(ब्यूरो कार्यालय)
आयोध्या (साई)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर दान चोरी मामले पर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि यह घटना भक्तों की आस्था को गहरी चोट पहुंचाती है। योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि विपक्ष इस मामले का उपयोग राम जन्मभूमि और आयोध्या को बदनाम करने के लिए कर रहा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट एक स्वतंत्र निकाय है और सरकार को इसके मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। ट्रस्ट ने जांच का अनुरोध किया और राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया। जैसे ही एसआईटी की रिपोर्ट आई, कार्रवाई शुरू की गई।
राम मंदिर दान चोरी मामले में योगी आदित्यनाथ का बयान
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट एक स्वतंत्र निकाय है और सरकार को इसके मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने जांच का अनुरोध किया और राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया। जैसे ही एसआईटी की रिपोर्ट आई, कार्रवाई शुरू की गई।
विपक्ष का आरोप – राम मंदिर दान चोरी मामले का उपयोग बदनामी के लिए
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष इस मामले का उपयोग राम जन्मभूमि और आयोध्या को बदनाम करने के लिए कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यह घटना भक्तों की आस्था को गहरी चोट पहुंचाती है और इसका उपयोग बदनामी के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
राम मंदिर दान चोरी मामले में एसआईटी की जांच और कार्रवाई
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एसआईटी की जांच में यह पाया गया कि राम मंदिर दान चोरी मामले में आठ लोग शामिल थे।
उन्होंने कहा कि इन आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। राम मंदिर दान चोरी मामले में और भी जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं।
- राम मंदिर दान चोरी मामले में आठ लोग शामिल थे।
- इन आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।
- एसआईटी की जांच में यह पाया गया कि राम मंदिर दान चोरी मामले में ट्रस्ट के दो सदस्य शामिल थे।
राम मंदिर दान चोरी मामले के परिणाम और आगे की कार्रवाई
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर दान चोरी मामले के परिणामस्वरूप ट्रस्ट के दो सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने कहा कि यह घटना भक्तों की आस्था को गहरी चोट पहुंचाती है और इसका उपयोग बदनामी के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश समाचार और आयोध्या समाचार के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं।

कर्नाटक की राजधानी बंग्लुरू में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो के रूप में कार्यरत श्वेता यादव ने नई दिल्ली के एक ख्यातिलब्ध मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट से पोस्ट ग्रेजुएशन की उपाधि लेने के बाद वे पिछले लगभग 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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