(ब्यूरो कार्यालय)
रीवा (साई)। देश की आर्थिक मजबूती और सामाजिक समृद्धि का मार्ग स्वदेशी अभियान से होकर गुजरता है। यह बात मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा में आयोजित कला उत्सव को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जब हम स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करेंगे तो न केवल स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को लाभ मिलेगा बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
स्वदेशी अभियान – आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
स्वदेशी अभियान केवल एक विचार नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम है।
- इससे देश का पैसा भारत में ही रहेगा।
- स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा।
- छोटे कारीगरों और महिला उद्यमियों को पहचान और आय का साधन प्राप्त होगा।
श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी देशवासियों से आह्वान किया है – “स्वदेशी अपनाओ, राष्ट्र भक्त कहलाओ।”
कला उत्सव – स्वदेशी का मंच
रीवा में पिछले पांच वर्षों से आयोजित हो रहा कला उत्सव आज एक बड़ा सामाजिक और आर्थिक आंदोलन बन गया है।
- यहां पर स्थानीय हस्तशिल्प, लोककला, परंपरागत आभूषण और गृह सज्जा की वस्तुएँ प्रदर्शित होती हैं।
- यह आयोजन केवल एक शॉपिंग फेस्टिवल नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण और शिक्षा से जुड़ा अभियान भी है।
महिला उद्यमियों की भागीदारी
इस वर्ष के आयोजन में 100 से अधिक महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
- ड्रेस, ज्वेलरी, होम डेकोर, गिफ्ट्स और हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित किए गए।
- महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक पहचान मिली।
- इससे स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर भी उत्पन्न हुए।
सामाजिक सरोकार और शिक्षा में योगदान
कला उत्सव से प्राप्त आय को अंकुर पाठशाला के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा पर खर्च किया जाएगा।
- सचिव सोनाली श्रीवास्तव ने बताया कि इस आयोजन ने न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी को भी निभाया है।
- शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और स्वदेशी आंदोलन को बढ़ावा देने में यह उत्सव महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
स्वच्छ भारत, स्वच्छ रीवा अभियान से जुड़ा आयोजन
इस वर्ष का आयोजन सेवा पखवाड़ा के तहत स्वच्छ भारत – स्वच्छ रीवा अभियान से जोड़ा गया।
- इसका उद्देश्य था कि समाज में स्वच्छता, स्वास्थ्य और स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूकता बढ़े।
- नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पांडेय सहित कई गणमान्य जन इसमें उपस्थित रहे।
चुनरी यात्रा – आस्था और सामाजिक समरसता का संगम
नवरात्रि पर्व पर रीवा में आयोजित चुनरी यात्रा में भी उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल शामिल हुए।
- 51 मीटर लंबी चुनरी यात्रा कोठी कंपाउंड स्थित शंकर जी मंदिर से प्रारंभ होकर रानी तालाब स्थित माँ कालिका मंदिर में संपन्न हुई।
- भक्तों ने सामूहिक रूप से माता को चुनरी अर्पित की।
- उप मुख्यमंत्री ने मनकामेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना और कन्या पूजन भी किया।
इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और धर्म-संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री के आह्वान से जुड़ा प्रयास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए जा रहे अभियानों जैसे आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल को रीवा का यह कला उत्सव प्रत्यक्ष रूप से आगे बढ़ा रहा है।
यह उत्सव केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा बल्कि अब इसकी पहचान पूरे विंध्य क्षेत्र और उससे आगे तक फैल चुकी है।
भविष्य की दिशा
श्री शुक्ल ने कहा कि आने वाले वर्षों में स्वदेशी अभियान को और व्यापक बनाने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर कार्य करना होगा।
- स्थानीय बाजारों में स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।
- हस्तशिल्प और लोककला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई जाएगी।
- शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के जरिए समाज को नई दिशा दी जाएगी।
निष्कर्ष
रीवा का कला उत्सव और उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल का संदेश यह स्पष्ट करता है कि स्वदेशी अभियान भारत की सशक्तिकरण यात्रा का आधार है।
यह आयोजन केवल आर्थिक मजबूती का साधन नहीं बल्कि संस्कृति, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण का भी वाहक है।
भविष्य में यदि हर नागरिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग बढ़ाए, तो न केवल भारत आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि विश्व पटल पर मजबूत और आत्मगौरवशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा।