(ब्यूरो कार्यालय)
इंदौर (साई)। इंदौर विकास प्राधिकरण ने शहर को एक और बड़ा हरित क्षेत्र देने की तैयारी में है, सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद स्कीम-97 में मिली जमीन में से 40 हेक्टेयर क्षेत्र को सिटी फॉरेस्ट के लिए आरक्षित किया गया है, जहां करीब 2.5 लाख पौधे लगाए जाएंगे और यह सिटी फॉरेस्ट शहर के बीच एक बड़े ‘ऑक्सीजन हब’ के रूप में विकसित होगा, इसके अलावा आसपास की कॉलोनियों के लोगों के लिए आधुनिक गार्डन भी विकसित किया जाएगा, यहां वॉकिंग ट्रैक, ओपन जिम और बच्चों के लिए झूले लगाए जाएंगे, ताकि लोग प्रकृति के बीच समय बिता सकें, इसके विपरीत पौधों के बेहतर विकास और अधिक जीवित रहने की संभावना को देखते हुए इस बार वन विभाग या नगर निगम की छोटी पौध के बजाय निजी नर्सरी से 6 से 7 फीट ऊंचे पौधे लगाए जाएंगे
सिटी फॉरेस्ट की परियोजना
इंदौर विकास प्राधिकरण ने शहर को एक और बड़ा हरित क्षेत्र देने की तैयारी में है, सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद स्कीम-97 में मिली जमीन में से 40 हेक्टेयर क्षेत्र को सिटी फॉरेस्ट के लिए आरक्षित किया गया है
इसके अलावा आसपास की कॉलोनियों के लोगों के लिए आधुनिक गार्डन भी विकसित किया जाएगा, यहां वॉकिंग ट्रैक, ओपन जिम और बच्चों के लिए झूले लगाए जाएंगे, ताकि लोग प्रकृति के बीच समय बिता सकें
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम
यह सिटी फॉरेस्ट शहर के बीच एक बड़े ‘ऑक्सीजन हब’ के रूप में विकसित होगा और पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा, इसके विपरीत पौधों के बेहतर विकास और अधिक जीवित रहने की संभावना को देखते हुए इस बार वन विभाग या नगर निगम की छोटी पौध के बजाय निजी नर्सरी से 6 से 7 फीट ऊंचे पौधे लगाए जाएंगे
सिटी फॉरेस्ट में नीम, पीपल, बरगद, जामुन और आम सहित 20 से अधिक पारंपरिक प्रजातियों के करीब 2.5 लाख पौधे रोपे जाएंगे, परियोजना के एक विशेष हिस्से में उन दुर्लभ वृक्ष प्रजातियों का संरक्षण किया जाएगा, जो धीरे-धीरे जंगलों से समाप्त होती जा रही हैं
city forest की विशेषताएं
इस सिटी फॉरेस्ट में मियावाकी तकनीक अपनाई जाएगी, जिससे महज 3 से 4 वर्षों में घना जंगल तैयार हो सकेगा, इसके अलावा यहां वॉकिंग ट्रैक, ओपन जिम और बच्चों के लिए झूले लगाए जाएंगे, ताकि लोग प्रकृति के बीच समय बिता सकें
- सिटी फॉरेस्ट में 2.5 लाख पौधे लगाए जाएंगे
- मियावाकी तकनीक अपनाई जाएगी
- वॉकिंग ट्रैक, ओपन जिम और बच्चों के लिए झूले लगाए जाएंगे
भविष्य की योजनाएं
भविष्य में इस क्षेत्र को ईको-टूरिज्म और नेचर ट्रेल के रूप में भी विकसित करने की योजना है, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के लिए भी काम किया जाएगा, आप सिटी फॉरेस्ट और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं