मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 36 अधिकारियों को पदोन्नति, संयुक्त संचालक से लेकर एपीआरओ तक मिली नई जिम्मेदारी

मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए 36 अधिकारियों को विभिन्न उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है। विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की अनुशंसाओं के आधार पर जारी आदेश में संयुक्त संचालक से लेकर सहायक जनसंपर्क अधिकारी स्तर तक के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह निर्णय विभागीय कार्यकुशलता बढ़ाने, प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने तथा जनसंपर्क व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भोपाल से जारी हुआ महत्वपूर्ण पदोन्नति आदेश

(स्वाति खरे)

भोपाल (साई)। मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग में लंबे समय से प्रतीक्षित पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप देते हुए राज्य सरकार ने विभाग के विभिन्न स्तरों पर कार्यरत अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत करने के आदेश जारी कर दिए हैं। विभागीय पदोन्नति समिति (Departmental Promotion Committee-DPC) की अनुशंसाओं के आधार पर जारी इस आदेश में कुल 36अधिकारियों को संयुक्त संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक तथा सहायक जनसंपर्क अधिकारी स्तर से अगले उच्च पदों पर पदोन्नति प्रदान की गई है।

राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार सभी पदोन्नतियां अस्थायी एवं स्थानापन्न (Temporary and Officiating Basis) रूप से प्रभावी होंगी तथा ये मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विशेष अनुमति याचिका (SLP) में पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल सभी अधिकारी अपनी वर्तमान पदस्थापना वाले कार्यालय में ही उच्च पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे। नवीन पदस्थापना संबंधी आदेश पृथक से जारी किए जाएंगे।

विभागीय दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला

जनसंपर्क विभाग राज्य सरकार और आम जनता के बीच सूचना के आदान-प्रदान का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। शासन की योजनाओं, नीतियों, उपलब्धियों तथा विभिन्न विभागों की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी इसी विभाग पर होती है।

ऐसे में एक साथ इतने बड़े स्तर पर पदोन्नतियां केवल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि विभागीय नेतृत्व को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिलने से—

  • निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी।
  • जिला एवं संभागीय कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
  • शासन की योजनाओं के प्रचार-प्रसार में गति आएगी।
  • डिजिटल कम्युनिकेशन और मीडिया प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।
  • प्रशासनिक जवाबदेही में वृद्धि होगी।

चार स्तरों पर हुई पदोन्नतियां

राज्य शासन ने कुल चार अलग-अलग संवर्गों में पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं।

इनमें शामिल हैं—

  • संयुक्त संचालक से अपर संचालक
  • उप संचालक से संयुक्त संचालक
  • सहायक संचालक से उप संचालक
  • सहायक जनसंपर्क अधिकारी (APRO) से सहायक संचालक

इन चारों श्रेणियों में कुल 36अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है।

सबसे वरिष्ठ स्तर पर चार अधिकारी बने अपर संचालक

राज्य शासन ने चार संयुक्त संचालकों को पदोन्नत कर अपर संचालक जनसंपर्क बनाया है।

यह विभाग का वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर माना जाता है, जहां नीति निर्माण, विभागीय समन्वय तथा महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों की जिम्मेदारी होती है।

इन अधिकारियों को लेवल-15 के वेतनमान ₹1,23,100से ₹2,15,900 का लाभ मिलेगा।

आठ अधिकारियों को मिली संयुक्त संचालक की जिम्मेदारी

उप संचालक स्तर पर कार्यरत आठ अधिकारियों को संयुक्त संचालक बनाया गया है।

ये अधिकारी लंबे समय से संचालनालय तथा संभागीय कार्यालयों में विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा रहे थे। नई पदोन्नति के बाद विभागीय योजनाओं की मॉनिटरिंग, मीडिया समन्वय तथा प्रशासनिक कार्यों में इनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी।

इस पद का वेतनमान लेवल-14 के अंतर्गत ₹79,900से ₹2,11,700 निर्धारित है।

16अधिकारियों को मिला उप संचालक बनने का अवसर

इस पदोन्नति आदेश में सबसे अधिक लाभ सहायक संचालक संवर्ग को मिला है।

कुल 16अधिकारियों को उप संचालक पद पर पदोन्नत किया गया है।

ये अधिकारी भोपाल संचालनालय सहित नर्मदापुरम, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, सीहोर, दमोह, छिंदवाड़ा, सिवनी तथा अन्य जिलों एवं संभागीय कार्यालयों में कार्यरत रहे हैं।

