(ब्यूरो कार्यालय)
इंदौर (साई)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बीच राजनीतिक नजदीकी देखी गई, मुख्यमंत्री ने कैलाश विजयवर्गीय को कैलाशजी भाईसाहब कहकर संबोधित किया, प्रह्लाद पटेल को भी प्रह्लाद जी भाईसाहब कहते सुनाई दिए, सीएम बोले- इन दोनों मंत्रियों की जोड़ी राजनीति में राम और लक्ष्मण की जोड़ी है, माना जा रहा है कि मंच पर संगठन मंत्री व अध्यक्ष दोनों थे, लिहाजा वरिष्ठता का अहसास मुख्यमंत्री के संबोधन में भी दिखा
राजनीतिक मंच पर उपमाएं और व्यंग्य
मेजबान के रूप में मौजूद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की तुलना कांग्रेस के नेता रहे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से कर दी
महापौर पुष्यमित्र भार्गव व्यस्त रहते हैं इसलिए बैठकों में नहीं आ पाते, महापौर को यह भी कहा कि अगले वर्ष चैन से रहना है तो हर घर में वाटर हार्वेस्टिंग करवाइए
मुख्यमंत्री के संबोधन में वरिष्ठता का अहसास
मुख्यमंत्री ने विजयवर्गीय को कैलाशजी भाईसाहब कहकर संबोधित किया, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय को भतीजा कहकर पुकारा, प्रह्लाद पटेल को भी प्रह्लाद जी भाईसाहब कहते सुनाई दिए
सीएम बोले- इन दोनों मंत्रियों की जोड़ी राजनीति में राम और लक्ष्मण की जोड़ी है, माना जा रहा है कि मंच पर संगठन मंत्री व अध्यक्ष दोनों थे, लिहाजा वरिष्ठता का अहसास मुख्यमंत्री के संबोधन में भी दिखा
राजनीतिक जोड़ी की तुलना राम-लक्ष्मण से
मुख्यमंत्री ने मंत्री तुलसी सिलावट को तुलसी भैया व सांसद शंकर लालवानी को हर-हर शंकर, जय-जय शंकर कहकर संबोधित किया
यही वजह है कि राजनीतिक जोड़ी की तुलना राम-लक्ष्मण से की जा रही है, दरअसल, राम-लक्ष्मण की जोड़ी भी राजनीति में एक मिसाल है
- मुख्यमंत्री ने कैलाश विजयवर्गीय को कैलाशजी भाईसाहब कहकर संबोधित किया
- प्रह्लाद पटेल को भी प्रह्लाद जी भाईसाहब कहते सुनाई दिए
- सीएम बोले- इन दोनों मंत्रियों की जोड़ी राजनीति में राम और लक्ष्मण की जोड़ी है
राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव
मध्य प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव देखा जा रहा है, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं
हालांकि, यह बदलाव राजनीतिक दलों के लिए एक बड़ा अवसर हो सकता है, इसके लिए उन्हें अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा, मध्य प्रदेश समाचार के अनुसार, राजनीतिक दलों को अपनी नीतियों में बदलाव करना होगा