(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)। शनिवार, 26 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल विकास योजना‑2047 के ड्राफ्ट को आधिकारिक रूप से जारी किया। यह मास्टर प्लान शहर के प्राकृतिक संसाधनों—भोजताल, वन क्षेत्र और बाघ भ्रमण क्षेत्र—की रक्षा के साथ साथ बेहतर सुविधाएँ, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। योजना के प्रकाशन पर नागरिकों को आपत्ति एवं सुझाव देने का आमंत्रण दिया गया, जिससे सार्वजनिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिला।
योजना के मुख्य बिंदु
ड्राफ्ट में चार प्रमुख स्तंभ रखे गए हैं: (1) प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र का संरक्षण, जिसमें जल‑स्रोत, वन और वन्यजीव आवास की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। (2) आधुनिक दृष्टिकोण एवं नागरिक‑हितैषी नियोजन, जिसमें स्मार्ट सिटी तकनीक, डिजिटल सेवाएँ और सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को सुदृढ़ किया गया है। (3) सुधारोन्मुख एवं परिवर्तनकारी नियोजन, जहाँ टेण्डर‑ड्रिवेन‑रिवेन्यू (TDR) के माध्यम से हरित क्षेत्र में भूमि‑स्वामियों को क्षतिपूर्ति और विकासकर्ताओं को अतिरिक्त विकास अधिकार प्रदान किए जाएंगे। (4) आत्मनिर्भर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना, जिससे स्थानीय उद्योग, स्टार्ट‑अप और रोजगार सृजन को गति मिलेगी। योजना में हरित TDR का विस्तृत प्रावधान है, जिससे हरित क्षेत्र में भूमि‑स्वामियों को उचित मुआवजा और विकासकर्ताओं को नियोजित भूमि पर अतिरिक्त निर्माण की सुविधा मिलती है।
सुरक्षा एवं पर्यावरणीय पहल
मास्टर प्लान में पर्यावरणीय सुरक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। जल‑स्रोत संरक्षण, वायु गुणवत्ता सुधार और कचरा प्रबंधन के लिए नवीन तकनीक अपनाई जाएगी। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों में हरित आवरण बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण कार्यक्रम और साइकिल‑लेन जैसी सतत् मोबिलिटी विकल्पों को लागू किया जाएगा। योजना के तहत स्मार्ट सेंसर्स और डेटा‑एनालिटिक्स का उपयोग करके ट्रैफ़िक, ऊर्जा और जल उपयोग की निरंतर निगरानी की जाएगी, जिससे शहर की सुरक्षा और जीवन गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
खबर के प्रमुख बिंदु
• कंपनी: भोपाल विकास योजना‑2047 (मास्टर प्लान)
• आयोजन: ड्राफ्ट का सार्वजनिक प्रकाशन
• स्थान: भोपाल
• मुख्य उद्देश्य: प्राकृतिक धरोहर संरक्षण, हरित TDR, आधुनिक बुनियादी ढांचा, आर्थिक सशक्तिकरण
• प्रमुख संकल्प/घोषणाएं: हरित‑समृद्ध‑विकसित शहर, नागरिक‑हितैषी नियोजन, सार्वजनिक भागीदारी
• लक्ष्य: 2047 तक सतत्, समावेशी और आत्मनिर्भर शहर
ड्राफ्ट के जारी होने से भोपाल को 2047 तक एक हरित, समृद्ध और विकसित महानगर बनाने की दिशा में ठोस कदम मिला है। निरंतर सार्वजनिक सहभागिता, आधुनिक तकनीक का एकीकरण और पर्यावरण‑सुरक्षा उपायों के साथ योजना का कार्यान्वयन शहर की संचालन क्षमता को बढ़ाएगा और दीर्घकालिक सतत् विकास को सुदृढ़ करेगा।