इन अधिकारियों के अनुभव का उपयोग अब विभागीय प्रशासन के उच्च स्तर पर किया जाएगा।

एपीआरओ से सहायक संचालक बने आठ अधिकारी

सहायक जनसंपर्क अधिकारी (APRO) संवर्ग के आठ अधिकारियों को भी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

इन अधिकारियों ने जिला एवं संभागीय स्तर पर शासन की योजनाओं के प्रचार-प्रसार, मीडिया समन्वय, प्रेस विज्ञप्तियों के प्रकाशन तथा जनसंपर्क अभियानों के संचालन में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

अब इन्हें सहायक संचालक पद पर पदोन्नत कर विभाग के प्रशासनिक ढांचे में और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

पदोन्नति आदेश में क्या कहा गया है

सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार—

  • सभी अधिकारी तत्काल प्रभाव से अपने वर्तमान पद से भारमुक्त माने जाएंगे।
  • वे उसी कार्यालय में उच्च पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे।
  • नई पदस्थापना बाद में जारी होगी।
  • वेतन निर्धारण का विकल्प एक माह के भीतर देना होगा।
  • आदेश मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के नियम-13 के अंतर्गत लागू होगा।
  • यह संपूर्ण प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।

सभी पदोन्नत अधिकारियों की नामवार सूची

राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभिन्न संवर्गों में कुल 36अधिकारियों को पदोन्नति प्रदान की गई है। नीचे श्रेणीवार पूरी सूची दी जा रही है।

संयुक्त संचालक से अपर संचालक (लेवल-15)

इस श्रेणी में चार अधिकारियों को अपर संचालक जनसंपर्क के पद पर पदोन्नति दी गई है।

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Additional Dir

अधिकारी का नामवर्तमान पदस्थापना
श्री जी.एस. वाधवाजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री संजय जैनजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
सुश्री रश्मि देशमुखसंभागीय जनसंपर्क कार्यालय, रीवा
श्री संजय सक्सेनामध्यप्रदेश सूचना केन्द्र, नई दिल्ली

इन अधिकारियों को अब विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक स्तर पर कार्य करने का अवसर मिलेगा। अपर संचालक स्तर पर विभागीय नीतियों के क्रियान्वयन, प्रशासनिक निर्णय, मीडिया समन्वय तथा राज्यस्तरीय जनसंपर्क गतिविधियों की निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहती हैं।

उप संचालक से संयुक्त संचालक (लेवल-14)

इस श्रेणी में आठ अधिकारियों को संयुक्त संचालक बनाया गया है।

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Joint Dir

अधिकारी का नामवर्तमान पदस्थापना
श्री पंकज मित्तलजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री अशोक मनवानीजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री राजाराम पटेलजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री अवनीश सोमकुवरजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री राजेश कुमार बेनजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री घनश्याम सिरसामजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री अजय वर्माजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री लक्ष्मण सिंहसंभागीय जनसंपर्क कार्यालय, सागर

इन अधिकारियों को विभागीय संचालन, संभागीय समन्वय, मीडिया प्रबंधन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार की उच्च स्तरीय जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

सहायक संचालक से उप संचालक (लेवल-13)

इस बार सबसे अधिक 16अधिकारियों को उप संचालक पद पर पदोन्नति दी गई है।

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Deputy Dir

अधिकारी का नामवर्तमान पदस्थापना
श्री अरूण राठौरसंभागीय जनसंपर्क कार्यालय, नर्मदापुरम
श्रीमती बिन्दु सुनीलजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री मधु सोलापुरकरसंभागीय जनसंपर्क कार्यालय, ग्वालियर
श्रीमती बबीता मिश्राजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री आशीष कुमार शर्माजिला जनसंपर्क कार्यालय, छतरपुर
श्री आनंद जैनसंभागीय जनसंपर्क कार्यालय, जबलपुर
श्री दुर्गेश रायकवारजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री सुनील कुमार वर्माजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री पुष्पेंद्र वास्कलेसंभागीय जनसंपर्क कार्यालय, इंदौर
श्री देवेंद्र कुमार ओगारेजिला जनसंपर्क कार्यालय, सीहोर
श्री संतोष कुमार मिश्राजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री के.के. जोशीजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री शरीफ मोहम्मदजिला जनसंपर्क कार्यालय, दमोह
श्री अरूण शर्माजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
सुश्री नीलू सोनीजिला जनसंपर्क कार्यालय, छिंदवाड़ा
श्री राजेश परतेजिला जनसंपर्क कार्यालय, सिवनी

यह सूची बताती है कि पदोन्नति का लाभ केवल मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संभागीय और जिला स्तर पर कार्यरत अधिकारियों को भी समान अवसर प्रदान किया गया है।

