता रतलाम के विजय राठौड़ ने यह मुद्दा उठाया। उनके अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने हाईकोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता केवल 0.34 अंक से मेरिट सूची से चूक गया। इसके अलावा, यह 0.34 अंक की कमी ईएसबी की गलत आंसर की के चलते हुई। इसके चलते उन्हें जो अंक मिलने थे वह नहीं मिले। इसके चलते वह मेरिट सूची में नहीं आ सका और चयन से वंचित हो गया।

हाईकोर्ट का अहम आदेश

हाईकोर्ट में एमपीईबी की मेरिट सूची में भी उठे विवाद और इसमें अर्पित साहू केस में हुए आदेश को भी देखा गया। इसमें बेंच ने आंसर की पर आई आपत्ति को विशेषज्ञों से दिखाने और यदि इसमें बदलाव होता है तो फिर संशोधित मेरिट सूची जारी करने के लिए कहा था।

इस केस को देखते हुए हाईकोर्ट जस्टिस पवन कुमार द्विवेदी ने आदेश दिए कि याचिकाकर्ता सात दिन के भीतर आंसर की और सवाल को लेकर प्रेजेंटेशन दें। वहीं पक्षकार इस पर विशेषज्ञ कमेटी बनाकर इसे जांचे और एक माह के भीतर इस पर फैसला करें।

याचिकाकर्ता की याचिका

याचिकाकर्ता रतलाम के विजय राठौड़ ने यह मुद्दा उठाया। उनके अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने हाईकोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता केवल 0.34 अंक से मेरिट सूची से चूक गया। इसके अलावा, यह 0.34 अंक की कमी ईएसबी की गलत आंसर की के चलते हुई।

इसके चलते उन्हें जो अंक मिलने थे वह नहीं मिले। इसके चलते वह मेरिट सूची में नहीं आ सका और चयन से वंचित हो गया। इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हाईकोर्ट उनकी याचिका पर गौर करेगा और उन्हें न्याय मिलेगा।

MP Police Constable Recruitment की जांच

हाईकोर्ट ने आदेश दिए कि याचिकाकर्ता सात दिन के भीतर आंसर की और सवाल को लेकर प्रेजेंटेशन दें। वहीं पक्षकार इस पर विशेषज्ञ कमेटी बनाकर इसे जांचे और एक माह के भीतर इस पर फैसला करें। इसके अलावा, हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि आंसर की में कोई गलती पाई जाती है तो संशोधित मेरिट सूची जारी की जाएगी।

इसके अलावा, पुलिस भर्ती के लिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने अंकों की जांच करें और यदि उन्हें लगता है कि उन्हें गलत अंक मिले हैं तो वे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं। इसके अलावा, पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को तैयारी करनी चाहिए और उन्हें अपने अंकों की जांच करनी चाहिए।

निष्कर्ष

हाईकोर्ट के आदेश के बाद, याचिकाकर्ता को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा। इसके अलावा, यह मामला पुलिस भर्ती के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और उम्मीदवारों को अपने अंकों की जांच करनी चाहिए।

इसके अलावा, यह मामला यह भी दर्शाता है कि हाईकोर्ट उम्मीदवारों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए तैयार है। इसके अलावा, यह मामला पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और उम्मीदवारों को अपने अंकों की जांच करनी चाहिए।