सहायक जनसंपर्क अधिकारी (APRO)से सहायक संचालक (लेवल-12)

इस श्रेणी में आठ अधिकारियों को सहायक संचालक के पद पर पदोन्नत किया गया है।

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Ass Dir

अधिकारी का नामवर्तमान पदस्थापना
श्री राजेश कुमार पाण्डेयजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री संदीप कपूरजनसंपर्क संचालनालय, भोपाल
श्री महिपाल अजयसंभागीय जनसंपर्क कार्यालय, इंदौर
श्री बृजेंद्र कुमार शर्माजिला जनसंपर्क कार्यालय, खंडवा
श्री उमेश चंद्र तिवारीसंभागीय जनसंपर्क कार्यालय, रीवा
श्री गजेंद्र कुमार द्विवेदीसंभागीय जनसंपर्क कार्यालय, शहडोल
श्री सुरेंद्र कुमार तिवारीजिला जनसंपर्क कार्यालय, हरदा
श्री जगदीश चंद्र मालवीयजिला जनसंपर्क कार्यालय, आगर-मालवा

इन अधिकारियों को जिला और संभागीय स्तर पर लंबे अनुभव के आधार पर विभागीय नेतृत्व में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।

वेतनमान में भी होगा लाभ

पदोन्नति के साथ अधिकारियों को उच्च वेतनमान का लाभ भी मिलेगा।

पदवेतनमान
अपर संचालक₹1,23,100 – ₹2,15,900 (लेवल-15)
संयुक्त संचालक₹79,900 – ₹2,11,700 (लेवल-14)
उप संचालक₹67,300 – ₹2,06,900 (लेवल-13)
सहायक संचालक₹56,100 – ₹1,77,500 (लेवल-12)

शासन ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश

पदोन्नति आदेश के साथ राज्य शासन ने सभी अधिकारियों के लिए आवश्यक प्रशासनिक निर्देश भी जारी किए हैं।

इनके अनुसार—

  • सभी अधिकारी तत्काल प्रभाव से उच्च पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे।
  • फिलहाल वर्तमान पदस्थापना वाले कार्यालय में ही कार्य करेंगे।
  • नई पदस्थापना के आदेश अलग से जारी होंगे।
  • मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के नियम-13 के तहत प्रत्येक अधिकारी को आदेश प्राप्ति की तिथि से एक माह के भीतर वेतन निर्धारण का विकल्प प्रस्तुत करना होगा।
  • सभी पदोन्नतियां सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विशेष अनुमति याचिका (SLP) के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी।

प्रशासनिक दृष्टि से क्या होंगे प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पदोन्नति केवल कर्मचारियों के कैरियर विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि विभागीय प्रशासन को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

संभावित प्रभाव—

  • अनुभवी अधिकारियों को नेतृत्व मिलेगा।
  • जिला और संभागीय कार्यालयों में निर्णय प्रक्रिया तेज होगी।
  • मीडिया समन्वय और सूचना प्रबंधन मजबूत होगा।
  • शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार अधिक प्रभावी होगा।
  • प्रशासनिक उत्तरदायित्व और कार्यकुशलता में सुधार होगा।

कर्मचारियों में उत्साह

एक साथ इतने बड़े स्तर पर हुई पदोन्नतियों से विभागीय कर्मचारियों में सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद है। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने से मनोबल बढ़ेगा तथा विभाग में कार्य संस्कृति को भी बल मिलेगा।

आदेश किसने जारी किया

यह पदोन्नति आदेश राज्यपाल के नाम से जनसंपर्क विभाग के उप सचिव डॉ. कैलाश बुन्देला द्वारा जारी किए गए हैं।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा जनसंपर्क विभाग में जारी किया गया यह व्यापक पदोन्नति आदेश विभागीय प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। संयुक्त संचालक से लेकर सहायक जनसंपर्क अधिकारी स्तर तक कुल 36अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नति देकर सरकार ने अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

आदेश के अनुसार सभी अधिकारी फिलहाल अपनी वर्तमान पदस्थापना पर ही उच्च पद का कार्यभार संभालेंगे, जबकि नई पदस्थापना के आदेश बाद में जारी किए जाएंगे। साथ ही यह पूरी प्रक्रिया मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 तथा सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विशेष अनुमति याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।

प्रशासनिक दृष्टि से यह निर्णय विभाग की कार्यकुशलता, जवाबदेही, सूचना प्रबंधन और शासन की जनसंपर्क व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई जिम्मेदारियों के साथ इन अधिकारियों से विभाग के प्रभावी संचालन और जनहित में बेहतर संचार व्यवस्था की अपेक्षा की जा रही है।